Indian Social Welfare Society

Indian Social Welfare Society ISWS is a Non-government organisation.We a work for poor,tribal and rural peoples so that these people can educated,empowered and developed .

06/03/2026

मा. श्री सचिन भाऊ शेंडे (नगराध्यक्ष)इनके द्वारा गोंदिया के सभी नागरिकों को बाल विवाह नहीं करने की संदेश दिया गया है।

Child Marriage Free rath and Signature Campaign by Just Rights for Children Partner Indian Social Welfare Society Gondia...
05/03/2026

Child Marriage Free rath and Signature Campaign by Just Rights for Children Partner Indian Social Welfare Society Gondia was inaugurated today, 4 March 2026, at the District Collector Office Gondia by cutting the ribbon and flagging off the rath and Signature under the Child Marriage Free India Campaign by Hon'ble Prajit Nair, District Collector Gondia.
Similarly, Hon'ble Gorakh Bhamre, District Superintendent of Police Gondia also flagged off the Child Marriage Free India rath. Similarly, Hon'ble Vinod Agarwal, MLA Gondia also flagged off the Child Marriage Free Chariot. On this occasion, District Child Protection Officer Gajanan Bobde and employees of the District Child Protection Cell, Child Welfare Committee Chairman and all members also participated in this signature campaign program.

जस्ट राईट्स फॉर चिल्ड्रेन पार्टनर इंडियन सोशल वेल्फेअर सोसायटी गोंदिया व जिल्हा महिला व बालविकास अधिकारी कार्यालय गोंदिया यांच्याद्वारे बालविवाह मुक्त चित्र रथ व स्वाक्षरी मोहीम आज दिनांक 4 मार्च 2026 रोजी जिल्हाधिकारी कार्यालय गोंदिया येथे प्रजित नायर जिल्हाधिकारी गोंदिया यांच्या हस्ते फित कापून व बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत चित्ररथ व स्वाक्षरी या रथाला हिरवा झेंडा दाखवून उद्घाटन करण्यात आले.
त्याचप्रमाणे पोलीस अधीक्षक कार्यालयामध्ये माननीय गोरख भामरे जिल्हा पोलीस अधीक्षक गोंदिया यांनीही बालविवाह मुक्त भारत रथाला हिरवी झेंडी दाखवून रक्त प्रस्थान केले. त्याचप्रमाणे माननीय विनोद अग्रवाल आमदार गोंदिया यांनीही बालविवाह मुक्त रथाला हिरवी झेंडी दाखवून रथ प्रस्थान झाले. आज या प्रसंगी जिल्हा बाल संरक्षण अधिकारी गजानन बोबडे व जिल्हा बाल संरक्षण कक्षातील कर्मचारी, बालकल्याण समिती अध्यक्ष व सर्व सदस्य यांनीही या स्वाक्षरी अभियान कार्यक्रमात भाग घेतला.

26/01/2026

दिनांक 26 जानेवारी 2026 रोजी प्रजासत्ताक दिनानिमित्त लाल बहादूर शास्त्री स्टेडियम अकोला येते बाल विवाह मुक्त रथ काढण्यात आला. सदर कार्यक्रमाला जिल्हा विधी सेवा प्राधिकरण, जिल्हा प्रशासन, जिल्हा महिला व बालविकास अधिकारी कार्यलय, जिल्हा बाल संरक्षण अकोला यांचे सहकार्य लाभले. बाल विवाह मुक्त रथाचे आयोजन ऍक्सेस टु जस्टीस प्रकल्प इंडियन सोशल वेलफेयर सोसायटी अकोला यांनी केले. कार्यक्रमाला मा. पालकमंत्री, मा. जिल्हाधिकारी, मा. जिल्हा कार्यक्रम अधिकारी, मा. आयुक्त, मा. पोलीस अधीक्षक, मा. जिल्हा महिला व बालविकास अधिकारी, तसेच जिल्हा प्रशासनाचे सर्व अधिकारी वर्ग तसेच हजारोच्या संख्येने लोक उपस्थित होते.

25/01/2026







12/07/2025
*सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन, कानून पर अमल के लिए किया दिशानिर्देश जारी*•शीर्ष...
19/10/2024

*सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन, कानून पर अमल के लिए किया दिशानिर्देश जारी*
•शीर्ष अदालत ने कहा, बाल विवाह अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने के अधिकार का हनन
•गैरसरकारी संगठन ‘सेवा’ और कार्यकर्ता निर्मल गोराना की याचिका पर आया फैसला, दोनों ही ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के सदस्य और सहयोगी
•[इंडियन सोशल वेलफेयर सोसाइटी गोंदिया ] ने कृतज्ञता जाहिर करते हुए कहा, यह फैसला 2030 तक देश से बाल विवाह का खात्मा सुनिश्चित करेगा
• बाल विवाह मुक्त भारत 200 से भी ज्यादा गैरसरकारी संगठनों का गठबंधन है जिसने अकेले 2023-24 में पूरे देश में 120,000 से भी ज्यादा बाल विवाह रुकवाए और 50,000 बाल विवाह मुक्त गांव बनाए

देश में बाल विवाह कानून पर एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून के प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि बाल विवाह अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने के अधिकार को छीनता है। ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के सहयोगियों सोसाइटी फॉर एनलाइटेनमेंट एंड वालंटरी एक्शन (सेवा) और कार्यकर्ता निर्मल गोरानी की याचिका पर आए इस फैसले का स्वागत करते हुए गैरसरकारी संगठन...(इंडियन सोशल वेलफेयर सोसाइटी गोंदिया ) के संचालक अशोक जी बेलेकर ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से देश में बाल विवाह के खात्मे के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और हम राज्य सरकार से अपील करते हैं कि वह इन दिशानिर्देशों पर तत्काल प्रभाव से अमल करे ताकि 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।” ..(इंडियन सोशल वेलफेयर सोसाइटी गोंदिया ) देश के 200 से ज्यादा गैरसरकारी संगठनों के गठबंधन ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ (सीएमएफआई) अभियान का एक अहम सहयोगी है जो 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए 400 से ज्यादा जिलों में जमीनी अभियान चला रहे हैं।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने फैसले में कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार व प्रशासन को बचाव-रोकथाम-अभियोजन रणनीति के साथ समुदाय आधारित दृष्टिकोण के साथ काम करने की जरूरत है। *सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी दिशानिर्देशों में स्कूलों, धार्मिक संस्थाओं और पंचायतों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता के प्रसार का अहम औजार बताते हुए बाल विवाह की ज्यादा दर वाले इलाकों में स्कूली पाठ्यक्रम में बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित उपायों की जानकारियां शामिल करने

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