11/06/2025
ये वही बेगा आदिवासी है जिन्हें राष्ट्रीय मानव का दर्जा प्राप्त है। मध्यप्रदेश में दो माह पहले उसी बेगा आदिवासी समूह से हिरण परते नामक व्यक्ति को पुलिस ने गोली मारकर हत्या कर दी और नक्सली का झूठा ठप्पा लगा दिया था।
मैं स्वयं उस पीड़ित परिवार से मिला था। सभी को पता है कि उसको नक्सली का ABCD भी नहीं पता था। क्या हिरण परते का एनकाउंटर भी बैनामी सम्पति से जुड़ा कोई बड़ा राज तो नही ? यह भी जांच का विषय है ?
- बेगा आदिवासी कभी नक्सली के नाम से मारे जाते है।
- कुछ को पुलिस थानो के पेंडिंग पड़े केस को थोपने का सबसे सस्ते साधन के रूप में उपयोग किया जाता है और वो जेल में ही अपनी आधी जिन्दगी गुजार देता है।
- कुछ लापता हो जाते हैं, जिनकी गुमसुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज तक नही होती।
इसी तरह कई कारणों से बेगा आदिवासियों की जनसंख्या दिन-ब-दिन घटती जा रही है। आज भी ना शिक्षा, ना स्वास्थ्य सुविधा, ना घर, ना बिजली और ना पानी नसीब हो रहा है।
लेकिन वो कागजो में करोड़ों के मालिक बने बैठे हैं। क्या मध्यप्रदेश सरकार बेगा आदिवासियों की सुध लेगी ? क्या उन बेगा आदिवासी के चेहरे के पीछे शोषणकारी दबंग लोगो का सजा देगी? या धर्म की राजनीतिक चटनी ही चटा-चटाकर वोट लेते रहोगे ?