23/06/2026
साथियों सामाजिक संघर्ष को व्यक्तिगत राजनीति की भेंट न चढ़ाएँ #महाराज_मल्लीह_अरख जी के विवादित स्मृति द्वार के संबंध में दिनांक 22 जून 2026 को अर्कवंशी क्षत्रिय महासेना के अध्यक्ष श्री संदीप सिंह अर्कवंशी द्वारा जिलाधिकारी लखनऊ को ज्ञापन सौंपा गया। यह कदम समाज के सम्मान, इतिहास और अस्मिता से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय को प्रशासन के समक्ष रखने का प्रयास है। समाज हित में किए गए इस कार्य का स्वागत होना चाहिए। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग सामाजिक मुद्दों को भी व्यक्तिगत और गुटीय राजनीति के चश्मे से देखने लगते हैं। किसी भी संगठन या व्यक्ति से वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन जब बात पूरे समाज के सम्मान और अधिकारों की हो, तब संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर एकजुटता दिखाना आवश्यक हो जाता है।यह ज्ञापन किसी व्यक्ति विशेष की निजी भूमि की पैमाइश या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं दिया गया है, बल्कि समाज की भावनाओं और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े विषय पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए दिया गया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर बिना तथ्य और तर्क के की जाने वाली टिप्पणियाँ केवल समाज की एकता को कमजोर करती हैं। मेरा स्वयं विभिन्न तथाकथित क्षत्रिय संगठनों और उनके नेतृत्व से अनेक विषयों पर मतभेद रहा है, लेकिन जब भी अरख समाज के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई की बात आई है, तब मैंने हर उस युवा नेतृत्व और सामाजिक कार्यकर्ता का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है जो समाज के लिए संघर्ष कर रहा है। सामाजिक संघर्ष किसी एक संगठन, व्यक्ति या पद का नहीं, बल्कि पूरे समाज का विषय होता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम आपसी खींचतान छोड़कर समाज के बड़े मुद्दों पर एकजुट हों। यदि किसी के प्रयास का समर्थन नहीं कर सकते, तो कम से कम बिना आधार और तर्कहीन टिप्पणियों से उसका मनोबल गिराने का प्रयास न करें। समाज का हित व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से बड़ा होता है और इतिहास उन्हीं लोगों को याद रखता है जिन्होंने समाज को जोड़ने का कार्य किया, तोड़ने का नहीं। अरख समाज के सम्मान, इतिहास और अधिकारों की लड़ाई में जो भी व्यक्ति, संगठन या युवा आगे बढ़कर कार्य कर रहा है, उसका मनोबल बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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