14/08/2026
कपास, कार्बन और बदलाव – समस्या वास्तविक थी
बावनबीर की कहानी
वर्षों से बुलढाणा जिले के संग्रामपुर तालुका का बावनबीर गाँव मृदा स्वास्थ्य में गिरावट, रासायनिक कृषि आदानों के अत्यधिक उपयोग, अनियमित वर्षा और कृषि आजीविका पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा था। गाँव की मुख्य फसल कपास की खेती को टिकाऊ बनाए रखना लगातार कठिन होता जा रहा था।
इसी समय, कई महिलाएँ लकड़ी से चलने वाले चूल्हों पर निर्भर थीं, जिससे घर के अंदर धुएँ का स्तर बढ़ रहा था, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ पैदा हो रही थीं और वनों पर दबाव भी बढ़ रहा था।
बदलाव की आवश्यकता स्पष्ट थी।
वर्ष 2016–17 से, Krushi Vikas द्वारा Better Cotton Project के अंतर्गत, Better Cotton Initiative (BCI) और CottonConnect के सहयोग से किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियाँ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इनमें जैविक आदानों का उपयोग, जैविक खाद, अंतरवर्तीय खेती, फसल चक्र, मृदा संरक्षण और वृक्षारोपण जैसी पद्धतियाँ शामिल हैं।
परिणाम उत्साहजनक रहे:
‘एक किसान, एक पेड़’ अभियान के तहत 1,200+ पेड़ लगाए गए।
सरकारी विभागों के सहयोग से 2,000 अतिरिक्त पेड़ लगाए गए।
टिकाऊ कृषि पद्धतियों से मृदा स्वास्थ्य में सुधार हुआ।
किसानों ने कीटनाशक लागत में प्रति एकड़ ₹3,000 तक की बचत की।
26 किसानों द्वारा जैविक कार्बन से भरपूर गाद की 321 ट्रॉलियों का उपयोग किया गया।
बेहतर जल उपलब्धता से 18 आसपास के कुओं को लाभ मिला।
ग्रीन कुक स्टोव से महिलाओं का धुएँ के संपर्क और लकड़ी के ईंधन पर निर्भरता कम हुई।
फिर भी, सबसे बड़ी उपलब्धि केवल लगाए गए पेड़ों की संख्या या पुनर्प्राप्त की गई गाद की मात्रा नहीं है।
सबसे बड़ी उपलब्धि है—समुदाय के व्यवहार और सोच में आया बदलाव।
आज, बावनबीर यह दिखाता है कि किसान, महिलाएँ, स्थानीय समुदाय और विकास साझेदार मिलकर मिट्टी, पानी, जंगल और आजीविका की रक्षा के लिए प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।
मृदा क्षरण से पुनर्जीवन की ओर।
संसाधनों पर दबाव से संरक्षण की ओर।
पारंपरिक पद्धतियों से टिकाऊ खेती की ओर।
बावनबीर सिर्फ कपास नहीं उगा रहा है।
यह लचीलापन, स्थिरता और उम्मीद भी उगा रहा है।
टिकाऊ ग्रामीण परिवर्तन अकेले संभव नहीं है। इसके लिए साझेदारी, सामुदायिक स्वामित्व और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता आवश्यक है।
कार्यान्वयन: कृषी विकास
सहयोग: Better Cotton Initiative (BCI) एवं CottonConnect
Amitkumar Naphade
Satyam Palaspagar
Eknath Mapari