22/11/2025
अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व क्षमता और अप्रतिम रणकौशल की प्रतीक वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के सेनादल में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए उन्होंने अपने अद्भुत शौर्य और रणनीति से पराधीनता की जंजीरों को तोड़ने का विराट संदेश दिया था।
उनका त्याग, पराक्रम और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण भारत की हर बेटी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।🙏
जय कोली कोरी समाज