08/03/2026
!! नारी तू अनमोल है!!
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वैसे तो हूं मैं केवल एक आम सी नारी ही!
मगर जब मैं खुद को खुद से मिलती हूं तो खास बन जाती हूं!!
पुरुषों के इस जहां में कोई मोल नहीं है मेरा!
किसी नारी से जब मिलती हूं तो एहसास बन जाती हूं!!
यूं तो तोड़ ना पाएगा हम नारियों को कोई भी!
कोई परेशानी जब आती है तो फौलाद बन जाती हूं!!
सृष्टि की रचयिता हूं ! हूं पालनहार भी!
जिसके साथ भी जुड़ती हूं सौभाग्य बन जाती हूं!!
!!अर्चना की रचना!!
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