Jankalyan Samiti Mumbai

Jankalyan Samiti Mumbai A Social Organisation since 1973. 1400+ Sewa Projects in Disaster Management, Health, Education etc..

रा. स्व. संघ जनकल्याण समिति सन 1973 से शुरू हो कर संस्कार, शिक्षण, आरोग्य, कृषि, पर्यावरण, स्वावलंबन, आपत्ति विमोचन और पूर्वांचल विकास आयामों में विगत दशकों से महाराष्ट्र में सेवा कार्य में संलग्न है

धर्माचा अभिमानी राजा, देशाचा संरक्षक राजाचारित्र्याचा पालक राजा, घडवी देशोद्धार ॥कितीक झाले आणी होतिल, राजे असंख्य जगतीप...
19/02/2026

धर्माचा अभिमानी राजा,
देशाचा संरक्षक राजा
चारित्र्याचा पालक राजा,
घडवी देशोद्धार ॥
कितीक झाले आणी होतिल,
राजे असंख्य जगती
परी न शिवबासम होइल,
या अवनीवरती
राजे शिव छत्रपती ॥

समस्त भारतवासियों को शिवजयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ
(अंग्रेज़ी कैलेंडर अनुसार)

सेवा भारती कोकण प्रांत ट्Rashtriya Sewa BhartiBharti

14/02/2026

समाजकार्याचे यशस्वी प्रयोग समाजव्यापी व्हावेत - अतुल लिमये ; जनकल्याण समितीतर्फे दादा लाड आणि महंत भारतभूषणदासजी महाराज यांना ‘श्रीगुरुजी पुरस्कार’ प्रदान

वाचा सविस्तर

https://news24pune.com/rss-janakalyan-samiti-shri-guruji-puraskar-pune-atul-limaye-dadaRashtriya Sewa BhartiaRSS Jankalyan Samiti Maharashtra Prantra Prant

परिवर्तन के चार वर्ष ...०५ अक्टूबर २०२५, मुंबई में सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट द्वारा संचालित वस्ती परिवर्तन योजना का ...
08/10/2025

परिवर्तन के चार वर्ष ...

०५ अक्टूबर २०२५, मुंबई में सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट द्वारा संचालित वस्ती परिवर्तन योजना का चतुर्थ वार्षिकोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस विशेष अवसर पर एक संक्षिप्त प्रेरणादायी फिल्म प्रस्तुत की गई, जिसमें गत चार वर्षों के यशस्वी प्रवास के माध्यम से समाज परिवर्तन की प्रेरक झलक देखने को मिली।

कृपया समय निकालकर यह फिल्म अवश्य देखें और इस प्रेरक परिवर्तन यात्रा के सहभागी बनें।

सेवा, संस्कार और समाज परिवर्तन की दिशा में एक कदम...

सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट
संपर्क सूत्र - 9220822334

#मुंबई मे चलाया जराहा एक अनोखा #उपक्रम "बस्ती परिवर्तन योजना प्रकल्प" #महिला बाल आरोग्य #संस्कार वर्ग #पोषण आहार #आरो.....

“शिक्षा ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है”सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट संचालित चल (मोबाइल) विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्पविज्...
16/09/2025

“शिक्षा ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है”

सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट संचालित चल (मोबाइल) विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्प

विज्ञान शिक्षा तो आधुनिक युग की अनिवार्य आवश्यकता है। लेकिन हमारे देश की बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहती है, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। विशेषकर प्राथमिक शिक्षा में संसाधनों और विज्ञान जैसे प्रयोगात्मक विषयों के लिए आवश्यक साधनों की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। परिणामस्वरूप विज्ञान विषय, जिसे प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के आधार पर सीखना चाहिए, आज भी अधिकांश स्कूलों में केवल पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से सिखाया जाता है।

इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए १९९० में चल (मोबाइल) विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्प की शुरुआत की। इस प्रकल्प का उद्देश्य विज्ञान शिक्षा को सरल, रोचक और प्रभावी बनाना है, ताकि बच्चों के मन में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और उत्साह पैदा हो सके।

प्रकल्प का उद्देश्य :
• ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रयोग देखने और करने का अवसर प्रदान करना।
• विज्ञान विषय के प्रति बच्चों में भय दूर कर रुचि और आत्मविश्वास का निर्माण करना।
• संस्कार कथा, देशभक्ति गीत, भारतीय वैज्ञानिकों के परिचय आदि के माध्यम से *संस्कारवान एवं देशभक्त पीढ़ी* का निर्माण करना।

प्रकल्प का स्वरूप :
• एक प्रशिक्षित विज्ञान शिक्षक कार्यकर्ता
• एक मोटरसाइकिल
• प्रयोग सामग्रियों से युक्त एक बैग या बॉक्स
• एक प्रकल्प में अधिकतम २० स्कूलों का समावेश
• प्रत्येक दिन एक गांव में केंद्र का संचालन

संचालन की पद्धति :
प्रकल्प का शिक्षक कार्यकर्ता वर्षभर में हर स्कूल के कक्षा ५ से ८ तक के बच्चों को ४२ प्रयोग करवाता है।

प्रत्येक प्रवास में :
• पाठ्यक्रम आधारित विज्ञान प्रयोग
• मूल्य शिक्षण की गतिविधियां
• देशभक्ति गीत, संस्कार कथा, योग, खेल आदि
• स्कूल समय के बाद अभिभावकों, ग्रामस्थों और दाताओं से संवाद
• प्रकल्प से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन

विद्यार्थियों के लिए उपक्रम :
• व्यक्तित्व विकास शिविर
• विज्ञान सहल एवं राष्ट्रीय विज्ञान दिवस उत्सव
• प्रश्नमंजुषा, विज्ञान परीक्षा, वृक्षारोपण
• अवकाश दर्शन, भारत माता पूजन, क्रांति सप्ताह जैसे विशेष कार्यक्रम

अन्य उपक्रम :
• पूर्व विद्यार्थियों के लिए एकत्रीकरण, व्यवसाय मार्गदर्शन, सेवाकार्य दर्शन
• अभिभावकों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम
• अध्यापकों के लिए तज्ञ मंडली द्वारा मार्गदर्शन सत्र
• सामाजिक उत्सव जैसे मकर संक्रांति, रक्षाबंधन आदि का आयोजन
• संस्कार वर्ग, झोला वाचनालय, किशोरी विकास प्रकल्प जैसी अन्य सेवाएं

प्रकल्प की उपलब्धियां :
• बच्चों के मस्तिष्क से विज्ञान विषय का भय समाप्त हुआ।
• उच्च शिक्षा में विज्ञान विषयों का चयन करने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि।
• कई पूर्व विद्यार्थी आज कार्यकर्ता के रूप में प्रकल्प से जुड़े हुए हैं।
• प्रकल्प से जुड़े एक विद्यार्थी का शोध निबंध (रिसर्च पेपर) नासा में पढ़ा गया।
• रत्नागिरी जिले के विद्यार्थी इस्रो एवं नासा से संबंधित शैक्षणिक दौरों में शामिल हुए

वर्तमान स्थिति (२०२५)
• विभाग : २
• जिले : ५
• तालुके : ६
• स्कूल : १२५
• विद्यार्थी संख्या : ६३००

निष्कर्ष :
चल (मोबाइल) विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्प ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षा का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। यह केवल विज्ञान ज्ञान का प्रसार नहीं, बल्कि संस्कार, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रभक्ति की भावना का भी संचार करता है। सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए विज्ञान एवं नैतिकता से समृद्ध भारत निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक प्रयोगशाला प्रकल्प का वार्षिक खर्च लगभग ₹ ३,००,००० (तीन लाख रुपये) हैं। अतः आपसे विनम्र निवेदन की इस प्रकल्प के लिए यथाशक्ति अधिकाधिक निधि देकर विद्यार्थियों का शिक्षा का स्तर बढ़ाने में सहयोग करे। धन्यवाद!

सेवा भारती कोकण प्राRashtriya Sewa Bharti विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्प

स्पेशल डोनेशन लिंक :
https://fundraiser.sevabhartikokan.org/donate/?id=124

Rashtriya Sewa Bharti

रूग्णोपयोगी सामग्री सेवा केंद्रसेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट द्वारा समाज के लिए अनेक प्रकार की सेवाएँ संचालित की जाती है...
15/09/2025

रूग्णोपयोगी सामग्री सेवा केंद्र

सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट द्वारा समाज के लिए अनेक प्रकार की सेवाएँ संचालित की जाती हैं। इन्हीं में से एक है रूग्णोपयोगी सामग्री सेवा केंद्र। वर्तमान में कोकण प्रांत के विभिन्न नगरों और तहसील क्षेत्रों में कुल ११५ केंद्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

इन केंद्रों पर अस्थि रोगी एवं अन्य जरूरतमंदों के लिए विभिन्न प्रकार की चिकित्सा-सहायक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, जैसे:

• फाऊलर बेड
• एअर बेड
• व्हीलचेयर
• कमोड चेयर
• वॉकर
• कमर, पीठ और गर्दन के लिए ट्रैक्शन किट
• हाथ-पैरों के लिए क्रचेस और स्टिक्स
• तथा कोरोना काल से ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर

जरूरतमंद लोग इन उपकरणों को सामान्य शुल्क और अनामत राशि देकर प्राप्त कर सकते हैं। उपयोग समाप्त होने पर सामग्री लौटाने पर अनामत राशि वापस कर दी जाती है।

इन केंद्रों की वजह से न केवल मरीजों को समय पर सहायता मिलती है, बल्कि समाज में सेवा भारती के प्रति विश्वास और आत्मीयता भी बढ़ती है। हर वर्ष १५०० से अधिक मरीज विभिन्न केंद्रों से इसका लाभ उठाते हैं।

विशेष बात यह है कि इन केंद्रों पर कार्य करने वाले स्वयंसेवक यह सेवा *मानधन लिए बिना नि:स्वार्थ भाव* से करते हैं, जिससे उन्हें भी गहरी संतुष्टि और आनंद की अनुभूति होती है।

आपका सहयोग भी आवश्यक

इन केंद्रों की सेवा को और विस्तृत करने के लिए आप भी सहयोग दे सकते हैं:
• एक केंद्र का वार्षिक खर्च: ₹60,000/-
• एक फाऊलर बेड: ₹15,000/-
• एक व्हीलचेयर: ₹5,000/-
• एक वॉकर/कमोड चेयर: ₹2,000/-

आपका छोटा सा योगदान भी किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ी राहत ला सकता है।

धन्यवाद!

सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट Rashtriya Sewa Bharti
रुग्ण उपयोगी सामग्री सहायता प्रकल्प

स्पेशल डोनेशन लिंक :

हम सभी को यही सुहाता !सुदृढ बालक, जागरूक माता !!सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्टमाता बाल आरोग्य आहार प्रकल्पस्पेशल डोनेशन ल...
14/09/2025

हम सभी को यही सुहाता !
सुदृढ बालक, जागरूक माता !!

सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट
माता बाल आरोग्य आहार प्रकल्प

स्पेशल डोनेशन लिंक :
https://fundraiser.sevabhartikokan.org/donate/?id=124

Rashtriya Sewa Bharti

मुम्बई की बस्तियों में गूंजे “गोपाला गोपाला” के जयकारे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूममुम्बई की 53 बस्तियों में इस बार श्री...
02/09/2025

मुम्बई की बस्तियों में गूंजे “गोपाला गोपाला” के जयकारे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम

मुम्बई की 53 बस्तियों में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव कुछ खास रहा। सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट द्वारा संचालित माता बाल आरोग्य आहार प्रकल्प, बाल संस्कार केंद्र, किशोरी विकास प्रकल्प और झोला वाचनालय से जुड़े बालक बालिकाओं ने श्रीकृष्ण राधा के रूप में सुसज्जित होकर रंगारंग शोभायात्रा निकाली। “गोपाला गोपाला” और “नंदकिशोर” के जयघोष से गलियाँ गूंज उठीं।

छोटे-छोटे बालक-बालिकाएं, जिन्होंने अपने सिर पर मोरपंख मुकुट और गले में श्रीकृष्ण आभूषण धारण किए हुए थे, अपने बालरूप कान्हा की झलक से सभी का मन मोह रहे थे। सेवा भारती द्वारा उपलब्ध कराए गए आभूषणों व संबंधित सामग्री ने इस सजधज को और भी आकर्षक बना दिया। बस्ती की गलियों से होती हुई यह शोभायात्रा स्थानीय मंदिर में देवदर्शन के साथ सम्पन्न हुई।

इस शुभ अवसर पर बच्चों ने मिलकर चॉकलेट से सजी हांडी फोड़ी और सभी ने प्रसाद ग्रहण कर जन्माष्टमी उत्सव को आनंद, उल्लास और एकता के रंगों से भर दिया। उत्सव में बच्चों के चेहरे पर दिखाई दे रही खुशी और ऊर्जा, सेवा भारती के सतत प्रयासों की सजीव झलक थी।

श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की यह जीवंत प्रस्तुति न केवल सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ाव को दर्शाती है, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लाकर उत्सव के सच्चे अर्थ को भी अभिव्यक्त करती है।

सर्वांना सस्नेह नमस्कार!श्रीगणेशोत्सवाच्या हार्दिक शुभेच्छा!गणपति बाप्पा मोरया!सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट द्वारे श्री...
28/08/2025

सर्वांना सस्नेह नमस्कार!
श्रीगणेशोत्सवाच्या हार्दिक शुभेच्छा!
गणपति बाप्पा मोरया!

सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट द्वारे श्रीगणेश चतुर्थी (दिनांक २७ ऑगस्ट) पासून एक विशेष निधी संकलन अभियान सुरू करण्यात आले आहे जे विजयादशमी-दसरा (०२ ऑक्टोबर) पर्यंत सुरू राहील.

या कालावधीत गणेशोत्सव, पितृपक्ष, नवरात्रोत्सव व दसरा असे विविध महत्त्वाचे दिवस येतात की ज्यात आपण काही ना काही दानधर्म करत असतोच.

आपणास विनंती आहे की ...
सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्टच्या माध्यमातून मुंबई ते सिंधुदुर्ग या भागात सुरू असलेल्या ग्राम आरोग्य रक्षक, फिरती विज्ञान प्रयोगशाळा, रुग्ण उपयोगी साहित्य सेवा, माता बाल आरोग्य आहार प्रकल्प, बाल संस्कार केंद्र, किशोरी विकास प्रकल्प, शिकवणी केंद्र/अभ्यासिका, झोला वाचनालय, योग प्रशिक्षण वर्ग, चिकित्सालय, स्वावलंबन, सुलेखन फलक इत्यादि समाज उपयोगी तसेच समाजातील दुर्बल घटकांना सशक्त बनविणाऱ्या जवळपास १२०० सेवा प्रकल्पांसाठी यथाशक्ति अधिकाधिक निधि देऊन मदत करा.

विशेष निधि संकलन अभियान काळात पुढील डोनेशन लिंकचा उपयोग करावा. या लिंक द्वारे निधी दिल्यास आपणास ईमेलवर ऑटो जनरेट पावती प्राप्त होईल.

स्पेशल डोनेशन लिंक :
https://fundraiser.sevabhartikokan.org/donate/?id=124

विनम्र सूचना : सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट द्वारे सुरू असलेल्या सेवा कार्याची माहिती असलेले एक पत्रक सोबत जोडले आहे, ते अवश्य वाचावे व आपणही आपल्या माध्यामातून या आवाहनाला अधिकाधिक प्रसारीत करावे ही विनंती!

धन्यवाद!

अधिक माहितीसाठी संपर्क क्रमांक
996 789 7850

रक्षाबंधन उत्सव चित्रफित - २०२५सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट के माध्यम से मुंबई की ५३ सेवा बस्तियों (झोपडपट्टी) में विवि...
28/08/2025

रक्षाबंधन उत्सव चित्रफित - २०२५

सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट के माध्यम से मुंबई की ५३ सेवा बस्तियों (झोपडपट्टी) में विविध सेवा प्रकल्प चलाएँ जाते हैं।
प्रतिवर्ष की तरह इन सभी बस्तियों में रक्षाबंधन उत्सव बड़े उत्साह से मनाया गया। सभी कार्यकर्ता एवं सेवित (लाभार्थी) मिलकर इन ५३ बस्तियों में लगभग ५३०० परिवारों में २६५०० बालक, बालिकाएं, भगिनी एवं बंधुओं को रक्षाबंधन किया।
साथ में संस्था द्वारा इन सभी परिवारों में रक्षाबंधन निमित्त संदेश पत्रक भी वितरित किया गया।

“आज के बच्चे कल के वैज्ञानिक” इस विचार के साथ गांव के बच्चो में विज्ञान के प्रति रुचि जाग्रत करने के उद्देश्य हेतु राष्ट...
19/08/2025

“आज के बच्चे कल के वैज्ञानिक” इस विचार के साथ गांव के बच्चो में विज्ञान के प्रति रुचि जाग्रत करने के उद्देश्य हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनकल्याण समिति का उत्तम प्रयास है यह “चल विज्ञान प्रयोगशाला” (मोबाइल साइंस लैब)।

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Support for uttarkashi cloudbrust relief workउत्तराकाशी में बादल फटने के बाद हुई त्रासदी के आपत्ती निवारण हेतु मदद का हा...
07/08/2025

Support for uttarkashi cloudbrust relief work
उत्तराकाशी में बादल फटने के बाद हुई त्रासदी के आपत्ती निवारण हेतु मदद का हाथ बढ़ायें

राष्ट्रीय सेवा भारRashtriya Sewa BhartirVishwa Samvad Kendra BharatrVishwa Samvad Kendra - Kokankरा. स्व. संघ जनकल्याण समिती, दिंडोशी भाग भाग

श्रावण शुक्ल पंचमी अर्थात नागपंचमी उत्सव की सभी को हार्दिक शुभकामनायें!हिन्दू संस्कृति ने पशु-पक्षी, वृक्ष-वनस्पति सबके ...
29/07/2025

श्रावण शुक्ल पंचमी अर्थात नागपंचमी उत्सव की सभी को हार्दिक शुभकामनायें!

हिन्दू संस्कृति ने पशु-पक्षी, वृक्ष-वनस्पति सबके साथ आत्मीय संबंध जोड़ने का प्रयत्न किया है।

हमारे यहां गाय की पूजा होती है। कई बहनें कोकिला-व्रत करती हैं। कोयल के दर्शन हो अथवा उसका स्वर कान पर पड़े तब ही भोजन लेना, ऐसा यह व्रत है।

हमारे यहाँ वृषभोत्सव के दिन बैल का पूजन किया जाता है। वट-सावित्री जैसे व्रत में बरगद की पूजा होती है, वैसेही नाग पंचमी के दिन नाग का पूजन जब करते हैं। गाय, बैल, कोयल इत्यादि का पूजन करके उनके साथ आत्मीयता साधने का हम प्रयत्न करते हैं, क्योंकि वे उपयोगी हैं। इसी कड़ी में नाग का पूजन यह भी होता है।

सांप, खासकर धामन को "किसानों का मित्र" कहा जाता है क्योंकि वे फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले चूहों और अन्य कीट-पतंगों को खाकर उनकी रक्षा करते हैं, जिससे किसानों की पैदावार सुरक्षित रहती है।

सांपों को किसानों का मित्र क्यों कहा जाता है...

चूहों का नियंत्रण: सांप, विशेष रूप से धामन सांप, खेतों में मौजूद चूहों को खाते हैं जो बीज, जड़ें और भंडारित अनाज को नुकसान पहुंचाते हैं।

जैविक कीट नियंत्रण: वे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या रासायनिक दवाओं के प्राकृतिक रूप से कीटों और चूहों का नियंत्रण करते हैं, जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलता है।

फसल सुरक्षा: सांपों की उपस्थिति से फसलों को चूहों और कीड़ों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है, जिससे पैदावार बढ़ती है और किसानों को लाभ होता है।

इकोसिस्टम (पर्यावरण) का संतुलन: सांप पर्यावरण तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो खाद्य श्रृंखला को बनाए रखने में मदद करते हैं।

हालांकि हमे यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी सांप जहरीले नहीं होते, और सांपों के बारे में प्रचलित अंधविश्वासों से बचना चाहिए। यदि कोई सांप दिखाई दे तो उसे पहचानने और उचित कदम उठाने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए।

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B/202, Amrut Bhawan, Opp. Vartak Hall, Chitle Path, Dadar West
Mumbai
400026

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