अ•भा•आ•जाट महासभा

अ•भा•आ•जाट महासभा अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा में सिर्?

भारतीय शूटर मनु भाकर द्वारा  ‘पेरिस ओलंपिक 2024’ में देश के लिए पदक जीतने पर सभी देशवासियों को अनंत शुभकामनाएँ!💐💐💐
28/07/2024

भारतीय शूटर मनु भाकर द्वारा ‘पेरिस ओलंपिक 2024’ में देश के लिए पदक जीतने पर सभी देशवासियों को अनंत शुभकामनाएँ!💐💐💐

शत शत नमन🙏
29/05/2024

शत शत नमन🙏

अंग्रेजो ने जिनको सर कहा , मुस्लमानो ने जिनको रहबरे आजम कहा , कमेरों ने जिनको दीन बन्धु कहा,यूनाइटेड पंजाब के किसानो के ...
09/01/2024

अंग्रेजो ने जिनको सर कहा , मुस्लमानो ने जिनको रहबरे आजम कहा , कमेरों ने जिनको दीन बन्धु कहा,यूनाइटेड पंजाब के किसानो के मसीहा,आज उस महान शख्शियत का निर्वाण दिवस है..!

राजा नाहरसिहं जिन्होने 124 दिनो तक अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उन्हें आज के दिन फांसी पर लटकाया गया आज उनका शहीदी दिवस है..!

पुरखों को शत् शत् नमन 💐🙏

04/01/2024
जय बाबा वीर गोकुला जाट🙏
02/01/2024

जय बाबा वीर गोकुला जाट🙏

किसानों की दशा सुधरेगी तो देश सुधरेगा खुश हाली का रास्ता खेत खलिहानों से गुजरता है पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण...
23/12/2023

किसानों की दशा सुधरेगी तो देश सुधरेगा खुश हाली का रास्ता खेत खलिहानों से गुजरता है पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह चौधरी साहब

देश मे किसान व गरीब मज़दूरों के नेता उच्च कोटि के वक्ता, प्रखर अर्थशास्त्री भारत के ग्रामीण क्षेत्रों को देश की राजधानी तक पहुँचाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर शत् शत् नमन
हमारी माँग हैं की उन्हें जल्द से जल्द भारत रत्न मिलना चाहिए

राष्ट्रीय किसान दिवस की देश के समस्त किसानों को हार्दिक शुभकामनाएं
चौधरी चरण सिंह जी अमर‌ रहें।

15/12/2023

देने वाले को देवता कहते हैं 💪🌹💪 जाटों ने सदा देश को सर्वस्व न्यौछावर करके दिया ही है , इसलिए एकमात्र मनुष्य जाति में जाट को 💐🌹देवता 🌹💐 कहा जाता है 💪💐💪

जाटों के बहादुरी भरे इतिहास को झुटलाने वालो क्या तुम्हे पता है तैमूर को किसने मारा?
उत्तर : चौधरी हरवीर गुलिया जाट ने
★क्या तुम्हें पता है सोमनाथ मंदिर के सोने के गेट काबुल से कौन लड़कर लाया - जाट रेजिमेंट
★हिन्दुस्तान से सबसे पहले गांधी जी से पहले 1932 में किस जाट का नाम नोबेल पुरस्कार के लिए भेजा गया - महाराजा महेन्द्र प्रताप सिंह ठेनुआ
★क्या तुम्हे पता है पृथ्वीराज चौहान को मारने वाले मोहम्मद गौरी को किसने मारा ?
उत्तर : चौधरी रामलाल खोखर जाट ने
★क्या तुमको पता है महाराणा प्रताप को युद्ध में हराने वाले अकबर की हड्डियों को किसने जलाया आगरा में घुस कर और अकबर का मकबरा किसने लुटा?
उत्तर : बृज के राजाराम जाट ने
★क्या तुम्हे पता है सिकंदर महान को किसने अधमरा किया जिससे बेबीलोन में जाते जाते उसकी मौत हो गई?
उत्तर - मल्ही जाटो ने
★क्या तुम्हें पता है अलाउद्दीन ख़िलजी ने चित्तौड़ जीतकर निशानी के तौर पर जो चित्तौड़ किले के किवाड़ लाकर दिल्ली लाल किले में लगा दिए थे , उसे मुग़लो से जीतकर वापस कोण लाया
उत्तर - जवाहर सिंह जाट ने (महाराजा सूरजमल के पुत्र)
क्या तुम जानते हो कि
★अफगानिस्तान जिसपे कभी कोई देश जीत हासिल नही कर पाया, यहां तक अमेरिका भी नही जीत पाया , उस अफगानिस्तान में किसने बारबार घुस कर अपना झंडा फहराया था?
उत्तर - महाराजा रणजीत सिंह ने
★क्या तुम जानते हो कि अफगानिस्तान में आज भी किस यौद्धा के नाम का ख़ौफ है ?
उत्तर - सरदार हरी सिंह नलवा जाट का
★क्या तुम्हे पता है औरंगजेब के नाक के नीचे उसके खिलाफ खुला विद्रोह करके उसके नियम मानने से इंकार करने वाला एकलौता यौद्धा कोन था?
उत्तर - वीर गोकुला जाट
★क्या तुम अंजान नही हो कि भारत पर हूणों के आक्रमण पर हूणों को मारते हुए भारत से बाहर किसने भगाया?
उत्तर - महाराजा यशोवर्धन विर्क जाट ने

★क्या तुम्हे पता है भारत को एक करके राज करने वाला अंतिम बोद्ध शासक कोण था?
जाट महाराजा हर्षवर्धन बैंस थानेश्वर

★क्या तुम्हे पता है 1857 कि क्रान्ति में दिल्ली के सबसे नजदीक होकर बिना किसी स्वार्थ के अंग्रेजो को ललकारा था और और दिल्ली में जिसे फांसी दी गयी और 1857 का पहला शहीद कहलाया?
उत्तर - राजा नाहर सिंह जाट ही था

★क्या तुम्हे ये भी पता नही है कि 19 साल की उम्र में ग़दर पार्टी का लीडर कोण था जो विदेश से पढ़ाई छोड़कर भारत आया और देश के लिए सबसे कम उम्र मात्र 19 साल में शहीद हो गया?
उत्तर - सरदार करतार सिंह सराभा जाट

★क्या तुम्हे पता है भारत में अंग्रोजो की चूल और पाट किसने इस कदर हिला दी की उसके कहे अनुसार उन्हें 15 साल बाद भारत छोड़ कर जाना पड़ा?
उत्तर - शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह जाट

★अब 1948 ,1965 ,1971और 1999 के युद्धों तथा आजादी के बाद हुये सभी खेलो की लिस्ट लिखने लगे तो कई दिन भी काम पड़ जायेंगे ,जाटों के इतिहास से जान पूछकर वैमनश्य के करण अंजान लोगों,जाट वो हस्ती है जो राष्ट्र और समाज हित मे अपनी अक्षुण पहचान खुद बना लेते हैं,बोलो बहादुरी,खुद्दारी और आत्मसम्मान का प्रतीक ,जय जाट!।।

गर्व से कहो हम प्राण और प्रण से देशभक्त शूरमा जाट हैं इसीलिए मनुष्य जाति में हमें जाट देवता कहते हैं 💪👊💪

भरतपुर महाराज बच्चू सिंह की जयन्ती पर हार्दिक नमन!भरतपुर के महाराजा किशन सिंह के यहाँ 30 नवंबर 1922 के दिन एक पुत्र उत्प...
30/11/2023

भरतपुर महाराज बच्चू सिंह की जयन्ती पर हार्दिक नमन!
भरतपुर के महाराजा किशन सिंह के यहाँ 30 नवंबर 1922 के दिन एक पुत्र उत्पन्न हुआ। उसका नाम किशन सिंह ने अपनी स्वर्गीय माता गिरराज कौर के नाम पर ‘गिर्राज शरण सिंह’ रखा। उनको ही प्यार से ‘बच्चू सिंह’ कहा जाता था।
बच्चू सिंह अपने जन्म से मस्तिष्क पक्षाघात (सीपी) और आत्मकेंद्रित स्पेक्ट्रम विकार (एएसडी) नामक असाध्य बीमारी से पीड़ित थे। मस्तिष्क पक्षाघात होने से सामान्य रोगी का जीवन निष्क्रिय हो जाता है, परन्तु उनके पिता महाराजा किशनसिंह और उनके वफादार समर्थकों द्वारा उनकी गहन आयुर्वेदिक चिकित्सा करायी गयी और क्षत्रियोचित प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे वे शारीरिक रूप से अपने आपको ढालने में समर्थ रहे।
उस समय राजपरिवारों के युवकों के लिए ब्रिटिश सरकार की सेना में शामिल होना सामान्य परम्परा थी। इसलिए ब्रिटिश प्रशासन ने भरतपुर के पूरे राजपरिवार को ‘क्षत्रिय’ नामक सैन्य शक्ति में शामिल करने के लिए मनाया। लेकिन बच्चूसिंह की विशेष शारीरिक अक्षमता के कारण उनको थलसेना में भेजना संभव नहीं था, परन्तु उनकी उपेक्षा करना भी असंभव था, इसलिए उन्हें वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर (पायलट) के रूप में भेजा गया।
1943-44 में जब नेताजी सुभाष चन्द्र की आजाद हिन्द फौज द्वारा उत्तर-पूर्व भारत पर आक्रमण किया गया, तो उसकी प्रतिक्रिया में बच्चूसिंह को आजाद हिन्द फौज पर हमला करने के लिए निर्देश दिया गया। किन्तु इसमें बच्चू सिंह ने पूरी बेरुखी दिखायी, क्योंकि वे पूरे मन से देशभक्त थे और अपने ही देशभक्त देशवासियों पर आक्रमण करना उनको उचित नहीं लगा।
बच्चू सिंह की बेरुखी से नाराज होकर ब्रिटिश शासन ने बच्चू सिंह को चिढ़ाने के लिए उनके ही एक मित्र फ्लाइंग ऑफिसर राजेन्द्र सिंह को बच्चू सिंह के युद्ध विमान हरिकेन-2 से ही आजाद हिन्द फौज पर हमला करने के लिए भेजा। ब्रिटिश शासन समझता था कि बच्चू सिंह कुछ कर नहीं पाएगा और इस हमले पर भरतपुर के राजपरिवार का नाम आ जाने से आंदोलन खराब होगा। लेकिन नाराज बच्चू सिंह ने अपने विमान में खराबी कर दी जिससे हरिकेन-2 सिलचर और इंफाल के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उसमें राजेन्द्र सिंह की मृत्यु हो गई।
बच्चू सिंह को इसका दोषी माना गया, लेकिन ब्रिटिश शासन युद्ध के दौरान एक प्रभावशाली रियासत के विरुद्ध कुछ कार्यवाही नहीं कर सकती थी, न ही इसके लिए दोष देकर आंदोलन का खतरा और बढ़ा सकती थी। बच्चू सिंह ने न खुद आजाद हिन्द सेना पर हमला किया, न अपने किसी साथी को करने दिया। ब्रिटिश सरकार हाथ मलती रह गई।
वास्तव में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान बच्चू सिंह सर छोटूराम के अधीन आर्य समाज, और क्षत्रिय आंदोलन से जुड़ गए थे, जो पाकिस्तान की मांग, और जन्म आधारित आरक्षण के विरुद्ध था तथा सयुंक्त भारत और केवल जरूरतमंदों के संरक्षण के लिए प्रयासरत था।
जाट पुरख बच्चू सिंह को हार्दिक नमन!
साभार- जय जाट वंशावली🌹🌹

"ये मेरे भोले किसान तू मेरी दो बात मान ले,एक बोलना ले सीख और दूजा दुश्मन को तू पहचान ले"किसानों,मजदूरों,शोषितों,बंचितों,...
24/11/2023

"ये मेरे भोले किसान तू मेरी दो बात मान ले,
एक बोलना ले सीख और दूजा दुश्मन को तू पहचान ले"

किसानों,मजदूरों,शोषितों,बंचितों,की आवाज बनकर सदैव उनके उत्थान के लिए जीवन पर्यन्त सहर्षरत रहने बाले महान समाज सुधारक,क्रांतिकारी रहबर-ए-आजम दीनबन्धु सर छोटूराम जी को उनकी जयंती पर भावपूर्ण नमन् 🙏💐

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