15/06/2026
#राम_मंदिर_ट्रस्ट में क्षत्रिय समाज की उपेक्षा क्यों?
प्रभु श्रीराम सूर्यवंशी क्षत्रिय थे।
हम रामवंशी क्षत्रिय उनके वंशज हैं।
फिर भी ट्रस्ट में एक भी क्षत्रिय को स्थान नहीं दिया गया।
वर्ष 2018 से मैं, ठाकुर जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, क्षत्रिय महासभा सम्पूर्ण भारत, लगातार यह मांग करता रहा हूँ कि श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े ट्रस्ट एवं महत्वपूर्ण समितियों में कम से कम एक योग्य क्षत्रिय प्रतिनिधि को स्थान दिया जाए।
आज जब दानपात्र व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न प्रकार के प्रश्न और विवाद सामने आते हैं, तब यह महसूस होता है कि यदि ट्रस्ट में क्षत्रिय समाज का भी प्रतिनिधित्व होता तो जवाबदेही और निगरानी और अधिक मजबूत होती।
हमारा स्पष्ट मत है—
“जहाँ धर्म की रक्षा का दायित्व हो,
वहाँ क्षत्रिय समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए।”
यह किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि रामवंशी क्षत्रिय समाज के सम्मान, प्रतिनिधित्व और सहभागिता की मांग है।
हम भारत सरकार एवं संबंधित अधिकारियों से विनम्र आग्रह करते हैं कि भविष्य में ट्रस्ट एवं उससे संबंधित समितियों में क्षत्रिय समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
नारा
“प्रभु श्रीराम हमारे पूर्वज हैं,
ट्रस्ट में हमारा भी अधिकार है!”
“राम के वंशजों को सम्मान दो,
ट्रस्ट में क्षत्रियों को स्थान दो!”
जय श्रीराम 🚩
जय माँ भवानी 🚩
ठाकुर जितेंद्र सिंह
राष्ट्रीय अध्यक्ष
क्षत्रिय महासभा सम्पूर्ण भारत