Haq ki awaaz

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27/06/2026

शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। 🌼
महाराजा रणजीत सिंह जी एक ऐसे दूरदर्शी शासक थे जिन्होंने पंजाब में सुशासन, धार्मिक सद्भाव और जनकल्याण को प्राथमिकता दी। उनका जीवन साहस, न्याय और समावेशी नेतृत्व का प्रेरणादायक उदाहरण है।
उनकी पुण्यतिथि पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संकल्प करते हैं।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
🙏💐

मुसलमानों को अब अपना मजबूत मीडिया प्लेटफॉर्म बनाना होगा!जब आपकी आवाज़ को सही तरीके से नहीं दिखाया जाता, जब आपकी उपलब्धिय...
04/06/2026

मुसलमानों को अब अपना मजबूत मीडिया प्लेटफॉर्म बनाना होगा!

जब आपकी आवाज़ को सही तरीके से नहीं दिखाया जाता, जब आपकी उपलब्धियों से ज़्यादा आपके बारे में विवादों को दिखाया जाता है, तब ज़रूरत होती है अपने मंच की, अपनी कलम की और अपनी आवाज़ की।
आज समय की मांग है कि मुस्लिम समाज, सामाजिक संगठन, शिक्षित युवा, पत्रकार और बुद्धिजीवी मिलकर एक ऐसा मजबूत मीडिया प्लेटफॉर्म तैयार करें जो सच, शिक्षा, सामाजिक सेवा, भाईचारे और देश निर्माण में मुसलमानों के योगदान को सामने लाए।
हमें नफरत का जवाब नफरत से नहीं, बल्कि सच्चाई, ज्ञान, पत्रकारिता और सकारात्मक सोच से देना है।
आइए, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपनी बात तथ्यों और जिम्मेदारी के साथ देश के सामने रखें।
अगर हम अपनी कहानी खुद नहीं लिखेंगे, तो कोई और उसे अपने तरीके से लिख देगा।
✍️ सज्जाद आलम
संस्थापक अध्यक्ष, हक़ की आवाज़ ट्रस्ट
📞 95016 65727
🌐 WWW.HAQKIAWAAZ.ORG

28/03/2026

गली नंबर 9, मॉडल कॉलोनी में 28 मार्च 2026 को आयोजित भव्य धार्मिक जागरण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो आस्था की शक्ति हर दिल को जोड़ देती है।

मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।नाव जितनी मज़बूत होगी, सफर उतना सुरक्षित होगा…और मेहनत जितनी सच्ची होगी, सफलता उतनी ही बड़ी हो...
21/02/2026

मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
नाव जितनी मज़बूत होगी, सफर उतना सुरक्षित होगा…
और मेहनत जितनी सच्ची होगी, सफलता उतनी ही बड़ी होगी।
मेहनत नींव की तरह होती है,
ये जितनी मज़बूत होगी
सफलता की इमारत भी उतनी ही ठोस होगी।
आइए, मेहनत को अपनी आदत बनाएं और अपने सपनों को हकीकत में बदलें।
—
सज्जाद आलम
National President
Haq Ki Awaaz Education And Welfare Trust

 ौलाना_मुहम्मद_मियां_मंसूर_अंसारी,11 जनवरी 1946 यौमे वफातवो क्रांतिकारी जिसे आज़ाद भारत में नसीब नही हुई दो ग़ज़ ज़मीन…....
12/01/2026

ौलाना_मुहम्मद_मियां_मंसूर_अंसारी,
11 जनवरी 1946 यौमे वफात

वो क्रांतिकारी जिसे आज़ाद भारत में नसीब नही हुई दो ग़ज़ ज़मीन….

10 मार्च 1884 को ारनपुर (उत्तर प्रदेश) के एक मोहज़्ज़ब घराने मे
#मौलाना_मुहम्मद_मियां_मंसुर_अंसारी का जन्म हुआ था, उनकी तरबियत अल्लामा अब्दुल्लाह अंसारी के घर पर हुई जो के 19वीं सदी के बहुत बड़े अल्लाह वाले थे, उन्होने अपनी शुरुआती पढाई मदरसा मनबा अल उलुम, गुलावठी से की जहां मोहम्मद मियां मंसुर अंसारी के वालिद एक माहिर मुदर्रीस की हैसियत रखते थे. इसके बाद घर वालों ने उन्हे पढ़ने के लिए देवबंद भेजा , यहाँ शेख़ उल हिन्द रह.अल. से मुलाक़ात हुई, और कई सालो तक देवबंद मे इल्म हासिल किया,

पहली जंगे अज़ीम के दौरान मौलाना सितम्बर 1915 को शैख़ उल हिन्द र.अ. के कहने पर उनके साथ हेजाज़ (सऊदी अरब) चले गये और वहां से कुछ ग़ालिबनामा (रेशमी रुमाल) ले कर अप्रैल 1916 को हिन्दुस्तान वापस आ गए और उसे मुजाहिद ए आज़ादी के बड़े नेताओं को जगह जगह दिखाया और इस तरह वो देवबंद की सियासी तहरीक रेशमी रुमाल मे एक बड़े किरदार के रुप मे शामिल हो गये और फिर अफ़ग़ानिस्तान के लिए निकल पड़े
और जून 1916 को काबुल पहुंच गए… जहां पहले से ही उनके साथी मौलान ओबैदउल्लाह सिंधी मौजुद थे जिनकी अफ़गान सरदार हबीबुल्ला खान से बहुत अच्छी बनती थी और उनकी ही मदद से राजा महेन्द्र प्रताप की प्रवासी सरकार की स्थापना की गई थी जिसे तुर्की और जर्मनी जैसे उस वक़्त के बड़े राष्ट्रो ने मान्यता दी थी, मौलाना ओबैदुल्लाह उस सरकार मे होम मिनिस्टर की हैसियत से थे और मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली प्राधानमंत्री की हैसियत रखते थे,

रेशमी रुमाल तहरीक हिन्दुस्तान को आज़ाद कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया पहला आदोलन था, इस आदोलन के तहत फ़िरंगी शासन को ध्वस्त करने के लिए सभी गुप्त योजनाएं रेशमी रुमाल पर लिखकर भेजी जाती थीं,
वर्ष 1916 में रेशमी रुमाल आदोलन चरमोत्कर्ष पर था। 1904 में शेखुल हिन्द महमूद हसन ने “रेश्मी रुमाल” तहरीक शुरू की जो 1914 तक इस कदर मुअस्सिर तहरीक बन गयी थी कि अगर कुछ लोग तहरीक से गद्दारी ना करते तो शायद हम 1914-16 में ही आज़ाद हो गये होते मगर तहरीक नाकाम हुई और तहरीक के रहबर मौलाना महमूद उल हसन, मौलाना अज़ीज़ गुल, हकीम नुसरत हुसैन रहीमउल्लाह और दीगर बुज़ुर्गाने दीन हिजाज़ ए मुक़द्दस में गिरफ़्तार किये गये, मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली , मौलाना मुहम्मद मियां अन्सारी, मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी, और दीगर बुज़ुरगों को जिला वतन किया गया,

मौलाना मोहम्मद मियां मनसुर अंसारी जंग के ख़त्म होने तक काबुल मे रहे , प्रथम विश्व युद्ध के बाद हालात ख़राब हो चुके थे , जर्मनी बिखर चुका था तो रुस अपने घर मे ही क्रान्ति के दौर से गुज़र रहा था। मौलाना मोहम्मद मियां मंसुर अंसारी रुस को रवाना हो गये अपनी आँखो के सामने रुस के क्रान्ति को देखा, लेनिन से कभी मिल तो नही पाए लेकिन रुस की क्रान्ति ने मौलाना की ज़िन्दगी मे नया इंक़लाब ला चुका था फिर वहां से मौलाना तुर्की चले गये वहाँ भी कमाल पाशा के हाथ तुर्की नई ज़िन्दगी की शुरुआत कर रहा था और दो साल तक मौलाना वहाँ रहे , फिर इस तरह वापस काबुल पहुंच गए और वहीं पढ़ने पढ़ाने का काम जारी रखा !

…. दिल मे एक कसक थी वतन लौटने की , लौटना आसान नही था आख़िर 1946 मे कांग्रेस की मदद से वतन लौटने के लिए अंग्रेज़ो की प्रमिशन मिली , पर तब तक काफ़ी देर हो चुका था। क्योंके मौलाना मोहम्मद मियां मंसुर अंसारी जलालाबाद (अफ़ग़ानिस्तान) मे ही काफ़ी बिमार हो जाते हैं और 11 जनवरी 1946 को 62 साल की उमर मे इस दुनिया को अलविदा कह जाते है और उन्हे लग़मान ज़िला के एक क़ब्रिस्तान मे दफ़ना दिया जाता है। बहादुर शाह ज़फ़र के इस शेर के साथ मौलाना को ख़िराज ए अक़ीदत 🙂

न दबाया ज़ेरे-ज़मीं उन्हें, न दिया किसी ने कफ़न उन्हें
न हुआ नसीब वतन उन्हें, न कहीं निशाने-मज़ार है.

❄️ *ठंड से काँपते जिस्मों को गरम कंबल की ज़रूरत है…!*  💔 हर साल हज़ारों लोग सिर्फ ठंड से मर जाते हैं — क्योंकि उनके पास ...
06/01/2026

❄️ *ठंड से काँपते जिस्मों को गरम कंबल की ज़रूरत है…!*
💔 हर साल हज़ारों लोग सिर्फ ठंड से मर जाते हैं — क्योंकि उनके पास ओढ़ने को कुछ नहीं होता।

🙏 *हक़ की आवाज़* और *Sashakt Foundation* मिलकर ऐसे बेसहारा और ज़रूरतमंद लोगों को कंबल बांटने की मुहिम चला रहे हैं।

🧣 आपका छोटा सा सहयोग किसी के लिए *ज़िंदगी की गर्माहट* बन सकता है।

🤝 *आइए, इस नेक काम में भागीदार बनें।*

📦 आप *कंबल डोनेट* करें या *थोड़ा-बहुत आर्थिक सहयोग* —
हर योगदान कीमती है!

📲 *Scan करके डोनेट करें या अकाउंट डिटेल से ट्रांसफर करें।*
📌 *संपर्क:* सज्जाद आलम
📞 9115349786

*आपका एक कदम, किसी की ज़िंदगी बदल सकता है!*
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