फेसबुक पर क्रांति तो बहुत लोग ला रहे हैं और काफी सराहनीय तरीके से ला रहे हैं ,हमने सोचा कि क्यों ना हम लोग ज़मीनी स्तर पर कुछ प्रयास करें. कुछ निरर्थक लोग एकजुट हुए और "द मॉब" संस्था बना दी.इस संस्था में सभी धर्म के लोगों ने अपने अपने हिस्से की ज़िम्मेदारी उठा ली और लगे इंसानियत की सेवा करने.थोड़े ही दिनों में इन लोगों नें 1500 से भी अधिक लोगों की मदद कर डाली. य़ानि की 1500 से अधिक ज़रूरतमंदों को खून द
ान कर डाला.डर तो ये है कि इस तरह की जुर्रत दिखाने की वजह से कहीं इनको समाज विरोधी ना घोषित कर दिया जाये.हिन्दू-मुसलिम-सिख-ईसाई कुछ नहीं देखा बस एक ही तराजू में सबको तोल दिया और एक लाइन से मदद करनी शुरू कर दी.कहीं ये ना आरोप लगा दिया जाये कि भाई आप लोग तो खून को मिला दे रहे हो,अरे कम से कम धर्म को तो बचा के चलो. पर किसी को भी परेशान होने कि ज़रूरत नही है भाई लोग ,खून का रंग एक ही है इसलिये हमारी चालाकी कोई पकड़ नहीं पायेगा .ना "द मॉब" के सदस्यो को पीड़ित व्यक्ति की जाति या धर्म से कोई मतलब था या है ,ना ही मदद मांगने वाले ने कभी कोई सवाल उठाया.कुल मिला के हम लोगों ने शायद कहीं धर्म की दीवार में छोटी मोटी सेंध लगा ही ली.उपर से ये सारी मदद लोगों ने बिना किसी लालच के की और अभी भी कर रहे हैं.किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं है इस संस्था में सब कुछ नि:शुल्क है.लोगों ने सराहा भी हमारे काम को,बहुत सारे भाई हमारे हमकदम भी बने,हमारा साथ भी बढचढ के दिया और दे भी रहे हैं .हमारी तकलीफ बस इतनी हैं कि बहुत मुशकिल से हम लोग एक-एक यूनिट खून का इंतजाम करते हैं,बहुत मेहनत,कोशिश और समय लगाने के बाद किसी तरह से एक इंसान की मदद कर पाते हैं तो कृपया हमारी बहुत ज़्यादा आलोचना मत करें,थोडी बहुत आलोचना करके ही काम चला लीजिये.आपसे हाथ नहीं बटाया जा रहा है कोई बात नहीं ,पर कम से कम टांग तो ना खींचिये.अगर आप युवाओं को प्रोत्साहित नहीं कर सकते तो कम से कम उनका मनोबल तो ना गिराईये.
रक्तदान बहुत सारे लोग और संस्थाये करती हैं और उनका योगदान निसंदेह उल्लेखनीय है.हम उनका पूरा सम्मान करते हैं.सरकारी महकमे के अधीन कुछ जागरूक लोगों को एकत्रित करना और फिर अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारी से फारिग हो जाना कि भाई हमने तो रक्तदान कर दिया .इस तरह सिर्फ 2-3 घंटों में ही 10-15 लोगों का रक्तदान करवा देना थोड़ा आसान भी पड़ जाता है.पर रक्तदाता के अंतरमन में जो एक आत्म संतुष्टि का भाव आना चाहिये वो शायद कहीं सम्पूर्ण रूप से नहीं आ पाता होगा क्योंकि उसको ये पता नही चलता कि आपका खून किसको गया,कब गया,किसी ज़रूरतमंद को मिला या फिर किसी नेता के फोन की वजह से किसी अपात्र को मिला.दान करने का ये मतलब थोडी ना है कि नाली में फेंक दो. दान का मतलब होता है कि सही पात्र को आपके द्वारा दान की गयी वस्तु मिले .काम हमारा भी रक्तदान ही है पर हमारी कार्यशैली बिलकुल ही अलग है.हमारा काम इंसान को इंसान से जोड़ता है .हमारी संस्था के हेल्प लाइन नम्बर हैं जो कि सभी प्रमुख अखबारों द्वारा समय समय पर जारी किये जाते हैं,उन नम्बरों पर पीड़ित के परिजन सम्पर्क करते हैं फिर हमारी संस्था में से कोई भी रक्तदाता अपना कीमती समय खर्च कर मरीज के परिजन से सम्पर्क करता है,और उनके बताये हुए समय पर अपना काम छोड़ कर मरीज के परिजनो से मिलकर उनको तसल्ली देता है ,हिम्मत बढ़ाता है और नि:स्वार्थ भाव से रक्तदान करके वापस चला आता है.और साथ में अपने मन में लेकर आता है आत्मसम्मान ,आत्मसंतुष्टि का भाव कि आज किसी सच में मजबूर और लाचार इंसान की मदद करी,उसके रोते बिलखते परिवार के आँसू पोंछे,उसके बूढे बाप को गले लगाया उसके छोटे छोटे बच्चों को पुचकारा कहीं छोटी सी एक उम्मीद की किरन जगायी उनके मन में,शायद उनका खुदायी ताकत पर विश्वास मजबूत किया या शायद हमने खुद को इंसान साबित किया.शायद किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित किसी मासूम बच्चे का परिचय कम उम्र में ही इंसानियत से कराया,अगर ये सारी बातें किताबी लग रही हैं तो सिर्फ इतना मान लीजिये कि शायद हमने अपने अन्दर के सोये हुए इंसान को जगाकर उसका खुद से ही संछिप्त सा साक्षात्कार करवाया .इससे समाज में एक संदेश देने की कोशिश करी कि इंसानियत अभी पूरी तरह से मरी नहीं है ,अभी सांस चल रही है ,नब्ज अभी बाकी है ,अभी कुछ लोग हैं जो कि ज़िन्दा रखे हैं इंसानियत को. आर्थिक,मानसिक और शारीरिक परेशानी से जूझ रहे मरीज के परिजन को जब कोई अंजान इंसान सहारा देता है ना भाई तो उनको एहसास होता है कि इंसानियत है अभी दुनिया में और फिर उनका अंतरमन भी स्वत: ही प्रतिबद्ध होता है कि अगर कभी किसी अन्य व्यक्ति को ज़रुरत पड़ेगी और उनको कैसे भी करके जानकारी हो गयी तो वो भी उस को सहारा देने के लिये आगे आयेंगे. इस तरह से एक इंसान दूसरे इंसान के सम्पर्क में आ रहा है. ये एक तरीके से समाज को जोड़ने का काम भी है,कोशिश है, वरना आजकल बुरायी हर तरफ फैल रही है और उसको सिर्फ फेसबुक पर लाइक,कमेंट और शेयर करके नहीं कम किया जा सकता है बल्कि एक दूसरे के परस्पर सहयोग से इस बुरायी को पराजित किया जा सकता है .हम अपने हिस्से का काम कर रहे हैं क्या आपने भी किया अपने हिस्से का काम?
हम अपने सभी जागरुक और बेमिसाल सदस्यों को कुछ दे नहीं पाते पर दिल से उनके आभारी हैं.और देंगे भी क्या उन महादानियों को ,वो खुद लोगों को दिल खोल कर दान करते हैं.आप सभी को हम लोग बस धन्यवाद बोल सकते हैं फिलहाल पर भविष्य किसी ने नहीं देखा है,अगर किसी लायक हुए तो आपके ऋण को हल्का करने का प्रयास अवश्य करेंगे .
धन्यवाद
The "MOB"- My Own Bloodbank
Note - ये हमारे अपने विचार हैं किसी को आहत या अपमानित करने का कोई इरादा नहीं है. कृपया इस पोस्ट को व्यक्तिगत तौर पर ना लें. Blood Donation is service to Humankind.Because of the constant need of blood and the fact that supply can be at alarming low levels more often then not, blood collecting organisations are trying to reach as many possible donors they can. ALONE one is weak but TOGETHER we can make a difference.JOIN US to Give mankind the greatest gift. Donate blood when "the MOB" comes to your place. ;)