14/05/2026
“न्याय, समानता और मानवता की दिशा में”
संपादकीय
आपके हाथों में पब्लिक राइट्स एसोसिएशन की यह स्मारिका केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि एक जागरूक आंदोलन की जीवंत अभिव्यक्ति है। यह उन हजारों सजग, विचारशील और प्रतिबद्ध नागरिकों की सामूहिक चेतना का प्रतीक है, जो देश में न्याय, समानता, मानवाधिकार और सामाजिक सम्मान की स्थापना हेतु एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं।
यह स्मारिका लखनऊ इकाई के समर्पित सदस्यों के अथक परिश्रम, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का परिणाम है। इसमें न केवल संगठन की गतिविधियों, विस्तार और उपलब्धियों का प्रतिबिंब दिखाई देता है, बल्कि भविष्य के लिए हमारे संकल्प, योजनाएँ और सामाजिक दृष्टिकोण भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं।
आज पब्लिक राइट्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के 40 से अधिक जनपदों में अपनी सशक्त उपस्थिति स्थापित कर चुका है तथा देश के 15 से अधिक राज्यों में सामाजिक चेतना और अधिकार जागरूकता का संदेश पहुँचा रहा है। हजारों सदस्य इस मिशन से जुड़कर एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं, जहाँ प्रत्येक नागरिक को उसके संवैधानिक अधिकार, समान अवसर और सम्मानपूर्ण जीवन प्राप्त हो सके।
हमारा उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि एक ऐसे जागरूक, संवेदनशील और उत्तरदायी समाज का निर्माण करना है, जो अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग और प्रतिबद्ध हो।
हम संगठन के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सदस्यों, शुभचिंतकों एवं सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपने श्रम, समय, विश्वास और समर्पण से इस स्मारिका को साकार रूप प्रदान किया।
आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि एक संगठित, समान, न्यायपूर्ण और मानवीय भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाते रहेंगे।
क्योंकि जागरूक समाज ही सशक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी पहचान होता है।
— संपादकीय टीम
पब्लिक राइट्स एसोसिएशन