13/09/2026
| क्र. | पत्रीचे नाव (मराठी / संस्कृत) | अर्पण करताना म्हणायचा मंत्र |
|---|---|---|
| १ | शमी | ॐ शमीपत्राय नम: । |
| २ | माका (भृंगराज) | ॐ भृंगराजपत्राय नम: । |
| ३ | बेल (बिल्व) | ॐ बिल्वपत्राय नम: । |
| ४ | दूर्वा | ॐ दूर्वापत्राय नम: । |
| ५ | बोर (बदरी) | ॐ बदरीपत्राय नम: । |
| ६ | धोत्रा (धत्तूर) | ॐ धत्तूरपत्राय नम: । |
| ७ | तुळस | ॐ तुलसीपत्राय नम: । |
| ८ | घेवडा (शेम) | ॐ शेमपत्राय नम: । |
| ९ | अघाडा (अपामार्ग) | ॐ अपामार्गपत्राय नम: । |
| १० | डोरली (भटकटैया) | ॐ भटकटैयापत्राय नम: । |
| ११ | हिंगूळ (सिंदूर) | ॐ सिंदूरपत्राय नम: । |
| १२ | तमालपत्र (तेजपत्र) | ॐ तमालपत्राय नम: । |
| १३ | अगस्ती (अगस्त्य) | ॐ अगस्तीपत्राय नम: । |
| १४ | कणेर (करवीर) | ॐ करवीरपत्राय नम: । |
| १५ | केळीचे पान (कदली) | ॐ कदलीपत्राय नम: । |
| १६ | आक (अर्क) | ॐ अर्कपत्राय नम: । |
| १७ | अर्जुन | ॐ अर्जुनपत्राय नम: । |
| १८ | देवदार | ॐ देवदारपत्राय नम: । |
| १९ | मरवा (मरुआ) | ॐ मरुवापत्राय नम: । |
| २० | कांचन (गंडारी) | ॐ गंडारीपत्राय नम: । |
| २१ | केवडा (केतकी) | ॐ केतकीपत्राय नम: । |
पूजेसाठी सूचना
* पत्री शक्यतो ताजी व स्वच्छ घ्यावी.
* प्रत्येक पत्री गणपतीला अर्पण करताना संबंधित मंत्र म्हणावा.
* पत्री २१ संख्येने किंवा प्रत्येकी १ पान अर्पण करू शकता.
* प्रदेश आणि परंपरेनुसार काही नावांमध्ये फरक असू शकतो.
* भक्तिभाव महत्त्वाचा — पत्री मिळाली नाही तर मनोभावे 'ॐ गणेशाय नम:' म्हणून अर्पण करावी.
पत्री अर्पणाचे फलित
* विघ्नांचा नाश होतो.
* आरोग्य, आयुष्य व बुद्धीची प्राप्ती होते.
* घरात सुख, समृद्धी आणि शांती नांदते.
* पर्यावरण व निसर्गाबद्दल कृतज्ञता व्यक्त होते.
* २१ पत्री म्हणजे निसर्गाची २१ रूपे — गणपतीशी नाते सांगणारी.
Page speaks about my dear Daddy who left for heavenly abode late night of 24th November 2014.