Apna Kaha

Apna Kaha Crime Control & Reform CRO Team All India.

12/05/2026

प्रिय बॉलीवुड अभिनेता Salim Diwan का जन्मदिन पर ढेरों बधाई।

किसी तीसरे की क्या औकात की रिश्ता खत्म कर दे , रिश्ता खत्म तब होता है , जब कोई अपना बेईमान हो जाए।
10/05/2026

किसी तीसरे की क्या औकात की रिश्ता खत्म कर दे , रिश्ता खत्म तब होता है , जब कोई अपना बेईमान हो जाए।

10/05/2026

आज दिनांक 10 मई सुबह 10 बजे दिन में सकरा प्रखंड अंतर्गत कटेश्वर पंचायत में मोहनपुर घाट पुल की मांग को लेकर बिहार विकास संघर्ष समिति मुजफ्फरपुर के व्यवस्थापक श्री शंकर चौधरी व संयोजक श्री राजाराम ने ग्रामीणों के साथ बैठक किया। जिसमे सर्वसम्मति से समाज के सभी सम्मानित जनता ने भाग लेकर समस्याओं से अवगत कराया। संगठन के अध्यक्ष श्री कृष्णदेव पासवान ने कहा कि आगामी 15 मई सुबह 10 बजे से प्रखंड सकरा में प्रखंड विकास अधिकारी एवं अंचलाधिकारी के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा तथा विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

Vladimir Lenin की मूर्ति तोड़ना सिर्फ एक प्रतिमा को गिराना नहीं, बल्कि मेहनतकश जनता की चेतना और साम्राज्यवाद विरोधी विचा...
09/05/2026

Vladimir Lenin की मूर्ति तोड़ना सिर्फ एक प्रतिमा को गिराना नहीं, बल्कि मेहनतकश जनता की चेतना और साम्राज्यवाद विरोधी विचारों पर हमला है।
पश्चिम बंगाल में लेनिन की मूर्तियां तोड़ने वाले वही लोग हैं, जो कहते हैं कि “भारत में लेनिन की मूर्ति का क्या काम?”
असल सवाल मूर्ति का नहीं, विचारों का है।
हर व्यक्ति किसी न किसी वर्गीय विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है। विचार किसी धर्म, जाति या क्षेत्र का नहीं होता, बल्कि किसी वर्ग का होता है।
जिस तरह अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति से हिन्दू-मुसलमानों को बांटकर शासन किया, उसी तरह आज भी जनता को धर्म और नफरत में उलझाकर असली मुद्दों — बेरोजगारी, महंगाई, मजदूर शोषण और पूंजीपतियों की लूट — से भटकाया जाता है।
लेनिन दुनिया के मेहनतकशों, मजदूरों और शोषितों की आवाज थे। उन्होंने साम्राज्यवाद और पूंजीवादी लूट के खिलाफ संघर्ष का रास्ता दिखाया। इसलिए साम्राज्यवाद, पूंजीवाद समर्थक ताकतें आज भी उनके विचारों से डरती हैं।
उनकी मूर्तियां तोड़ी जा सकती है, लेकिन विचार नहीं।
लेनिन का विचार हर उस जागरूक मजदूर, किसान और गरीब इंसान में जिंदा है, जो शोषण के खिलाफ लड़ने का साहस रखता है।
आज जरूरत मूर्तियों की नहीं, बल्कि मेहनतकश जनता की चेतना जगाने की है —
ताकि मजदूर अपनी ताकत पहचान सके और शोषण के खिलाफ संगठित होकर लड़ सके।
संजय वैश्य, समाजवादी
संयोजक नौजवान भारत सभा रोहतास, साबिर हुसैन जिला कार्यकारिणी सदस्य नौजवान भारत सभा मुजफ्फरपुर।

नहीं रहें सुप्रसिद्ध लोक गायक रामबिलास पासवानसुप्रसिद्ध लोक गायक रामबिलास पासवान के निधन पर शोक आज दिनांक 8.05.2026 शुक्...
08/05/2026

नहीं रहें सुप्रसिद्ध लोक गायक रामबिलास पासवान

सुप्रसिद्ध लोक गायक रामबिलास पासवान के निधन पर शोक

आज दिनांक 8.05.2026 शुक्रवार को मालीघाट में
सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन के सचिव सुनील कुमार ने लोक गायक रामबिलास पासवान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि छिटभगवतीपुर अहियापुर निवासी प्रसिद्ध लोक गायक रामबिलास पासवान गांव जवार, टोले मोहल्ले में 50 वर्षो से ऊपर कला की सेवा करते हुए अपने लोक गायन से प्रसिद्धि प्राप्त की. विशेष तौर पर उन्हें कीर्तन के लिए बुलाया जाता था.सोहर, झूमर, निर्गुण एवं कीर्तन गायन में विशेषज्ञता हासिल करने वाले
रामबिलास पासवान 7 मई गुरुवार को सदर अस्पताल मुजफ्फरपुर में अंतिम सांसे ली. लोक कलाकार विकाश कुमार ने शोक व्यक्त करते हुए बताया की 75 वर्षीय गायक रामबिलास पासवान के कंठ में साक्षात् सरस्वती का निवास था.शांति सेना मुजफ्फरपुर के संयोजक सोनू सरकार,परफेक्ट सोलुशन सोसाइटी के सचिव अनिल कुमार ठाकुर, सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी, चाइल्डसेफ़ के सचिव जयचंद्र कुमार, अमन चिल्ड्रेन स्कूल की प्राचार्य बबिता ठाकुर, कठपुतली कलाकार कांता देवी,संरचना आर्ट थिएटर के सचिव सुधीर कुमार,नव संचेतन के प्रमोद आज़ाद
समाजवादी नेता विनय कुमार निषाद, तबला वादक आदित्य सुमन,
लोक कलाकार विकाश कुमार, लोक गायक संजय यादव, सामाजिक कार्यकर्त्ता विक्रम जय नारायण निषाद, चित्रकार मुकेश सोना, नाट्य निर्देशक अजय शर्मा,संस्कृतिकर्मी बैजू कुमार, प्रोफेसर संतोष सारंग,डॉ. सुमन वृक्ष, विजय साह,हेमनारायण विश्वकर्मा, अशोक शर्मा, अमित कुमार चिराग पोद्दार
रामशंकर पासवान, बिहार विकास संघर्ष समिति के मिडिया प्रभारी शाबिर हुसैन, राकेश पटेल, संगीतज्ञ अरबिन्द कुमार, पंकज कुमार, मृत्युंज्य कुमार
ने लोक गायक रामबिलास पासवान के निधन पर शोक व्यक्त की।

*विधानसभा चुनावों के परिणामों पर*अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम एक बार फिर फासीवादी ताकतों की बढ़त को रो...
07/05/2026

*विधानसभा चुनावों के परिणामों पर*

अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम एक बार फिर फासीवादी ताकतों की बढ़त को रोकने के लिए उग्र जन आंदोलनों के निर्माण के महत्व को रेखांकित करते हैं। ये परिणाम दिखाते हैं कि आरएसएस-भाजपा दक्षिण भारतीय राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने में विफल रही, जबकि पूर्वी भारत के राज्यों में उसे उल्लेखनीय चुनावी सफलता मिली है। आरएसएस-भाजपा ने असम में बड़ी जीत हासिल की है और पश्चिम बंगाल में सत्ता में आई है, एक ऐसा राज्य जहां जीत के लिए उसने सभी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया और संवैधानिक मानदंडों को कमजोर किया। इन चुनावों के परिणाम, विशेषकर पश्चिम बंगाल में आरएसएस-भाजपा की जीत, राष्ट्रीय परिस्थिति पर महत्वपूर्ण असर डालेंगे और कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों तथा संघर्षरत शक्तियों के सामने आने वाले कार्यों को प्रभावित करेंगे।

पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के लिए, मतदाता सूची से लगभग 90 लाख लोगों को हटा दिया गया, जिनमें 27 लाख ऐसे लोग शामिल थे जिनके नाम मतदाता सूची में थे लेकिन ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के नाम पर उन्हें मतदान से रोका गया। यह स्पष्ट रूप से एक चुनावी विसंगति है और इस मताधिकार से वंचित करने पर सर्वोच्च न्यायालय की निष्क्रियता ने इसे संवैधानिक विसंगति बना दिया है। कुल मिलाकर लगभग 12% मतदाताओं को सूची से हटा दिया गया। यह दो मुख्य दावेदारों—भाजपा और टीएमसी—के बीच वोटों के अंतर (लगभग 5%) से दोगुने से भी अधिक है। एसआईआर के तहत बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने ने भाजपा के ‘घुसपैठ’ के प्रचार को भी मदद दी, जिससे साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण किया गया। इसके अलावा, टीएमसी सरकार की जनविरोधी नीतियों से लोगों में बढ़ती निराशा ने भी आरएसएस-भाजपा को चुनाव में लाभ पहुंचाया। पश्चिम बंगाल के लोगों, विशेषकर मध्य वर्ग के बीच अभया के लिए न्याय के आंदोलन में बड़े पैमाने पर लामबंदी हुई, लेकिन इस आंदोलन को आगे न बढ़ा पाने से आरएसएस-भाजपा को इसका फायदा उठाने का मौका मिला। इस आंदोलन ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे के साथ-साथ विभिन्न सरकारी क्षेत्रों में चल रहे भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को भी उजागर किया।

असम में आरएसएस-भाजपा अपना चुनावी वर्चस्व बनाए रखने में सफल रही क्योंकि संसदीय विपक्ष जन मुद्दों पर प्रभावी आंदोलन खड़ा करने में विफल रहा और इस उम्मीद में रहा कि जनता उसे सत्ता में लाएगी, एक उम्मीद जो राज्य दर राज्य टूटती जा रही है। असम में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन ने भी भूमिका निभाई, लेकिन मुख्य कारण संसदीय विपक्ष की विफलता है।

तमिलनाडु में आरएसएस-भाज

नाट्य संस्था सबेरा द्वारा 7 दिवसीय प्रस्तुति परक नाट्य कार्यशाला में "बोल जमुरे बोल" नाटक की हुई प्रस्तुति सबेरा जन उत्थ...
05/05/2026

नाट्य संस्था सबेरा द्वारा 7 दिवसीय प्रस्तुति परक नाट्य कार्यशाला में "बोल जमुरे बोल" नाटक की हुई प्रस्तुति

सबेरा जन उत्थान सामाजिक संस्थान द्वारा आयोजित नाट्य कार्यशाला
आज दिनांक 05.05.2026 मंगलवार को सबेरा जन उत्थान सामाजिक संस्थान,पटना द्वारा आदर्श रा. उ. मध्य विद्यालय बी. एम. पी. कम्पाउण्ड, मालीघाट, मुजफ्फरपुर में 7 दिवसीय प्रस्तुति परक नाट्य कार्यशाला में बच्चों द्वारा तैयार नाटक "बोल जमुरे बोल" प्रस्तुत की गई. बोल जमुरे बोल नाटक के माध्यम से बाल विवाह को समाप्त करने की बात दिखाई गई नाटक में मुख्य भूमिका में आर्यन कुमार :-जमुरा,
चांदनी कुमारी:- मदारी,
सलोनी कुमारी :-किलकारी रानी,
एम डी जैन:- अख़बार वाला,
प्रियंका:- परी, महिला की भूमिका में दिखाई दी.
कार्यशाला के निदेशक एवं कठपुतली विशेषज्ञ श्री सुनील कुमार द्वारा नाट्य संस्था सबेरा द्वारा 7 दिवसीय प्रस्तुति परक नाट्य कार्यशाला में रंगमंच में व्यवहार होने वाले मुद्राओं, उनके महत्व, पर्सनालिटी डेवलपमेंट,वॉइस माड्यूलेशन के संबंध में अभ्यास करया एवं आम जीवन में व्यवहार में कैसे उपयोग में लाएं इस पर प्रकाश डाला गया. बच्चों को विलुप्त हो रही अपने रंगमंचीय कला के महत्व से अवगत कराने पर प्रकाश डाला. नाट्य विधा से स्नातकोत्तर संस्था सचिव सुजीत कुमार द्वारा बच्चों को नाट्य विधा के महत्व से अवगत कराया गया एवं उन्हें निरंतर व्यवहार में लाने की सलाह दी ताकि उनका व्यक्तिगत विकास आसानी पूर्वक हो और समाज में वह अन्य व्यक्तियों से अलग दिखे इसके लिए निरंतर रंगमंच से जोड़ने को प्रोत्साहित किया साथ ही साथ अपने पाठ्यक्रम के साथ अच्छे लेखकों एवं महान व्यक्तियों के जीवनी से रूबरू होने की भी अनुशंसा की ताकि उनके अनुभव को आत्मसात करने राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सके। साथ ही स्कूल के प्रधानाचार्य महोदय कृष्ण कुमार ने भी बच्चों को रंगमंच की दिशा में उत्साहित देखकर उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप रंगमंच की ओर अपना ध्यान आकर्षण करते हुए व्यक्तित्व विकास , शारीरिक स्वच्छता, सामाजिक स्वच्छता पर भी जोड़ दें. नाट्य कार्यशाला मैं तैयार नाटक बोल जमुरे। बोल की प्रस्तुति के दौरान स्कूल प्रांगण में सभी छात्र उपस्थित रहे जिसमें प्रमुख रूप से युगराज, गोलु कुमार, वंशराज, हिमांशु, अभिमन्यु, आदर्श, सिद्धार्थ राज, मनीष, ऋषव, प्रियांशु, मनीष, एम डी जैन जुबैल, आर्यन कुमार, चांदनी कुमारी, परी,सलोनी गुप्ता, मिष्टी, मुस्कान भारती,पनवी, आंननाया, शिवानी, सोनी, साक्षी, अंशु, आयात प्रवीण, अंजली, रौनक प्रवीण, पीहू, प्रियंका, संध्या, परिधि,

वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी सम्मान से सम्मानित होंगे सोनू सरकार आज दिनांक 3.05.2026 रविवार को मालीघाट सरला श्रीवास सोश...
03/05/2026

वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी सम्मान से सम्मानित होंगे सोनू सरकार

आज दिनांक 3.05.2026 रविवार को मालीघाट सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा प्रसिद्ध वैज्ञानिक
दुर्गा प्रसाद चौधरी की जयंती पर संस्थान के सचिव कठपुतली कलाकार की अध्यक्षता में बैठक की गई.अध्यक्षीय
संबोधन में सुनील कुमार ने बताया कि आज अंतराष्ट्रीय ख्याति के मुज़फ्फरपुर निवासी वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी की जयंती हैं जिन्होंने दुनिया की गोलाई मापने का यंत्र बनाया जिसे भारत सरकार ने भारत के समूद्र तट से पूर्वी अफ्रीका के मोम्बासा समुद्र तट तक 1971 में विश्व का पहला प्रयोग सफलतापूर्वक कराया जिससे इन्हें काफी ख्याति मिली।संस्कृतिकर्मी बैजू कुमार ने बताया कि
विज्ञान के क्षेत्र में नये ज्ञान का विकास वैज्ञानिकों के उन्नत शोधों से आगे बढ़ा हैं.वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए तार्किक विश्लेषण, प्रमाण-आधारित अवलोकन और निरंतर जिज्ञासा अत्यंत आवश्यक हैं.इसके लिए पूर्व-कल्पित धारणाओं पर सवाल उठाना, रूढ़ियों को त्यागना, और प्रयोगात्मक अनुभव से निष्कर्ष निकालना अनिवार्य है।भारतीय संविधान नागरिकों से वैज्ञानिक सोच, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करने की अपेक्षा करता है। वैज्ञानिक सोच न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के लिए आवश्यक हैं.
सरला श्रीवास युवा मंडल की उपाध्यक्ष
सुमन कुमारी ने वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्गा प्रसाद चौधरी राजकीय जिला विज्ञान केंद्र अमर शहीद जुब्बा सहनी पार्क में 26 जुलाई 2006 को बिहार सरकार के विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने स्थापित किया था।ए ही माटी के दुर्गा प्रसाद चौधरी
प्रसिद्ध वैज्ञानिक के मिलल सेहरा गीत के माध्यम से लोक गायिका अनीता कुमारी ने श्रद्धांजलि दी. संरक्षक कांता देवी ने बताया कि
पुरखा पुरनिया संवाद सह सम्मान कार्यक्रम में वैज्ञानिक दुर्गा प्रसाद चौधरी सम्मान से शांति सेना के संयोजक सोनू सरकार को सम्मानित किया जायेगा।

02/05/2026

एम एस केशरी पब्लिकेशन द्वारा शरबत वितरण सह कवि सम्मेलन का आयोजन एम एस केशरी पब्लिकेशन द्वारा 02 मई 2026 को पानी टंकी के ...
02/05/2026

एम एस केशरी पब्लिकेशन द्वारा शरबत वितरण सह कवि सम्मेलन का आयोजन

एम एस केशरी पब्लिकेशन द्वारा 02 मई 2026 को पानी टंकी के पास राहगीरों के लिए निशुल्क शरबत वितरण किया जाएगा साथ ही बालुघाट मुजफ्फरपुर में भव्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया है जिसमें एक से बढ़कर एक कविगण अपनी भावनोओं को दर्शाएगे। इस भव्य कवि सम्मेलन के आमंत्रित स्वरों है विवेक वशिष्ठ, विवेक कुमार, प्रतोष कुमार सिंह, नितिश कुमार, राज कुमार राज, शिल्पा श्रीवास्तव, सदैव सौरभ, पियूष कुमार, गौतम कुमार वात्सायन, सुजाता शर्मा, लाल बच्चन पासवान, आदिल इमाद, ईशा कुमारी जी। एम एस केशरी पब्लिकेशन की संस्थापिका मुस्कान केशरी जी सभी का तहे दिल से धन्यवाद करती हैं। अधिक जानकारी हेतु सम्पर्क करे 6203124315

जबलपुर क्रूज़ हादसा: मां की ममता ने आखिरी सांस तक बेटे को थामे रखाजबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे की यह तस्वीर हर कि...
01/05/2026

जबलपुर क्रूज़ हादसा: मां की ममता ने आखिरी सांस तक बेटे को थामे रखा

जबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे की यह तस्वीर हर किसी की आंखें नम कर रही है। पानी में तैरती इस मां की लाश, और उससे लिपटा उसका मासूम बेटा… यह तस्वीर लफ्ज़ो से परे है।

बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान जब सब कुछ डूब रहा था, तब भी इस मां ने अपने बच्चे को सीने से लगाए रखा। शायद उसे आखिरी पल तक यही भरोसा था कि वह अपने लाल को बचा लेगी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

Address

Muzaffarpur
843102

Telephone

+919054323190

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Apna Kaha posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Apna Kaha:

Share