16/09/2025
“शिक्षा ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है”
सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट संचालित चल (मोबाइल) विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्प
विज्ञान शिक्षा तो आधुनिक युग की अनिवार्य आवश्यकता है। लेकिन हमारे देश की बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहती है, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। विशेषकर प्राथमिक शिक्षा में संसाधनों और विज्ञान जैसे प्रयोगात्मक विषयों के लिए आवश्यक साधनों की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। परिणामस्वरूप विज्ञान विषय, जिसे प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के आधार पर सीखना चाहिए, आज भी अधिकांश स्कूलों में केवल पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से सिखाया जाता है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए १९९० में चल (मोबाइल) विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्प की शुरुआत की। इस प्रकल्प का उद्देश्य विज्ञान शिक्षा को सरल, रोचक और प्रभावी बनाना है, ताकि बच्चों के मन में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और उत्साह पैदा हो सके।
प्रकल्प का उद्देश्य :
• ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रयोग देखने और करने का अवसर प्रदान करना।
• विज्ञान विषय के प्रति बच्चों में भय दूर कर रुचि और आत्मविश्वास का निर्माण करना।
• संस्कार कथा, देशभक्ति गीत, भारतीय वैज्ञानिकों के परिचय आदि के माध्यम से *संस्कारवान एवं देशभक्त पीढ़ी* का निर्माण करना।
प्रकल्प का स्वरूप :
• एक प्रशिक्षित विज्ञान शिक्षक कार्यकर्ता
• एक मोटरसाइकिल
• प्रयोग सामग्रियों से युक्त एक बैग या बॉक्स
• एक प्रकल्प में अधिकतम २० स्कूलों का समावेश
• प्रत्येक दिन एक गांव में केंद्र का संचालन
संचालन की पद्धति :
प्रकल्प का शिक्षक कार्यकर्ता वर्षभर में हर स्कूल के कक्षा ५ से ८ तक के बच्चों को ४२ प्रयोग करवाता है।
प्रत्येक प्रवास में :
• पाठ्यक्रम आधारित विज्ञान प्रयोग
• मूल्य शिक्षण की गतिविधियां
• देशभक्ति गीत, संस्कार कथा, योग, खेल आदि
• स्कूल समय के बाद अभिभावकों, ग्रामस्थों और दाताओं से संवाद
• प्रकल्प से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
विद्यार्थियों के लिए उपक्रम :
• व्यक्तित्व विकास शिविर
• विज्ञान सहल एवं राष्ट्रीय विज्ञान दिवस उत्सव
• प्रश्नमंजुषा, विज्ञान परीक्षा, वृक्षारोपण
• अवकाश दर्शन, भारत माता पूजन, क्रांति सप्ताह जैसे विशेष कार्यक्रम
अन्य उपक्रम :
• पूर्व विद्यार्थियों के लिए एकत्रीकरण, व्यवसाय मार्गदर्शन, सेवाकार्य दर्शन
• अभिभावकों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम
• अध्यापकों के लिए तज्ञ मंडली द्वारा मार्गदर्शन सत्र
• सामाजिक उत्सव जैसे मकर संक्रांति, रक्षाबंधन आदि का आयोजन
• संस्कार वर्ग, झोला वाचनालय, किशोरी विकास प्रकल्प जैसी अन्य सेवाएं
प्रकल्प की उपलब्धियां :
• बच्चों के मस्तिष्क से विज्ञान विषय का भय समाप्त हुआ।
• उच्च शिक्षा में विज्ञान विषयों का चयन करने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि।
• कई पूर्व विद्यार्थी आज कार्यकर्ता के रूप में प्रकल्प से जुड़े हुए हैं।
• प्रकल्प से जुड़े एक विद्यार्थी का शोध निबंध (रिसर्च पेपर) नासा में पढ़ा गया।
• रत्नागिरी जिले के विद्यार्थी इस्रो एवं नासा से संबंधित शैक्षणिक दौरों में शामिल हुए
वर्तमान स्थिति (२०२५)
• विभाग : २
• जिले : ५
• तालुके : ६
• स्कूल : १२५
• विद्यार्थी संख्या : ६३००
निष्कर्ष :
चल (मोबाइल) विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्प ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षा का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। यह केवल विज्ञान ज्ञान का प्रसार नहीं, बल्कि संस्कार, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रभक्ति की भावना का भी संचार करता है। सेवा भारती कोकण प्रांत ट्रस्ट का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए विज्ञान एवं नैतिकता से समृद्ध भारत निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एक प्रयोगशाला प्रकल्प का वार्षिक खर्च लगभग ₹ ३,००,००० (तीन लाख रुपये) हैं। अतः आपसे विनम्र निवेदन की इस प्रकल्प के लिए यथाशक्ति अधिकाधिक निधि देकर विद्यार्थियों का शिक्षा का स्तर बढ़ाने में सहयोग करे। धन्यवाद!
सेवा भारती कोकण प्राRashtriya Sewa Bharti विज्ञान प्रयोगशाला प्रकल्प
स्पेशल डोनेशन लिंक :
https://fundraiser.sevabhartikokan.org/donate/?id=124
Rashtriya Sewa Bharti