12/08/2026
प्रेस विज्ञप्ति :11 अगस्त 2026
विद्यार्थियों पर बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में झारखण्ड विधानसभा घेराव कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं पर पुनः बर्बर लाठीचार्ज; राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता गिरफ्तार
विद्यार्थियों की आवाज दबाने के लिए रांची आने से रोकना और आंदोलित विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज करना झारखंड सरकार का कुत्सित प्रयास: अभाविप
सुबह से ही विद्यार्थियों और अभाविप कार्यकर्ताओं को रोकने की कवायद; शांतिपूर्ण प्रदर्शन में छात्राओं समेत कई विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा कल JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं एवं पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर झारखंड पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज एवं वॉटर कैनन के प्रयोग के विरोध तथा विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में आज रांची में विधानसभा घेराव किया गया। अभाविप के आह्वान पर प्रदेशभर से रांची पहुंच रहे विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं को झारखंड सरकार द्वारा विभिन्न स्थानों पर रोकने का प्रयास किया गया। विधानसभा घेराव के दौरान अभाविप के नेतृत्व में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा पुनः बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया, जिसमें छात्रा कार्यकर्ता भी सम्मिलित थीं और कई विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए। विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया तथा राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह, झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया है। सरकार द्वारा गिरफ्तारी एवं बलप्रयोग को लेकर बताए जा रहे आंकड़े वास्तविक स्थिति से अलग हैं। कल विद्यार्थियों और आज उनके समर्थन में खड़े अभाविप कार्यकर्ताओं पर लगातार किया गया यह बलप्रयोग अत्यंत निंदनीय है और झारखंड सरकार के विद्यार्थी विरोधी एवं लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति असंवेदनशील रवैये को उजागर करता है।
ध्यातव्य हो कि अभाविप ने कल ही झारखंड के सभी जिलों से विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं के रांची पहुंचने का आह्वान किया था। आज सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर रांची आने वाले वाहनों को चिन्हित कर रोका गया तथा विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं को रांची पहुंचने से रोकने का प्रयास किया गया। यह केवल विधानसभा घेराव को नियंत्रित करने का प्रयास नहीं था, बल्कि प्रदेशभर से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने आ रहे विद्यार्थियों को रोककर आंदोलन को विफल बनाने का सुनियोजित एवं कुत्सित प्रयास था। झारखंड सरकार ने सरकारी तंत्र का उपयोग करते हुए इस आंदोलन को विफल बनाने के लिए पुरजोर प्रयास किया, जिसकी अभाविप कड़ी निंदा करती है। पुराने विधानसभा परिसर के निकट निर्धारित एकत्रीकरण स्थल पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां शुरू कर दी गईं। जब गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं से भरी बसों को आगे ले जाने का प्रयास किया गया, तब विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता बस के आगे लेटकर शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध करने लगे। पुलिस ने उन्हें घसीटकर हटाया और लाठीचार्ज किया। सरकार द्वारा विद्यार्थियों की आवाज को दबाने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों को विद्यार्थी समुदाय याद रखेगा। अभाविप मांग करती है कि कल और आज विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं पर हुए बलप्रयोग की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों की आवाज को लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और गिरफ्तारियों के माध्यम से दबाया नहीं जा सकता। सरकार को दमन का रास्ता छोड़कर विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों को स्वीकार करना चाहिए। JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं एवं पेपर लीक के गंभीर मामलों में संबंधित परीक्षाओं को रद्द कर उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की जाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक तकनीकी, प्रशासनिक एवं संस्थागत सुधार सुनिश्चित किए जाएं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, "कल विद्यार्थियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के प्रयोग के विरोध में आज अभाविप ने शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव किया था। सरकार ने विद्यार्थियों की आवाज सुनने के बजाय अभाविप कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोककर गिरफ्तार किया, एकत्रीकरण स्थल पर पहुंचते ही गिरफ्तारियां शुरू कर दीं और फिर अभाविप के नेतृत्व में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर बर्बर लाठीचार्ज किया। इसमें कई छात्रा बहनें भी सम्मिलित थीं। कई विद्यार्थी इसमें गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सरकार द्वारा बताए जा रहे आंकड़े जमीन पर हुई कार्रवाई की वास्तविकता को नहीं दर्शाते। आज प्रदेशभर से अभाविप के आह्वान पर रांची आ रहे विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए झारखंड सरकार द्वारा सरकारी तंत्र का उपयोग किया गया। आंदोलन को विफल बनाने का सरकार का यह कुत्सित प्रयास अत्यंत निंदनीय है। सरकार ने विद्यार्थियों की आवाज दबाने के लिए जिस प्रकार सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया है, उसे विद्यार्थी समुदाय याद रखेगा। जिस सरकार से विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की अपेक्षा है, वही उनके लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस बल का प्रयोग कर रही है। विद्यार्थियों की आवाज को गिरफ्तारियों और लाठीचार्ज से दबाया नहीं जा सकता। अभाविप विद्यार्थियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और जब तक उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।"
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड के प्रदेश मंत्री श्री प्रकाश टूटी ने कहा कि, "JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण विद्यार्थी लंबे समय से अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को स्वीकार करने के बजाय सरकार उन्हें दबाने के लिए बलप्रयोग कर रही है। जिन परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं, उन्हें रद्द कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार विद्यार्थियों की इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है। कल शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का प्रयोग किया गया और आज उनके समर्थन में विधानसभा घेराव कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका गया, गिरफ्तार किया गया और लाठीचार्ज किया गया। यह सरकार के विद्यार्थी विरोधी रवैये को स्पष्ट करता है। विद्यार्थियों की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को उन्हें स्वीकार करते हुए पेपर लीक एवं परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। अभाविप विद्यार्थियों के न्यायोचित अधिकारों के लिए अपना लोकतांत्रिक संघर्ष तब तक जारी रखेगी, जब तक उनकी मांगों का न्यायपूर्ण समाधान नहीं होता।"