06/09/2026
*आचार्य देवो भव:*
एक शिक्षक केवल पाठ नहीं पढ़ाता—वह जीवन की राह को रोशन करता है, सपनों को उड़ान देता है और एक बेहतर कल की नींव रखता है।
वाल्मीकि बाल संस्कार शाला व मुक्ति फाउंडेशन के साथ शिक्षक दिवस को अपार हर्ष, गर्मजोशी और कृतज्ञता के साथ मनाया,स्नेह व सम्मान देने के लिए मुक्ति फाउंडेशन की फाउंडर श्रीमती रीता सिंह जी को बहुत-बहुत धन्यवाद!!
🌸🙏
यह उत्सव तब और भी विशेष बन गया, जब वाल्मीकि बाल संस्कारशाला के बच्चों ने अपने प्रिय गुरुओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हुए मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं और अपने हाथों से बनाए सुंदर कार्ड उन्हें समर्पित किए। 💐❤️
इस दिन को और भी आनंदमय बनाने के लिए शिक्षकों के लिए मनोरंजक खेलों और एक रोचक क्विज़ का आयोजन किया गया, जिसने हँसी-खुशी, आपसी जुड़ाव और यादगार पलों से पूरे वातावरण को खुशनुमा बना दिया। 😊🎉
शिक्षकों के समर्पण, धैर्य और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान के सम्मानस्वरूप सभी शिक्षकों को स्नेहपूर्वक उपहार भेंट किए गए। 🎁🙏
हर उस शिक्षक को हृदय से धन्यवाद, जो निरंतर प्रेरित करते हैं, मार्गदर्शन देते हैं और जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में अपना योगदान देते हैं।
आप ही हर उज्ज्वल भविष्य के पीछे की वह रोशनी हैं।
शत्-शत् नमन एवं हार्दिक धन्यवाद! 🙏🌷