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धर्म एवं राष्ट्र की अनुपम झांकी!

भारत माता चैनल की ओर से आप सभी को पापांकुशा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा-अर्चना...
22/10/2026

भारत माता चैनल की ओर से आप सभी को पापांकुशा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏

भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा-अर्चना के इस पावन दिन पर आइए, अच्छे कर्मों और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।
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बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व, दशहरा! भारत माता चैनल की ओर से आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। आइए, इस पर्व प...
20/10/2026

बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व, दशहरा!

भारत माता चैनल की ओर से आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। आइए, इस पर्व पर अच्छाई का साथ देने और सही राह पर चलने का संकल्प लें।
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19/10/2026

भारत का एक ऐसा दशहरा, जहाँ रावण दहन नहीं होता और उत्सव 75 दिनों तक चलता है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में दशहरा, भगवान राम और रावण की कथा के बजाय माँ दंतेश्वरी की आराधना और स्थानीय देवी-देवताओं की परंपरा से जुड़ा है।

लगभग 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक उत्सव की शुरुआत पाट जात्रा से होती है। इसके बाद पारंपरिक अनुष्ठान, विशाल रथ यात्रा और मुरिया दरबार बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और सामुदायिक एकता को दर्शाते हैं।

बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सदियों से जीवित आस्था, लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

क्या आप जानते थे कि भारत में दशहरा इस तरह भी मनाया जाता है? कमेंट में बताइए।

भारत की ऐसी ही अनोखी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी जानकारियों के लिए Bharat Mata को फॉलो करें।
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भारत माता चैनल की ओर से आप सभी को महा नवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। माँ दुर्गा की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद...
19/10/2026

भारत माता चैनल की ओर से आप सभी को महा नवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। माँ दुर्गा की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। 🙏
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17/10/2026

51 शक्तिपीठों में इन 4 को आदि शक्तिपीठ क्यों माना जाता है?

सनातन धर्म की एक विशेष शाक्त परंपरा में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के चार पवित्र तीर्थों को आदि शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है।

माँ कामाख्या, असम — देवी की सृजन शक्ति और अंबुबाची मेले की अनूठी परंपरा।

माँ विमला, पुरी — भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में शाक्त और वैष्णव परंपराओं का संगम।

माँ तारा तारिणी, ओडिशा — कुमारी पहाड़ियों पर देवी के दो पवित्र शिलारूपों की आराधना।

माँ कालीघाट, कोलकाता — माता सती से जुड़ी मान्यता और बंगाल की प्रसिद्ध काली उपासना।

ये चारों आदि शक्तिपीठ भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

आप इन चार शक्तिपीठों में से किसके दर्शन कर चुके हैं? कमेंट में बताइए।

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16/10/2026

शक्तिपीठ और सिद्धपीठ में क्या अंतर है?

सनातन परंपरा में दोनों ही पवित्र तीर्थस्थानों का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी पहचान अलग-अलग मान्यताओं से जुड़ी है?

शक्तिपीठ — पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वे स्थान जहाँ माता सती के अंग या आभूषण गिरे थे। कामाख्या और अम्बाजी जैसे प्रसिद्ध तीर्थ इसी परंपरा से जुड़े हैं।
सिद्धपीठ — वे पवित्र स्थान, जिनका संबंध संतों की तपस्या, साधना और आध्यात्मिक सिद्धि से माना जाता है।
कुछ धार्मिक स्थल दोनों परंपराओं में पूजनीय भी हैं।

शक्तिपीठ माता सती की कथा से जुड़े हैं, जबकि सिद्धपीठ साधना और सिद्धि की परंपरा से।

क्या आप पहले इन दोनों का अंतर जानते थे? कमेंट में बताइए।

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भारत के पूर्व राष्ट्रपति, 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की जयंती पर उन्हें शत-शत ...
15/10/2026

भारत के पूर्व राष्ट्रपति, 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।

भारत रत्न से सम्मानित कलाम जी का प्रेरणादायक जीवन सादगी, परिश्रम और राष्ट्रप्रेम की मिसाल है। उन्होंने मिसाइल तकनीक में भारत को आत्मनिर्भर बनाया और विकसित भारत का सपना देखा।
अधिक जानें: bharatmata.online

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14/10/2026

525 साल पुराना शक्तिपीठ | Tripura Sundari Temple History | Matabari Temple

त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का इतिहास क्या है? जानिए 1501 ईस्वी में महाराजा धन्य माणिक्य द्वारा स्थापित माताबाड़ी शक्तिपीठ की अनसुनी कहानी, मंदिर की दो प्रतिमाएँ, कूर्म पीठ और कल्याण सागर के दुर्लभ कछुओं का महत्व।

पूर्वोत्तर भारत के त्रिपुरा राज्य में, गोमती जनपद के उदयपुर में स्थित माँ त्रिपुर सुंदरी मंदिर (Tripura Sundari Temple), जिसे माताबाड़ी (Matabari) और त्रिपुरेश्वरी मंदिर (Tripureswari Temple) भी कहा जाता है, भारत के प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों की धार्मिक परंपरा से जुड़ा है।

मान्यता है कि इस स्थान पर देवी सती का दाहिना पैर गिरा था। यह धार्मिक मान्यता इस मंदिर को शाक्त परंपरा में विशेष स्थान देती है।

मंदिर के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय महाराजा धन्य माणिक्य से जुड़ा है। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1501 ईस्वी में इस मंदिर की स्थापना हुई थी।

लेकिन माताबाड़ी की कहानी केवल इसकी स्थापना तक सीमित नहीं है।

मंदिर के गर्भगृह में माँ त्रिपुर सुंदरी की मुख्य प्रतिमा के साथ एक छोटी प्रतिमा भी है, जिसे छोटो माँ कहा जाता है। प्रचलित परंपरा के अनुसार त्रिपुरा के राजा इस छोटी प्रतिमा को अपने युद्ध और शिकार अभियानों में भी साथ ले जाते थे।

कछुए की पीठ के समान आकृति वाले भूभाग से जुड़े होने के कारण यह मंदिर कूर्म पीठ के नाम से भी प्रसिद्ध है।

इसके पास स्थित कल्याण सागर में दुर्लभ ब्लैक सॉफ्टशेल टर्टल (Black Softshell Turtle) पाए जाते हैं। इनके संरक्षण को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन भी किए गए हैं।

इस विशेष Bharat Mata documentary में जानिए:

• Tripura Sundari Temple और 51 Shakti Peeth की परंपरा
• माताबाड़ी मंदिर का इतिहास और 1501 ईस्वी का शिलालेख
• महाराजा धन्य माणिक्य और मंदिर स्थापना की कथा
• छोटो माँ की प्रतिमा और माणिक्य राजवंश
• कूर्म पीठ की विशिष्ट वास्तुकला
• कल्याण सागर और दुर्लभ कछुओं की प्राकृतिक विरासत
• दीपावली के अवसर पर माताबाड़ी का प्रसिद्ध मेला

यह वीडियो धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक संदर्भों और वैज्ञानिक जानकारी को उनके अपने संदर्भों में प्रस्तुत करता है।

क्या आप त्रिपुरा के माताबाड़ी शक्तिपीठ के बारे में पहले जानते थे? इस मंदिर की कौन-सी विशेषता आपको सबसे अधिक रोचक लगी? कमेंट में बताइए।

भारत के ऐतिहासिक मंदिरों, शक्तिपीठों, संस्कृति और अनसुनी विरासतों की ऐसी ही विशेष डॉक्यूमेंट्री के लिए Bharat Mata YouTube चैनल को Subscribe करें।

जय माता दी।
जय भारत माता।

12/10/2026

माँ दुर्गा के 32 पवित्र नाम।

श्री दुर्गा द्वात्रिंशन्नाममाला, माँ दुर्गा के 32 दिव्य नामों की पवित्र स्तुति है।

सनातन परंपरा में इन नामों का पाठ भय, संकट और कठिनाइयों से रक्षा की प्रार्थना के रूप में किया जाता है।

नवरात्रि के इस पावन अवसर पर सुनिए और स्मरण कीजिए माँ दुर्गा के 32 पवित्र नाम।

आप भी इस स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें और माँ दुर्गा की आराधना से जुड़ें।

भारतीय संस्कृति, सनातन ज्ञान और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी ऐसी ही जानकारियों के लिए Bharat Mata को फॉलो करें।

जय माता दी।
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महाराजा अग्रसेन जी की जयंती पर उनके आदर्शों और लोककल्याण की भावना को सादर स्मरण करते हुए सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।[ Mah...
11/10/2026

महाराजा अग्रसेन जी की जयंती पर उनके आदर्शों और लोककल्याण की भावना को सादर स्मरण करते हुए सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
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