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Goat dung or manure has several advantages over other types of dung or manure:
Higher nutrient content: Goat manure is rich in nitrogen, phosphorus, and potassium, making it a valuable fertilizer.

किसान भाइयों, क्या आपकी महंगी दवाइयाँ भी गर्मियों में सही रिजल्ट नहीं दे रहीं? तेज धूप, 35°C से ज्यादा तापमान, गलत स्प्र...
26/05/2026

किसान भाइयों, क्या आपकी महंगी दवाइयाँ भी गर्मियों में सही रिजल्ट नहीं दे रहीं?

तेज धूप, 35°C से ज्यादा तापमान, गलत स्प्रे टाइम और कमजोर मिट्टी — ये सभी कारण फसल सुरक्षा को कमजोर बना देते हैं।
कई बार किसान समझते हैं कि दवा नकली है, लेकिन असली समस्या पौधों की कमज़ोर ताकत और असंतुलित खेती होती है।

-गर्मी में दवाओं का असर जल्दी कम हो जाता है
-खराब मिट्टी और कमजोर जड़ें पोषण नहीं ले पातीं
-कीट तेजी से बढ़ते हैं और फसल पर हमला बढ़ जाता है

इसीलिए सिर्फ कीटनाशक बदलना काफी नहीं…
फसल को अंदर से मजबूत बनाना भी जरूरी है।

Bhumibal Organic Pest Control और Bio Fertilizer इसी सोच के साथ तैयार किए गए हैं|

Bhumibal Organic Pest Control
फसल को हानिकारक कीटों से बचाने में मदद करे और बार-बार रासायनिक दवाओं की जरूरत कम करे।

Bhumibal Bio Fertilizer
मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीव बढ़ाकर जड़ों को मजबूत बनाए, पोषण अवशोषण बढ़ाए और पौधों की प्राकृतिक ताकत को सपोर्ट करे।

✅ सही समय पर स्प्रे करें
✅ सुबह या शाम के समय उपयोग करें
✅ मिट्टी को जीवित और उपजाऊ बनाए रखें
✅ रसायनों पर निर्भरता कम करें

खेती अब सिर्फ मेहनत नहीं, सही तकनीक और सही Organic Solution का खेल है। कम खर्च में बेहतर फसल और स्वस्थ मिट्टी के लिए जुड़िए Bhumibal के साथ। और अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें- 8604883789

https://www.gaonconnection.com/rural-news/women-entrepreneurs-earning-profit-by-growing-green-fodder-without-soil-in-ext...
21/05/2026

https://www.gaonconnection.com/rural-news/women-entrepreneurs-earning-profit-by-growing-green-fodder-without-soil-in-extreme-heat-know-the-hydroponics-technique/articleshow/131225463.html

भीषण गर्मी, सूखे चारे की कमी और बढ़ते पशुपालन खर्च के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के छोटे बकरी पालकों के लिए क.....

क्या आपकी मिट्टी ज़हर बन रही है?बार-बार रासायनिक खरपतवार नाशकों और कीटनाशकों का उपयोग मिट्टी की उर्वरता, लाभकारी जीवाणुओ...
20/05/2026

क्या आपकी मिट्टी ज़हर बन रही है?

बार-बार रासायनिक खरपतवार नाशकों और कीटनाशकों का उपयोग मिट्टी की उर्वरता, लाभकारी जीवाणुओं और फसल की गुणवत्ता को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचा रहा है।
मिट्टी सख्त हो रही है, केंचुए कम हो रहे हैं, पानी प्रदूषित हो रहा है और फसलों में रासायनिक अवशेष बढ़ रहे हैं।

अब समय है खेती को फिर से प्राकृतिक और सुरक्षित बनाने का।

Organic Pest Control अपनाएँ —
✔ मिट्टी की सेहत बनाए रखें
✔ फसल की गुणवत्ता सुधारें
✔ लाभकारी सूक्ष्मजीवों की रक्षा करें
✔ पर्यावरण और जल स्रोतों को सुरक्षित रखें
✔ कम लागत में टिकाऊ खेती करें

हमारा Organic Pest Control Solution प्राकृतिक तत्वों पर आधारित है, जो फसल को सुरक्षा देने के साथ मिट्टी की ताकत भी बढ़ाने में मदद करता है।

स्वस्थ मिट्टी = बेहतर उत्पादन = ज्यादा मुनाफा

आज ही जुड़िए प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते किसानों के साथ और जानिए कैसे आपका खेत बिना ज़हरीले रसायनों के भी बेहतर उत्पादन दे सकता है।

अधिक जानकारी के लिए हमें मैसेज करें, अपने खेत के लिए सही समाधान जानने हेतु संपर्क करें- 8604883789

पौधों को भी चाहिए संतुलित पोषणजैसे इंसान के शरीर को सही भोजन की जरूरत होती है, वैसे ही फसलों की अच्छी वृद्धि, मजबूत जड़े...
16/05/2026

पौधों को भी चाहिए संतुलित पोषण

जैसे इंसान के शरीर को सही भोजन की जरूरत होती है, वैसे ही फसलों की अच्छी वृद्धि, मजबूत जड़ें और बेहतर उत्पादन के लिए संतुलित पोषक तत्व बेहद जरूरी हैं।

नाइट्रोजन (N) पौधों को हरियाली और तेज बढ़वार देता है।
फास्फोरस (P) जड़ों को मजबूत बनाकर फूल और फल बनने में मदद करता है।
पोटाश (K) फलों की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है।

इसके साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर और सूक्ष्म तत्व जैसे जिंक, आयरन, बोरॉन भी फसल के सम्पूर्ण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।

अगर खेत में किसी पोषक तत्व की कमी हो जाए तो पौधे पीले पड़ने लगते हैं, बढ़वार रुक जाती है और उत्पादन कम हो जाता है। इसलिए मिट्टी परीक्षण के आधार पर संतुलित पोषण देना ही समझदारी है। जैविक विकल्प जैसे गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत और नीम खली मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ लंबे समय तक खेत को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

स्वस्थ मिट्टी ➝ स्वस्थ पौधे ➝ बेहतर उत्पादन ➝ अधिक मुनाफा

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 8604883789
अगर यह जानकारी आपको उपयोगी लगी हो तो हमारे पेज को फॉलो करें और कमेंट में जरूर बताएं

🌼 श्रद्धांजलि 🌼गहरे दुःख के साथ हम श्री भीष्मा सिंह जी के निधन पर अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।वे केवल The ...
14/05/2026

🌼 श्रद्धांजलि 🌼

गहरे दुःख के साथ हम श्री भीष्मा सिंह जी के निधन पर अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
वे केवल The Goat Trust के ट्रस्टी ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी मार्गदर्शक, प्रेरणादायक प्रशिक्षक और लघु पशुपालन क्षेत्र के समर्पित विशेषज्ञ थे। उन्होंने लगभग 8000 पशुसखियों (Livestock Nurse) को प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र मे अतुलनीय योगदान दिया है बिना थके बढ़ी उम्र मे भी कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए उन्हे हमेशा याद किया जाएगा |

ग्रामीण समुदायों और छोटे पशुपालक किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। उनका अनुभव, सादगी, मार्गदर्शन और समाज के प्रति समर्पण अनगिनत लोगों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति दें।

🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजलि 🙏

🌿 क्या आपका घर सिर्फ खूबसूरत है… या स्वस्थ भी?आजकल बंद कमरों, AC, फर्नीचर और धूल-प्रदूषण की वजह से घर के अंदर की हवा भी ...
12/05/2026

🌿 क्या आपका घर सिर्फ खूबसूरत है… या स्वस्थ भी?

आजकल बंद कमरों, AC, फर्नीचर और धूल-प्रदूषण की वजह से घर के अंदर की हवा भी धीरे-धीरे प्रभावित हो रही है। ऐसे में हम लेकर आया है एक खास “ग्रीन हेल्दी होम कॉन्सेप्ट” जहां आपको गली-गली माली और नर्सरी ढूँढना बंद| अब घर के अंदर एवं बाहर हरियाली ही हरियाली वो भी एक्सपर्ट की सलाह से | अभी यह सुविधा हम लखनऊ मे शुरू कर रहे है और फिर इसे देशव्यापी बनाना है |
हम समझते है शहर मे नए आए परिवार की समस्या जिनको गली गली घूमकर पेड़ पौधे, गमले, गमला स्टैन्ड और फिर माली को ढूंढने की समस्या, या जो लोग रह रहे है उनको माली के नखरे और उसी पर निर्भरता | अब ये सारी संश्याओं का हाल है हमारे पास बस एक कॉल और आपकी संशय का निदान घर बैठे ही |
अब आपका घर सिर्फ खूबसूरत है… या स्वस्थ भी?

अब अपने फ्लैट, बालकनी, बंगले या विला को बनाइए:
✨ प्राकृतिक शुद्ध हवा
✨ सुंदर और पॉजिटिव माहौल
✨ छोटा जैविक किचन गार्डन

हम आपके घर के लिए उपलब्ध कराते हैं:
🌿 आकर्षक पौधों की सजावट
🌿 इंडोर और आउटडोर पौधे
🌿 गमला स्टैन्ड एवं आकर्षक गमले
🌿 घर के अनुसार ग्रीन सेटअप
🌿 नियमित पौधों की देखभाल

ज़रा सोचिए…
सुबह की चाय हरियाली के बीच ,बालकनी से ताज़ा पुदीना और हरी सब्ज़ियाँ, बच्चों के लिए प्राकृतिक और स्वस्थ वातावरण

स्वस्थ जीवन अब सिर्फ शौक नहीं, जरूरत है।

📞 फ्री ग्रीन होम कंसल्टेशन के लिए अभी संपर्क करें +91-8604883789

जैविक खेती में बकरी के मूत्र का कमालबकरी का मूत्र क्यों खास है?बकरी के मूत्र में पाए जाते हैं: नाइट्रोजन (N),पोटाश (K),फ...
04/05/2026

जैविक खेती में बकरी के मूत्र का कमाल
बकरी का मूत्र क्यों खास है?
बकरी के मूत्र में पाए जाते हैं: नाइट्रोजन (N),पोटाश (K),फास्फोरस (P) के अंश
और सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients),एंजाइम और लाभकारी सूक्ष्म जीव

यही वजह है कि यह पौधों की वृद्धि और कीट/रोग नियंत्रण—दोनों में मदद करता है

किसान भाइयों, बकरी का मूत्र एक सस्ता लेकिन बेहद असरदार प्राकृतिक उपाय है, जो आपकी फसल को तेज़ी से बढ़ाने के साथ-साथ कीट और रोगों से भी बचाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व और सूक्ष्म जीव पौधों को मजबूत बनाते हैं और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं।

अगर आप इसे पानी में मिलाकर नियमित स्प्रे करते हैं, तो फसल में नई कोपलें तेजी से आती हैं और कीटों का असर कम हो जाता है। नीम, लहसुन इत्यादि के साथ मिलाकर इसका उपयोग करने से यह एक शक्तिशाली जैविक कीटनाशक बन जाता है।

ध्यान रखें कि इसे हमेशा पानी में घोलकर ही इस्तेमाल करें और तेज धूप में छिड़काव न करें।



कम लागत में ज्यादा उत्पादन चाहिए, तो बकरी का मूत्र जरूर अपनाएं। और भी ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे पेज को फॉलो करें और भूमिबल के उत्पाद प्रयोग करें जो हानिकारक रसायनों से नहीं जैविक तरीके से हमारी खेती और स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखते हैं |

किसान भाइयों के लिए जरूरी जानकारीक्या आप जानते हैं कि खेती में छोटी-छोटी गलतियां आपकी पूरी फसल और मुनाफे को प्रभावित कर ...
01/05/2026

किसान भाइयों के लिए जरूरी जानकारी

क्या आप जानते हैं कि खेती में छोटी-छोटी गलतियां आपकी पूरी फसल और मुनाफे को प्रभावित कर सकती हैं? कई बार मेहनत पूरी होती है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में उत्पादन कम रह जाता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 आम गलतियां जिनसे बचना बेहद जरूरी है।

सबसे पहली गलती है बिना मिट्टी जांच के खाद डालना। जब हम अंदाजे से खाद डालते हैं, तो कभी पोषण ज्यादा हो जाता है तो कभी कम, जिससे लागत बढ़ती है और उत्पादन घट जाता है। इसलिए हर सीजन से पहले मिट्टी की जांच कराकर ही संतुलित खाद देना चाहिए।

दूसरी बड़ी गलती है केवल एक ही खाद जैसे यूरिया या DAP पर निर्भर रहना। फसल को सिर्फ NPK ही नहीं, बल्कि जिंक, सल्फर और बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है। इनकी कमी से पौधे कमजोर हो जाते हैं और उत्पादन प्रभावित होता है।

तीसरी गलती है कीट या रोग आने के बाद ही दवा करना। जब तक नुकसान दिखाई देता है, तब तक काफी हानि हो चुकी होती है। इसलिए जरूरी है कि किसान समय-समय पर खेत की निगरानी करें और शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रण करें।

चौथी गलती है सिंचाई में असंतुलन। ज्यादा पानी देने से जड़ सड़ सकती है और कम पानी देने से फसल कमजोर हो जाती है। सही समय और सही मात्रा में सिंचाई करना बहुत जरूरी है।

पांचवीं गलती है मौसम को नजरअंदाज करके स्प्रे करना। तेज धूप, हवा या बारिश में छिड़काव करने से दवा का असर खत्म हो जाता है, जिससे पैसा और मेहनत दोनों बर्बाद होते हैं। हमेशा सुबह या शाम के समय और सामान्य मौसम में ही स्प्रे करना चाहिए।

अगर किसान इन बातों का ध्यान रखें, तो लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा, मिट्टी स्वस्थ रहेगी और मुनाफा भी ज्यादा मिलेगा।

Bhumibal की सलाह है कि खेती में जैविक और संतुलित तरीकों को अपनाएं। Bio Fertilizer और Organic Pest Control जैसे प्राकृतिक समाधान न केवल फसल को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि मिट्टी की सेहत भी सुधारते हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 8604883789
अगर यह जानकारी आपको उपयोगी लगी हो तो हमारे पेज को फॉलो करें और कमेंट में जरूर बताएं कि आप इनमें से कौन सी गलती सुधारने जा रहे हैं।

नमस्कार दोस्तों, कल मेरा जाना लखनऊ के पास मलीहाबाद को हुआ वैसे तो मलीहाबाद आम के लिए देश भर मे मशहूर है परंतु मलीहाबाद प...
30/04/2026

नमस्कार दोस्तों, कल मेरा जाना लखनऊ के पास मलीहाबाद को हुआ वैसे तो मलीहाबाद आम के लिए देश भर मे मशहूर है परंतु मलीहाबाद पेड़ों की नर्सरी के लिए भी मशहूर है| हजारों प्रकार के पेड़ों की किस्में को देख कर मन बहुत प्रसन्न हो जाता है | वहाँ बैठ के कई नर्सरी वालों से विस्तरत चर्चा हुई और जैविक की तरफ उनका लगाव देखकर बहुत खुशी हुई| वहाँ से कई नर्सरी वालों को जब ये पता चला भूमिबल कई प्रकार के जैविक उत्पाद बना रहा है तो उन्होंने बड़ चड़ के चर्चा मे हिस्सा लिया और अपने सुझाव भी साझा किए| काफी नर्सरी वालों ने कई बड़े ऑर्डर दिए और आगे चल कर इसको और भी प्रचार और प्रसार करने का वायदा भी किया|
भूमिबल की टीम उन सभी का आभार व्यक्त करती है और यह वादा करती है की गुणवत्ता ऐसे ही बनी रहेगी |
आपभी यदि हमारे प्रयास से जुड़ना चाहते है तो हमारे पेज को फॉलो करें या हमें कॉल करें - 8604883789

जैविक खाद vs रासायनिक खाद – सही चुनाव ही देगा बेहतर उत्पादन! आज के समय में हर किसान के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है – कौन...
23/04/2026

जैविक खाद vs रासायनिक खाद – सही चुनाव ही देगा बेहतर उत्पादन!

आज के समय में हर किसान के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है – कौन सी खाद बेहतर है?
जैविक या रासायनिक? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं |खेती में दोनों का उद्देश्य एक ही है – फसल को पोषण देना, लेकिन असर बिल्कुल अलग होता है।

जैविक खाद (Organic Fertilizer)
गोबर, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, नीम खली जैसी प्राकृतिक चीजों से बनती है।
यह धीरे-धीरे पोषण देती है, लेकिन मिट्टी को अंदर से मजबूत बनाती है।
मिट्टी में जीवाणुओं की संख्या बढ़ाती है, जिससे खेत लंबे समय तक उपजाऊ रहता है।
सबसे बड़ी बात – इसे किसान खुद भी तैयार कर सकता है, यानी कम लागत, ज्यादा फायदा।

रासायनिक खाद (Chemical Fertilizer)
यूरिया, DAP, NPK जैसी खाद तुरंत असर दिखाती हैं।
फसल जल्दी बढ़ती है और उत्पादन भी तेजी से मिलता है।
लेकिन लगातार इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत खराब होने लगती है और लागत भी बढ़ती जाती है।

तो कौन बेहतर है?
अगर आप लंबे समय तक खेती को टिकाऊ और लाभदायक बनाना चाहते हैं, तो जैविक खाद बेहतर विकल्प है।
अगर तुरंत रिजल्ट चाहिए, तो रासायनिक खाद काम आती है – लेकिन सीमित मात्रा में।
सही तरीका-70% जैविक + 30% रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग
इससे:
✔️ मिट्टी भी स्वस्थ रहेगी
✔️ उत्पादन भी अच्छा मिलेगा
✔️ लागत भी कंट्रोल में रहेगी

Bhumibal का संदेश:-
हमारा उद्देश्य है – किसान भाईयों को ऐसी जानकारी देना जिससे उनकी मिट्टी भी बचे और मुनाफा भी बढ़े।
इसीलिए हम प्राकृतिक समाधान जैसे Bio Fertilizer और Pest Control पर काम कर रहे हैं, जो खेती को सुरक्षित और टिकाऊ बनाते हैं।

अगर आप भी अपनी खेती को ज्यादा लाभदायक और सुरक्षित बनाना चाहते हैं, तो हमारे पेज Bhumibal को फॉलो करें।

कमेंट में बताएं – आप अपनी खेती में कौन सी खाद का ज्यादा उपयोग करते हैं?
Global Development Services Pvt. Ltd.

22/04/2026

भीषण गर्मी का मौसम छोटे पशुधन (बकरी/भेड़) के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। इस समय सही देखभाल न होने पर हीट स्ट्रेस, पानी की कमी और उत्पादन में गिरावट आम समस्या बन जाती है।

ऐसे में इलेक्ट्रोलाइट या गुड़-नमक पानी (Jaggery-Salt Water) बहुत प्रभावी उपाय है।

क्यों जरूरी है?: गर्मी में पशु ज्यादा पसीना (या हांफना) करते हैं, जिससे शरीर से जरूरी मिनरल्स (सोडियम, पोटैशियम आदि) निकल जाते हैं।
इलेक्ट्रोलाइट या गुड़-नमक पानी इनकी कमी को पूरा करता है और शरीर को संतुलित रखता है।

क्या फायदे हैं?:
1. डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचाव
2. शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद
3. भूख और दूध उत्पादन बनाए रखने में सहायक
4. कमजोरी और तनाव को कम करता है

कैसे बनाएं गुड़-नमक पानी?: 1 लीटर साफ पानी में 20-30 ग्राम गुड़ + 5 ग्राम नमक मिलाएं। दिन में 1 बार (अत्यधिक गर्मी में 2 बार) पिलाएं।

ध्यान रखें:
1. हमेशा साफ और ठंडा (लेकिन बहुत ठंडा नहीं) पानी दें
2. छायादार जगह और अच्छी वेंटिलेशन जरूरी है
3. दोपहर की तेज धूप में चराई से बचाएं

छोटी सी पहल, बड़ा असर!:
गर्मी के मौसम में सही पोषण और हाइड्रेशन से आप अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और उत्पादन को सुरक्षित कर सकते हैं।



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Lucknow
226026

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