19/09/2026
हवाई जहाज के सफर के दौरान अचानक आने वाले हवा के खतरनाक झटके (एयर टर्बुलेंस) अच्छे-अच्छे लोगों की सांसें अटका देते हैं. वॉशिंगटन के रहने वाले भारतीय मूल के 18 वर्षीय छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने इस डरावने अनुभव को अपनी रिसर्च का जरिया बना लिया. प्रतिष्ठित डेविडसन इंस्टीट्यूट ने उन्हें 2026 का ‘डेविडसन फेलो ल्यूरेट’ सम्मान देने के साथ ही 1 लाख डॉलर (लगभग 95 लाख रुपये) की भारी-भरकम स्कॉलरशिप से नवाजा है.
एक बार आदित्य सेनगुप्ता भयंकर टर्बुलेंस का शिकार हुए. इसके बाद उनके मन में एक ही सवाल घूमता रहा कि जब मौसम और बादलों का पूर्वानुमान आसानी से लगाया जा सकता है तो इन झटकों का पहले से पता लगाना इतना मुश्किल क्यों है? इसी सवाल ने उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए प्रेरित किया. हाईस्कूल में पढ़ते हुए उन्होंने एटमॉस्फेरिक साइंस, टर्बुलेंस फिजिक्स और मशीन लर्निंग की पढ़ाई की और आखिरकार ForeCAT नाम का अनोखा एआई सिस्टम तैयार कर डाला.
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