16/06/2026
किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है। जो किसान दिन-रात खेतों में मेहनत करके पूरे देश का पेट भरता है, आज वही किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। बढ़ती महंगाई, खाद-बीज और डीजल के बढ़ते दाम, मौसम की अनिश्चितता, प्राकृतिक आपदाएं तथा फसलों के उचित मूल्य का न मिलना किसानों की सबसे बड़ी चिंताएं बन चुकी हैं। हाल के विश्लेषणों में भी बढ़ती कृषि लागत और मौसम संबंधी जोखिमों को किसानों की आय के लिए गंभीर चुनौती बताया गया है।
हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में किसानों की समस्याएं और भी गंभीर हैं। जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान, सिंचाई सुविधाओं की कमी, छोटे जोत वाले खेत, महंगे कृषि उपकरण और बाजार तक पहुंच की कठिनाइयां किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं। इसके बावजूद किसान अपने परिवार और देश के भविष्य के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।
हिमाचल देव सेना संस्था मानती है कि यदि किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। सरकारों को किसानों की फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना चाहिए, कृषि लागत कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं का विस्तार करना चाहिए तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय पर उचित मुआवजा प्रदान करना चाहिए।
आज आवश्यकता है कि समाज भी किसानों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता दिखाए। जिस थाली में भोजन परोसा जाता है, उसके पीछे किसी किसान का पसीना और संघर्ष छिपा होता है।
हिमाचल देव सेना संस्था सभी किसानों को नमन करती है और उनके अधिकारों, सम्मान तथा समृद्धि के लिए सदैव आवाज़ उठाती रहेगी।
"जब तक खेतों में किसान का पसीना बहता रहेगा, तब तक भारत का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध रहेगा।" 🌾🙏🏻
— हिमाचल देव सेना संस्था