ॐ श्री जन कल्याण समिति

ॐ श्री जन कल्याण समिति सामाजिक सेवा

आखिर क्या हो सकता है ??
13/06/2026

आखिर क्या हो सकता है ??

अमेरिका ने फिर किया समुद्री जहाज पर हमला भारतीय सेना ने दौड़ाया.. समुद्र में ही घेर लियासमुद्र में उतरी भारतीय परमाणु पन...
13/06/2026

अमेरिका ने फिर किया समुद्री जहाज पर हमला भारतीय सेना ने दौड़ाया.. समुद्र में ही घेर लिया

समुद्र में उतरी भारतीय परमाणु पनडुब्बि हॉर्मुज स्ट्रेट पर अब अमेरिका की सेना तो उतरी भारतीय सेना?

एक मित्र का प्रश्न: मूलाधार चक्र के बारे में बताने की कृपा करें..की आर्थिक विकास के लिए इसका जाग्रत होना जरूरी है, तथा ए...
13/06/2026

एक मित्र का प्रश्न: मूलाधार चक्र के बारे में बताने की कृपा करें..की आर्थिक विकास के लिए इसका जाग्रत होना जरूरी है, तथा एक सामान्य व्यक्ति इसे कैसे जागृत कर सकता है।

✅उत्तर:
मूलाधार चक्र मानव चेतना की आधारशिला है। यह रीढ़ की हड्डी के निचले सिरे पर स्थित होता है और जीवन की मूल आवश्यकताओं—सुरक्षा, स्थिरता, जीविका और आर्थिक आधार—से सीधे जुड़ा है।
जब मूलाधार चक्र असंतुलित होता है, तब व्यक्ति में भय, असुरक्षा, धन की कमी का भाव और भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती है। इसके विपरीत, जब यह चक्र संतुलित व जाग्रत होता है, तब परिश्रम की क्षमता, निर्णय शक्ति, धैर्य और भौतिक समृद्धि की दिशा स्वतः खुलने लगती है।

आर्थिक विकास के लिए मूलाधार चक्र का जाग्रत होना इसलिए आवश्यक है क्योंकि बिना आंतरिक स्थिरता के बाहरी सफलता टिकाऊ नहीं हो सकती। धन केवल अवसर से नहीं, बल्कि आधारभूत ऊर्जा की मजबूती से आता है।

एक सामान्य व्यक्ति के लिए मूलाधार चक्र को जागृत करने का सरल मार्ग है—
• नियमित और सजग प्राणायाम, विशेषकर गहरी, स्थिर श्वास
• धरती से जुड़ाव—नंगे पाँव भूमि पर चलना, प्रकृति के संपर्क में रहना
• जीवन में अनुशासन, परिश्रम और ईमानदारी
• भय और असुरक्षा को पहचानकर उनसे भागने की बजाय उनका साक्षी बनना

जब मूलाधार सुदृढ़ होता है, तब व्यक्ति का जीवन आर्थिक रूप से ही नहीं, मानसिक और शारीरिक रूप से भी स्थिर होने लगता है। यही स्थायी समृद्धि का वास्तविक आधार है।
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क्या आपने कभी सोचा है कि हवाई जहाज़ के टायर 250 किमी/घंटा या उससे अधिक की रफ्तार से रनवे पर उतरने के बावजूद आसानी से क्य...
13/06/2026

क्या आपने कभी सोचा है कि हवाई जहाज़ के टायर 250 किमी/घंटा या उससे अधिक की रफ्तार से रनवे पर उतरने के बावजूद आसानी से क्यों नहीं फटते? इसका कारण केवल नाइट्रोजन गैस नहीं, बल्कि उन्नत इंजीनियरिंग और विशेष टायर डिज़ाइन का संयोजन है।

विमानों के टायर अत्यंत मजबूत रबर, स्टील और सिंथेटिक सामग्री से बनाए जाते हैं। इन्हें भारी वजन, तेज गति और लैंडिंग के दौरान उत्पन्न होने वाले अत्यधिक दबाव को सहन करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया जाता है।

सही है कि अधिकांश विमान टायरों में साधारण हवा के बजाय नाइट्रोजन गैस भरी जाती है। नाइट्रोजन अपेक्षाकृत शुष्क और स्थिर गैस होती है, जिससे नमी से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं और तापमान परिवर्तन के दौरान दबाव अधिक नियंत्रित रहता है।

हालांकि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि नाइट्रोजन तापमान बदलने पर फैलती या सिकुड़ती नहीं है। अन्य गैसों की तरह नाइट्रोजन भी तापमान के अनुसार अपना आयतन और दबाव बदलती है, लेकिन इसकी शुद्धता और कम नमी विमानन में इसे अधिक सुरक्षित बनाती है।

इसी मजबूत संरचना, कठोर परीक्षणों और नाइट्रोजन जैसी गैसों के उपयोग के कारण विमान के टायर लैंडिंग के दौरान उत्पन्न होने वाले भारी घर्षण और दबाव को सुरक्षित रूप से झेल पाते हैं। यही आधुनिक विमानन इंजीनियरिंग की एक शानदार उपलब्धि है।

🚨 क्या पेपर कप में चाय पीना सुरक्षित है? ☕⚠️हाल ही में सामने आई एक रिसर्च के अनुसार, गर्म चाय या कॉफी को पेपर कप में रखन...
13/06/2026

🚨 क्या पेपर कप में चाय पीना सुरक्षित है? ☕⚠️
हाल ही में सामने आई एक रिसर्च के अनुसार, गर्म चाय या कॉफी को पेपर कप में रखने पर उसकी अंदरूनी प्लास्टिक कोटिंग से माइक्रोप्लास्टिक कण निकल सकते हैं। दावा है कि लगभग 15 मिनट में हजारों माइक्रोप्लास्टिक कण पेय में मिल सकते हैं।
🔍 माइक्रोप्लास्टिक क्यों चिंता का विषय हैं? • ये शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
• लंबे समय तक इनके प्रभावों पर अभी भी शोध जारी है।
• स्वास्थ्य विशेषज्ञ अनावश्यक प्लास्टिक संपर्क कम करने की सलाह देते हैं।
☕ क्या करें? ✅ स्टील, कांच या मिट्टी के कप का उपयोग करें।
✅ बहुत गर्म पेय को लंबे समय तक पेपर कप में न रखें।
✅ पुन: उपयोग योग्य और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाएं।
🌿 छोटे बदलाव, बड़ा असर!
अपनी सेहत और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा के लिए पेपर कप की जगह स्टील, कांच या कुल्हड़ को प्राथमिकता दें।

Comment me batau ketne billi hai 🤣🤪😂😂
13/06/2026

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 #मानसिक_स्थिति
13/06/2026

#मानसिक_स्थिति

यूपी से संदिग्ध आतंकी हिरासत में, पाकिस्तान लिंक की जांच तेज; ATS को मिले अहम सुराग : यूपी और एमपी एटीएस ने सहारनपुर के ...
13/06/2026

यूपी से संदिग्ध आतंकी हिरासत में, पाकिस्तान लिंक की जांच तेज; ATS को मिले अहम सुराग
: यूपी और एमपी एटीएस ने सहारनपुर के ननौता में संयुक्त कार्रवाई करते हुए संदिग्ध आतंकी नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से जेहादी दस्तावेज और मोबाइल बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।

पौधे अपना भोजन बनाते कैसे हैं ?प्रकाश-संपौधे अपना भोजन प्रकाश-संश्लेषण नाम की प्रक्रिया से बनाते हैं। इसे English में Ph...
13/06/2026

पौधे अपना भोजन बनाते कैसे हैं ?

प्रकाश-संपौधे अपना भोजन प्रकाश-संश्लेषण नाम की प्रक्रिया से बनाते हैं। इसे English में Photosynthesis कहते हैं।

आसान शब्दों में कहें तो पौधे सूर्य की रोशनी, पानी और कार्बन डाइऑक्साइड की मदद से अपना खाना बनाते हैं।

पौधे को भोजन बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?

पौधे को मुख्य रूप से 4 चीज़ें चाहिए:

1. सूर्य की रोशनी
सूर्य की ऊर्जा पौधे को भोजन बनाने की शक्ति देती है।

2. पानी
जड़ें मिट्टी से पानी खींचती हैं और तने के रास्ते पत्तियों तक पहुँचाती हैं।

3. कार्बन डाइऑक्साइड गैस
पत्तियों में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं, जिन्हें रंध्र या Stomata कहते हैं। इन्हीं से पौधा हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेता है।

4. क्लोरोफिल
पत्तियों में हरा रंग देने वाला पदार्थ क्लोरोफिल होता है। यही सूर्य की रोशनी को पकड़ता है। इसलिए ज्यादातर पत्तियाँ हरी दिखती हैं।

भोजन कहाँ बनता है?

पौधे का भोजन मुख्य रूप से पत्तियों में बनता है। इसलिए पत्तियों को पौधे की रसोई भी कहा जा सकता है।

प्रक्रिया कैसे होती है?

जड़ें मिट्टी से पानी लेती हैं।
पत्तियाँ हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेती हैं।
क्लोरोफिल सूर्य की रोशनी को पकड़ता है।

फिर पौधा इन चीज़ों की मदद से ग्लूकोज़ बनाता है। यही पौधे का भोजन होता है।

इस प्रक्रिया में पौधा ऑक्सीजन भी बाहर छोड़ता है, जो हमारे सांस लेने के लिए बहुत जरूरी है।

इसका आसान सूत्र

कार्बन डाइऑक्साइड + पानी + सूर्य की रोशनी = ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन

मतलब:

CO₂ + H₂O + Sunlight = Food + O₂

पौधे का भोजन क्या होता है?

पौधे का मुख्य भोजन ग्लूकोज़ होता है।
बाद में पौधा इस ग्लूकोज़ को कभी-कभी स्टार्च के रूप में जमा कर लेता है।

इसी जमा भोजन से पौधा बढ़ता है, फूल बनाता है, फल बनाता है और बीज तैयार करता है।

रात में क्या होता है?

रात में सूर्य की रोशनी नहीं होती, इसलिए पौधे सामान्य रूप से प्रकाश-संश्लेषण नहीं कर पाते।
लेकिन वे दिन में बने भोजन का उपयोग रात में भी करते रहते हैं।

सबसे आसान उदाहरण

जैसे इंसान खाना खाकर ऊर्जा लेते हैं, वैसे ही पौधे अपना खाना खुद बनाते हैं। फर्क बस इतना है कि इंसान रोटी-सब्जी खाते हैं, लेकिन पौधे अपना भोजन पत्तियों में खुद तैयार करते हैं।

निष्कर्ष

पौधे धरती के सबसे अद्भुत जीवों में से हैं, क्योंकि वे अपना भोजन खुद बनाते हैं। वे सूर्य की रोशनी, पानी और कार्बन डाइऑक्साइड से ग्लूकोज़ बनाते हैं और बदले में हमें ऑक्सीजन देते हैं। इसी कारण पौधे जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं।

मुलायम सरकार में मुख्तार अंसारी के घर छापा मारकर सेना की मशीन गन बरामद करने पर डिप्टी SP शैलेन्द्र सिंह पर जुल्म की यह त...
12/06/2026

मुलायम सरकार में मुख्तार अंसारी के घर छापा मारकर सेना की मशीन गन बरामद करने पर डिप्टी SP शैलेन्द्र सिंह पर जुल्म की यह तस्वीर है

देखिये, कैसे सरकार के कहने पर तब उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने ही ईमानदार साथी की शर्ट फाड़ फर्जी मुकदमे में जेल भेजा था

कुसूर यह कि मुलायम सरकार में उस मुख़्तार के खिलाफ पोटा लगा दिया, जिसके आगे सब नतमस्तक थे

यूं ही नहीं शैलेन्द्र ने नौकरी को ठोकर मारी होगी

मुख़्तार अंसारी के गुर्गों द्वारा सेना की लाइट गन मशीन चुराने का पर्दाफाश करने पर जिस अफसर को मेडल मिलना था

उस अफसर को मुलायम सरकार में इस तरह जलील कर जेल में डाला गया था

क्या गुजरी होगी शैलेन्द्र सिंह पर

सपाइयों , अगर थोड़ी सी भी शर्म बची हो तो चुल्लू भर पानी में डूब मरो !!

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