09/06/2026
बाबा बंदा सिंह बहादुर जी, जिन्होंने खालसा राज का झंडा फहराया ओर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ कभी नहीं झुके, फर्रुखसियर के आदेश के बाद 9 जून, 1716 को दिल्ली में उनके शरीर से मास को नोच नोच कर ओर आँखो में गरम लोहे की सलाख़ों को डाल कर शहीद किया गया पर उन्होंने अपना धर्म नहीं छोड़ा। बाबा बंदा सिंह बहादुर जी, उनके 4 साल के बेटे (जिनका कलेजा निकाल कर बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के मुँह में दिया गया ताकि वो अपना धर्म परिवर्तन कर लें) और 740 सिंहों की शहादत को कोटान-कोटान प्रणाम।🙏🙏