09/03/2026
जोशीले व्यक्तित्व के धनी,जमीन से जुड़े हुए इंसान थे और उन्होंने आजीवन जनसेवा को अपना धर्म माना | कमजोर वर्ग की पीड़ा एवं तकलीफ का उन्हें पूरा अहसास था और उन्होंने बिना किसी भेद–भाव के ताउम्र जनता की सेवा की इसलिए वे आज भी जन-जन के प्रिय हैं | आज हमारे बीच में अनिल दुआ जी नहीं है पर उनके आदर्श एवं सिद्धांत हमारे लिए सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे ||||