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उन्होंने अपने रिलिजीयस बुक को खोला। वहां एक आदेश था - :- "तुम जादूगरनी को जीवित नहीं रहने दोगे"अपने बुक के इस एक आदेश का...
23/08/2026

उन्होंने अपने रिलिजीयस बुक को खोला। वहां एक आदेश था - :- "तुम जादूगरनी को जीवित नहीं रहने दोगे"

अपने बुक के इस एक आदेश का पालन करते हुए तकरीबन पांच शताब्दियों के अंदर केवल यूरोप में उन लोगों ने 90 लाख महिलाओं को चुड़ैल और डायन बताकर उनकी निर्मम हत्या कर दी।

उनके रिलीजियस लीडर्स ने 1486 में अपने अनुयाइयों के लिए एक किताब छपवाई, जिसका नाम था :-

The Malleus Maleficarum (The Witch Hammer)

ये वो किताब थी, जिसको मानव इतिहास के सबसे निर्मम और सबसे अधिक कत्लेआम की किताब माना जाता है। इस किताब में उन्होंने दुनिया भर में फैले अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि डायनें और जादूगरनियाँ धरती पर शैतान की प्रतिनिधि हैं, इसलिए जादू-टोना करने वाली हर स्त्री को चुन-चुन कर जिन्दा जला दिया जाए।

जहाँ-जहाँ उनका रिलीजन पहुँचा, वहां के लोगों की मूल पूजा-विधि को उन्होंने डायन विधा और शैतानी अनुष्ठान घोषित कर दिया और उनकी नृशंस हत्या करवा दी।

रोचक ये कि किताब The Malleus Maleficarum के जो मुख्य भूमिकाकार थे, उनके नाम में "इनोसेंट" लगा था🙂

उनकी तरफ से दुनिया भर में ऐसे प्रचारक भेजे गए जिनका दावा था कि वो डायनों को देखतें ही पहचान सकतें हैं। डायनों को खोजने वाले इन एक्सपर्ट्स को "विच फाइंडर" कहा जाता था जिसमें सबसे बड़ा नाम है - इंग्लैंड के मैथ्यू हॉपकिन्स का जिसने अकेले सन 1645 से 1647 के बीच हज़ारों महिलाओं को डायन घोषित किया और जो महिला डायन होने के आरोप से इनकार करती थी, हॉपकिन्स उस पर तब तक जुल्म करता था जब तक वो डायन होना स्वीकार न ले और जब एक बार उसने स्वीकार कर लिया फिर उसे जिन्दा जला दिया जाता था।

अत्याचार की ये करुण कथा केवल मध्य युग की ही नहीं है. फ्रांस की महान देशभक्त महिला जॉन आफ आर्क (जिनके वीरता की कहानी हमने बचपन में पढ़ी थी और जो फ़्रांस-इंग्लैंड युद्ध की नायिका थी) को भी इन लोगों ने नहीं छोड़ा। उसे विधर्मी और 'चुडै़ल' घोषित कर देकर पूर्वी फ्रांस के बुरगुंडी शहर के राउन बाजार में जिंदा जला दिया गया।

अत्याचार की भीषण कहानी यही ख़त्म नहीं हुई, 1944 में इंग्लैंड में हेलेन डंकल नाम की एक महिला को 'डायन' होने के आरोप में गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया गया।

आज किसी ने मनुस्मृति में महिलाओं के बारे पर कुछ झूठी बात की तो ये सब याद आ गया 🙂c/p

24/07/2026

2 बेहद जहरीली गैसें हैं; मेथिल आइसो सायनेट(MIC) और कार्बन मोनो ऑक्साइड(CO). ये दोनों गैसें किसी भी पहलवान को कुछ ही समय मे मुर्दा कर सकतीं हैं पर इनकी कार्यशैली एक-दूसरे से विपरीत है।

जब कोई व्यक्ति MIC के संपर्क में आता है तो इसकी तीक्ष्ण गंध का एहसान होता है, आँखों और त्वचा में अत्यधिक जलन होने लगती है। गैसीय वातावरण में सांस लेने पर ऐसे लगता है कि आग निगल रहा हो; लिवर, आंतो, किडनी में ऐसा महसूस होता है मानो किसी ने अंगारे रख दिये हो। कुछ देर गैस के संपर्क में रहने के बाद चमड़ी उधड़ने लगती है, आंखे, किडनी, फेफड़े, लिवर, आंतें शरीर के सभी महत्वपूर्ण organs नष्ट हो जातें है। इस गैस की चपेट में आने वाला व्यक्ति बेहद दर्दनाक तरीके से तड़प-तड़प के मरता। 1984 के भोपाल गैस कांड में भी यही MIC गैस खलनायक थी। इस गैस ने आधिकारिक रूप से 20,000 लोग मारे पर अनाधिकारिक सूत्रों से 1 लाख से ऊपर लोग मरे।

इसके विपरीत जब कहीं कार्बन मोनो ऑक्साइड (CO) का रिसाव कहीं भी होता है तो लोगों को पता भी नहीं चलता। ये एक रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन गैस है। इसकी चपेट में आने व्यक्ति को किसी भी तरह का दर्द महसूस नहीं होता। आपने अक्सर खबरें पढ़ीं होंगी कि सर्दियों में एक परिवार, कमरा गर्म करने के लिए लकड़ियां जला के सो गए और सुबह सभी मृत मिले। गर्मियों में कार का AC चला के सोने वाले भी अक्सर मृत पाएं जाते हैं इन दोनों ही केसेस में CO गैस के बनने से मौत होती है।
ये गैस सूंघने पर खून में हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर मस्तिष्क तक पहुंच जाती है शुरू में व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि चक्कर आ रहे हैं फिर वह व्यक्ति कोमा में चला जाता है और इसके बाद ब्रेन डेथ के कारण उसकी मौत हो जाती है। महत्वपूर्ण बात ये है कि CO गैस, MIC गैस की तरह आंखों, किडनी, लिवर, त्वचा इत्यादि ऑर्गन्स को जरा भी नुकसान नहीं पहुंचाती केवल ब्रेन डेथ के द्वारा आदमी को मारती है।

हिंदुत्व को अगर एक मानव शरीर माना जाय तो ब्राह्मण इसका मस्तिष्क है और बाकी जातियां इसके ऑर्गन्स हैं। इस्लाम MIC गैस की तरह हर उस अंग को नष्ट करेगा जो इसके संपर्क में आएगा। इस्लाम कश्मीर में ब्राह्मणों को मारेगा, जोगेंद्र नाथ मंडल के सामने दलितों को मारेगा, मुजफ्फर नगर में जाटों को मारेगा, मऊ दंगे में यादवों को तड़पा के मारेगा.

इसके विपरीत ईसाई मिशनरियां CO गैस की तरह सिर्फ ब्राह्मण को निशाना बना रही हैं। ईसाईयों को यादव, जाट, धोबी, मोची, बनिया, दलित से कोई दिक्कत नहीं।
इस्लाम का हमला MIC गैस की तरह महसूस होता है पर CO गैस की तरह ईसाईयत के हमले को महसूस नहीं किया जा सकता। ये हमला रंगहीन यानी छद्मावरण में है। इस हमले को करने वाले हिन्दू नामों वाले ही लोग है जिन्हें लोग वामी, सेक्युलर, लिबरल समझते है। कांग्रेस का हिंदुत्व पर हमला, NDTV का हिंदुत्व पर हमला एक ईसाईयत का रंगहीन छद्मावरण में हमला है।

ईसाई मिशनरियां हिंदुत्व के मस्तिष्क को खत्म करने के लोए लंबे समय झूठा ब्राह्मण विरोधी प्रचार कर रही है। भारत मे जितनी भी समस्याएं है उनका आधार ब्राह्मणों को बना के पेश किया जा रहा है। पूरा दलित आंदोलन, आरक्षण, मंडल कमीशन केवल ब्राह्मण विरोध की झूठी शोषण की कहानियों पर आधारित है। क्रिसमस पर मनुस्मृति जलाने वाला अम्बेडकर, ब्राह्मण विरोधी बीपी मंडल, जोशुआ प्रजेक्ट के सदस्यों के साथ उठने बैठने वाले शरद यादव जैसे रंगहीन क्रिप्टो-क्रिश्चियन्स सिर्फ हिन्दू धर्म के खिलाफ है, इन्हें इस्लाम की किसी कुरीति से कोई दिक्कत नहीं। जिस आंदोलन को आप दलित आंदोलन समझते है उसके पीछे चर्च है उसके सभी ध्वजवाहक और समर्थक हिन्दू नामों में छिपे क्रिप्टो-क्रिश्चियन्स हैं।

CO गैस, MIC गैस से अधिक खतरनाक है;
ईसाईयत, इस्लाम से अधिक खतरनाक है।

CO गैस से बचने के लिए दुनिया के विकसित देशों में लोग अपने घरों में CO अलार्म लगवाते हैं ताकि CO की उपस्थिति का पता चले। आपको ईसाईयत के हमले से बचना है तो इसके अपने आसपास रंगहीन छद्मावरण में उपस्थिति को समझना होगा, आपको क्रिप्टो-क्रिश्चिएनिटी को समझना होगा और बाकी लोगों को इसके खिलाफ जागरूक करना होगा।

ये जेहादी कहा से दिख रही हैं कि ये कोई अवतार को जन्म देंगी  ....?उस दल्ले जज केजी जोशी ने इस जेहादी निदा खान को इस शर्त ...
13/07/2026

ये जेहादी कहा से दिख रही हैं कि ये कोई अवतार को जन्म देंगी ....?
उस दल्ले जज केजी जोशी ने इस जेहादी निदा खान को इस शर्त पर बैल दिया कि कृष्ण जी का जन्म जेल में हुआ जो सामाजिक कलंक है!

अरे पापी ज़मानत ही देना था तो अपने घर का कोई कहानी सुनाकर बेल देता की कैसे तेरा halala के कारण जन्म हुआ, प्रभु कृष्ण जी को बीच में क्यों लेकर आया!

हिंदू जैसा निर्लज्ज मरा हुआ समाज ये सुनकर घर में बैठा हुआ!

Allah के लिए किसी जज ने आपत्तिजनक बकवास किया होता तो अब तक सर तन से जुदा हो गया होता ! जज को छुपकर रहना पड़ता लेकिन नाली जैसा मुह है तो हिंदू देवी देवताओं पर टिका टिप्पणियां कर सकता है!

महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए टीसीएस (TCS) धर्म परिवर्तन मामले में गर्भवती आरोपी निदा खान को इसी सप्ताह जमानत मिल गई है. निदा खान पांच महीने की गर्भवती हैं. जमानत देते समय कोर्ट ने कहा कि जेल में बच्चे का जन्म होना किसी भी महिला और बच्चे के लिए बहुत मुश्किल स्थिति होती है. अदालत ने इसकी तुलना भगवान कृष्ण के जन्म की परिस्थितियों से की.

आगा खां पैलेस - यही वो जेल है जहाँ महात्मा' मोहनदास करमचंद गांधी को 2 साल तक यातनाएं दी गई थीं।सजा इतनी कठोर थी कि 'बापू...
23/06/2026

आगा खां पैलेस - यही वो जेल है जहाँ महात्मा' मोहनदास करमचंद गांधी को 2 साल तक यातनाएं दी गई थीं।

सजा इतनी कठोर थी कि 'बापू' को स्नान करने के लिए 10×10 फिट के संगमरमर लगे बाथरूम में नहाना पड़ता था।

सजा इतनी कठोर थी कि बापू को 8×8 फिट के नर्म, मुलायम मखमली बिस्तर में सोने के लिए मजबूर किया जाता था।

सजा इतनी कठोर थी कि 20 एकड़ में फैले आगा खां पैलेस की हरी हरी मुलायम घास(लॅान) में घूमने के लिए मजबूर किया जाता था।

सजा इतनी कठोर थी कि 12×12 फिट के स्टडी रूम में आलीशान टेबल कुर्सी में बेहतरीन इंग्लैंड के कागज में लेखन के लिए मजबूर किया गया।

और हां, सजा इतनी कठोर थी कि बापू की पत्नी भी साथ में रहती थी।

सजा इतनी कठोर थी कि आने जाने के लिए मर्सडीज कार में बैठने को मजबूर किया जाता था।

और उधर वीर सावरकर को इतनी आसान सजा मिली थी, हाथ पांव लोहे की जंजीरों से बंधे थे और दो जन्म की कालापानी की और उसमे भी रोज कोल्हू से तेल निकालना पड़ता था।

गांधी देश के बापू बन गए और सावरकर जी अंग्रेजो से माफी मानने वाला !

*नोट:-जिसे विश्वास नही है वे पुणे में स्थित आगा खां पैलेस घूम आए, जो आज भी गांधी संग्रहालय के रूप में है।*

गाना सुन रहा था — “सजदे किये हैं लाखों, लाखों दुआएं मांगी। पाया है मैंने फिर तुझे।  तुझसे ही दिल ये बहला, तू जैसे कलमा प...
23/06/2026

गाना सुन रहा था — “सजदे किये हैं लाखों, लाखों दुआएं मांगी। पाया है मैंने फिर तुझे।
तुझसे ही दिल ये बहला, तू जैसे कलमा पहला। चाहूं ना फिर क्यों मैं तुझे।” (गाते हुए पढ़ने का प्रयास करो ब्रो 😄)

तभी मेरे दिमाग में एक बात आई। वेंचो.! इस गाने में तो अक्षय कुमार है। हीरोइन है तृषा कृष्णन। दोनों हिoन्दू हैं। फिल्म में अक्षय कुमार सचिन टिचकुले बने हैं, हिoन्दू पात्र है। हीरोइन गहना गनकुले का पात्र कर रही है। वो भी हिoन्दू है।

पूरी कहानी में कहीं भी इoस्लामिक टच वगैरह नहीं है। हीरो-हीरोइन का परिवार, यार-दोस्त, ऑफिस इत्यादि में कोई भी मुoस्लिम पात्र नहीं है।

ये 2010 की बॉलीवुड फिल्म है — खट्टा मीठा।

जब आकाश से लेकर पाताल तक फिल्म में कुछ भी इoस्लामिक नहीं है तो इस गाने में नायक सजदा क्यों कर रहा है। दुआ क्यों पढ़ रहा है। हीरोइन के सामने कलमा पढ़ने की बात क्यों कर रहा है।🤨

क्या बॉलीवुड को कॉन्ट्रैक्ट मिला हुआ है, कि जैसे-तैसे कुछ भी करके वो मoज़हब वाला एजेंडा घुसेड़ना ही है।

फिर मैंने चेक किया कि फिल्म का बैकग्राउंड देखते हैं। सिंगर KK और सुनिधि चौहान हैं। म्यूजिक प्रीतम का है। डायरेक्टर प्रियदर्शन हैं। प्रोड्यूसर ढिलीन मेहता हैं। सब हिन्दू हैं वेंचो। 🤨

फिर नजर पड़ी गीतकार पर — गीतकार हैं इरशाद कामिल।

ओहो।।। बस, मैं समझ गया, कृपा यहीं से आई है। 😃😃

चलो मैं सेoकुलर बनकर मान लेता हूँ कि ये हिन्oदू-मुoस्लिम भाईचारे के लिए फिल्म में डाल दिया जाता होगा।

पर मेरी एक बात का जवाब दो, किसी भी फिल्म में किसी मुoस्लिम पात्र को सही मायने में भगवान की पूजा-आरती करते, या हवन करते दिखाया जाता है, हिoन्दू संस्कृति को बढ़ावा देते दिखाया जाता है, ताकि उस तरफ से भी भाईचारा बढ़े। 🤨🤔

मेरे सवाल काफी लोगों को गलत लग सकते हैं। पर मैं जो कहता हूँ तर्क के आधार पर कहता हूँ, फैक्ट और सबूत के साथ कहता हूँ। 💀
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क्या आपको भी लगता है कि बॉलीवुड वाले जानबूझकर इस्oलामिक एजेंडा फिल्मों में घुसाते आए हैं। आपको ऐसा किस फिल्म में महसूस हुआ?
Courtesy
© मुकेश जोशी

21/06/2026

72 Jile😄😄😄😄

अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इससे मंदिर प्रबंधन पर लग रहे आरोपों के साथ-साथ...
21/06/2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इससे मंदिर प्रबंधन पर लग रहे आरोपों के साथ-साथ संदेह भी बढ़ता जा रहा है। मंदिर निर्माण के समय दान देने वाले कुछ श्रद्धालु अब खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और दान में दी गई वस्तुओं का सार्वजनिक हिसाब मांग रहे हैं।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने बताया कि देशभर के सराफा कारोबारियों ने 10-10 और 20-20 ग्राम चांदी भेजकर करीब 60 किलो चांदी एकत्र की थी। इस चांदी को गलाकर एक से सवा किलो वजन की ईंटें तैयार की गई थीं, जिन पर दानदाताओं के नाम और गोत्र अंकित थे। इसके अलावा ऋषिकेश एसोसिएशन की ओर से एक किलो चांदी का कलश भी भेंट किया गया था।

माँ लक्ष्मी के इन दिव्य मंत्रो का स्मरण जाप करने से माता की शीघ्र कृपा प्राप्त होती है घर में सुख समृद्धि बनी रहती है
19/06/2026

माँ लक्ष्मी के इन दिव्य मंत्रो का स्मरण जाप करने से माता की शीघ्र कृपा प्राप्त होती है घर में सुख समृद्धि बनी रहती है

1992 में टाटा स्टील की नौकरी से इस्तीफ़ा देने के बाद केजरीवाल ने मदर टेरेसा के संगठन के साथ वॉलंटियर किया।केजरीवाल ने को...
27/05/2026

1992 में टाटा स्टील की नौकरी से इस्तीफ़ा देने के बाद केजरीवाल ने मदर टेरेसा के संगठन के साथ वॉलंटियर किया।

केजरीवाल ने कोलकाता में कालीघाट आश्रम (निर्मल हृदय) में मिशनरी ऑफ़ चैरिटी के साथ वॉलंटियर के तौर पर काम किया।

पहले CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) जिसे AAP के प्रॉक्सी चलाते थे और अब US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट सीधे कोलकाता में उतरकर मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी से मिलने गए।

कहानियों को जोड़ो।

उम्मीद है अब आपको पूरा कनेक्शन समझ आ गया होगा

उसे गोवा चाहिए क्योंकि पंजाब फिसल रहा है और गोवा पैसे का थैला है, साथ ही उसे पावर भी मिल सकती है

कोलकाता में सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट की ज़मीन है, मिशनरियों से मिलते हैं, गोवा में 33% ईसाई हैं, नटवरलाल कोलकाता मिशनरियों में काम करता था, CJP US से चलता है

GOA ही गेम है

हर महीने 18000 करोड़ कैश ट्रांज़ैक्शन

9 कसीनो और ड्रग्स

अब आपको गेम समझ आ गया होगा

केजरीवाल CIA का एसेट है जिसे उन्होंने IAC (इंडिया अगेंस्ट करप्शन) मूवमेंट पर कब्ज़ा करने के लिए बनाया है

उसे अन्ना टीम में प्लांट किया गया था

इसीलिए वह खालिस्तानियों को सपोर्ट करता है, जो भारत को अंदरूनी झगड़ों में उलझाए रखने के लिए CIA का एक टूल है
..... लेकिन फिर मोदी आउट ऑफ़ सिलेबस के तौर पर आया

चींटियों का रास्ता हमेशा चींटियों के टीले तक ही जाता है

Senior Congress leader Acharya Pramod Krishnam stated that former Congress Home and Finance Minister P. Chidambaram live...
26/05/2026

Senior Congress leader Acharya Pramod Krishnam stated that former Congress Home and Finance Minister P. Chidambaram lived in a rented residence—specifically, his wife's house—for which the government paid a monthly rent of ₹2 lakh.

Similarly, Rahul Gandhi lived in a rented residence—his mother Sonia Gandhi's house—for which the government paid ₹5 lakh per month.

Likewise, Priyanka Gandhi lived in a rented residence—her brother Rahul Gandhi's house—with the government paying a monthly rent of ₹5 lakh; and Sonia Gandhi lived in a rented residence—her daughter's house—for which the government paid a monthly rent of ₹5 lakh.

This illustrates the extent to which these Congress leaders have defrauded the nation, while their sycophants continue to grovel at the feet of this treacherous family.

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Lucknow

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