11/07/2026
डॉ.अंबेडकर सामाजिक एकता मंच भारत के
बहुसंख्यक हिस्से (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक) समाज के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक जागरूकता के लिए काम करने वाला एक पंजीकृत (Registered) सामाजिक संगठन है। भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित यह मंच जमीनी स्तर पर समाज को संगठित करने का प्रयास कर रहा है।
इस संगठन के संबंध में विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:
1. स्थापना और पृष्ठभूमि
स्थापना तिथि: इस मंच की स्थापना 26 जुलाई 2019 को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर की गई थी।
पंजीकरण: यह एक पूरी तरह से पंजीकृत (Registration No. 28) सामाजिक संगठन है।
केंद्रीय कार्यालय: संगठन का मुख्य (केंद्रीय) कार्यालय मार्टिन पुरवा, हजरतगंज, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
2. मुख्य उद्देश्य और कार्यप्रणाली
मंच का गठन समाज के बहुसंख्यक हिस्से (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक) के कल्याण के लिए किया गया है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
संवैधानिक अधिकारों का प्रचार: भारतीय संविधान द्वारा आम नागरिकों और विशेषकर वंचित वर्गों को दिए गए अधिकारों और कानूनी सुरक्षा (जैसे SC/ST Act, मानवाधिकार) के प्रति लोगों को जागरूक करना।
महापुरुषों के विचारों का प्रसार: बाबा साहब डॉ. अंबेडकर, माता रमाबाई अंबेडकर,छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले, माता सावित्रीबाई फुले और मान्यवर कांशीराम साहब जैसे समाज सुधारकों की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना।
निःशुल्क शिक्षा की मांग: संगठन शिक्षा के क्षेत्र में काफी सक्रिय है। मंच लगातार यह मांग उठाता रहा है कि 'शिक्षा के अधिकार अधिनियम' (RTE) के तहत कक्षा 12 (इंटरमीडिएट) तक की शिक्षा को पूरी तरह निःशुल्क किया जाए।
युवा और छात्र संगठन: युवाओं और छात्रों की समस्याओं को उठाने तथा उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए मंच ने एक विशेष छात्र प्रकोष्ठ (Student Wing) का भी गठन किया है।
3. प्रमुख पदाधिकारी और गतिविधियां
नेतृत्व: मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र कुमार हैं, जिनकी अगुवाई में संगठन देश के विभिन्न राज्यों, जिलों और गांवों में अपनी कमेटियों का विस्तार कर रहा है।
सामाजिक कार्यक्रम: संगठन समय-समय पर स्थापना दिवस, बाबा साहब की जयंती और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर जागरूकता रैलियां, संगोष्ठियां और बच्चों के बीच पठन-सामग्री वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
मूल मंत्र: यह संगठन बाबा साहब के प्रसिद्ध नारे "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो" को आधार बनाकर समाज को आर्थिक, शैक्षणिक और नैतिक रूप से सशक्त करने की दिशा में कार्यरत है।
1. सदस्यता प्रक्रिया (How to Join)
मंच से जुड़ने और समाज सेवा में योगदान देने के लिए संगठन ने एक सरल प्रक्रिया तय की है:
योग्यता: कोई भी नागरिक जो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा और भारतीय संविधान में विश्वास रखता हो, वह इस मंच का सदस्य बन सकता है।
संगठन में विशेष रूप से युवाओं, छात्रों और बुद्धिजीवियों को प्राथमिकता दी जाती है।
आवेदन का माध्यम: सदस्यता के लिए संगठन के केंद्रीय कार्यालय (मार्टिन पुरवा, हजरतगंज, लखनऊ) से संपर्क करके या संगठन के अधिकृत पदाधिकारियों अथवा संगठन की वेबसाइट: www.drambedkarmanch.com के माध्यम से सदस्यता फॉर्म भरा जा सकता है। डिजिटल माध्यमों (सोशल मीडिया/व्हाट्सएप) पर भी समय-समय पर इसके लिए अभियान चलाए जाते हैं।
संगठनात्मक पद: जो सदस्य जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य करते हैं, उन्हें संगठन की कार्यप्रणाली के आधार पर राष्ट्रीय / केन्द्रीय स्तर, प्रदेश/राज्य स्तर, मण्डल स्तर, जिला स्तर, जोन स्तर, प्रान्त स्तर, संभाग स्तर, प्रमण्डल स्तर, विधान सभा स्तर, तहसील स्तर लोकसभा स्तर, ब्लाक स्तर, नगर/महानगर स्तर की कमेटियों में पदाधिकारी (जैसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता, मिडिया प्रभारी.... आदि) की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
2. मुख्य सामाजिक कार्यक्रम और गतिविधियां
मंच समाज में जागरूकता और भाईचारा बढ़ाने के लिए लगातार कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है:
महापुरुषों की जयंतियां और स्मृति दिवस: बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल), परिनिर्वाण दिवस (6 दिसंबर), और महात्मा ज्योतिराव फुले व माता सावित्रीबाई फुले के स्मृति दिवसों पर भव्य विचार गोष्ठियों और रैलियों का आयोजन किया जाता है।
शैक्षणिक जागरूकता और सम्मान: शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए मंच गांवों और बस्तियों में बच्चों को मुफ्त पठन-सामग्री (किताबें, कॉपियां, पेन) बांटता है। साथ ही, मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मान समारोह आयोजित किए जाते हैं।
सामाजिक चेतना रैलियां: समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वास और भेदभाव के खिलाफ मंच की ओर से समय-समय पर चेतना रैलियां और नुक्कड़ सभाएं की जाती हैं ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सकें।
संवैधानिक जागरूकता शिविर: आम लोगों को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देने के लिए मुफ्त कानूनी सलाह शिविर (Legal Awareness Camps) लगाए जाते हैं, जिसमें वकील और सामाजिक कार्यकर्ता लोगों का मार्गदर्शन करते हैं।
स्थापना दिवस और कारगिल विजय दिवस: हर साल 26 जुलाई को संगठन का स्थापना दिवस देश के शहीदों को नमन करते हुए देशप्रेम और सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ मनाया जाता है।
संगठन ने मान्यवार कांशीराम साहब को भारतरत्न पुरुस्कार दिए जाने की करी मांग।