23/07/2025
सहयोगिनी : प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम
प्रमाणपत्र, कोर्स के पूरा होने का प्रमाण है। अधिकतर महिलाओं ने कोर्स पूरा किया तो उनके लिए यह एक पहाड़ पार करने जैसे है। कई सालों के पढ़ाई के उपरांत, कितनों को तो पढ़ना भी नहीं आता, अपने घर के कामों से वक्त निकालकर, बच्चों की देखभाल करते हुए, दुधमुंहे बच्चों को साथ लेकर, अपनी सारी जिम्मेदारियों को रुकावट न समझकर बल्कि अपना कर्तव्य मानकर , मिले समय का सदुपयोग करते हुए ये अपना कोर्स पूरा करती है।
कोर्स पूरा करने के बाद असली संघर्ष शुरू होता है। जब ये महिलाएं अपना खुद का काम शुरू करती है। राह में आई मुश्किलों को पार करते हुए, अपनी जिद्द से कई महिलाएं स्वावलंबी बनती है। यह सिर्फ कहानियां नहीं है, हमने ऐसी कई सफल जिंदगानियां अपनी आंखों से देखी है।
' सहयोगिनी' , खुशी का सिर्फ एक प्रकल्प नहीं है , यह हमने समाज में अपनी जिम्मेदारी समझ कर शुरू किया था, और सतत इसे नए आयामों से आगे ले जाने का प्रयास करते है। अब तक हमने लगभग 600 महिलाओ को टेलरिंग, ब्यूटीशियन, मेहंदी, और एंब्रायडरी जैसी विविध कलाओं में प्रशिक्षित किया है। कई औरतों को अलग अलग संस्थाओं के माध्यम से कीट मुहैया कराया है , जिसका लाभ लेकर औरतें अपना व्यवसाय चलाती है।
4 जुलाई 2025 को इनमें से ही कुछ महिलाओं को हमने प्रमाणपत्र दिए । जिसमें टेलरिंग की 15 , 6 मेहंदी की और 10 ब्यूटीशियन का कोर्स पूरा करने वाली महिलाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस उपलक्ष पर, अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक चलाने वाली महिलाओं को बुलाकर महिलाओं को मार्गदर्शन किया गया। अपने व्यवसाय की कहानी सुनाकर इन महिलाओ ने, अन्य महिलाओं को एक नया रास्ता दिखाया।
इस कार्यक्रम में "रामकृष्ण सारदा समिती" के अध्यक्ष "श्री रघु पिलाका" सर ने शिरकत की । अपने हाथों से सर्टिफिकेट दिए, साथ ही अपनी संस्था के कामों का संक्षिप्त परिचय देते हुए, महिलाओं को न केवल मार्गदर्शन दिया बल्कि उनके उज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
इस कार्यक्रम का संचालन खुशी संस्था की ओर से श्रीमती उज्वला पटेल ने किया।