Sarvjanik Vikas Sansthan

Sarvjanik Vikas Sansthan मानव सेवा परमो धर्म:
(10)

25/03/2026

मरकहवा साँढ
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गाँव में कहा जा रहा है—
वह मरकहवा साँढ है।
खेतों की मेंड़ें तोड़ देता है,
हाट में उतरकर टोकरी उलट देता है,
और कभी-कभी
धूल का बवंडर बनकर
गलियों में दौड़ जाता है—
जैसे धरती का कोई पुराना ऋण
एक साथ वसूलना हो।

बच्चे दीवारों पर चढ़ जाते हैं,
और औरतें द्वार बंद कर लेती हैं।
उसके खुरों की चोट से
मिट्टी काँपती है—
और लोग कहते हैं,
“आतंक है… आतंक!”

पर क्या आतंक
सिर्फ़ सींगों से उपजता है?
या उस खालीपन से
जिसे हमने उसके भीतर बो दिया है?

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एक समय था—
जब वही देह
धान की बालियों में हवा-सी बहती थी।
उसके कंधों पर बलिष्ठ बादल थे,
और सींगों पर उगता हुआ चाँद।
पंचईयाँ के मेले में
उसके गले की घंटियाँ
मानो पृथ्वी का हृदय थीं—
धड़कती हुई, आश्वस्त।

वह खेतों की लय था,
हल की रेखाओं में उतरती कविता था।
उसकी चाल में विश्वास था—
कि ऋतु लौटेगी,
और अन्न उगेगा।

⸻————-

फिर समय ने करवट ली।
हल की लकड़ी
लोहे की गर्जना में बदल गई।
उसकी देह का सामर्थ्य
बाज़ार की दृष्टि में
“अनुपयोगी” घोषित हुआ।

जिसे कभी देवता की तरह
खुला छोड़ा गया,
वही आज
खुलेपन का अपराधी है।

उसकी आँखों में जो लालिमा है—
वह रक्त नहीं,
विस्थापन की संध्या है।
वह जब मेंड़ तोड़ता है,
तो दरअसल अपनी ही स्मृतियों की
बंदीगृह-दीवारें तोड़ता है।

हाट में टोकरी उलटना
उसका उन्माद नहीं—
उस व्यवस्था पर प्रहार है
जिसने उसे
अचानक अनावश्यक बना दिया।

⸻————

अब वह पीपल के नीचे खड़ा रहता है—
देवत्व और दुत्कारे जाने के बीच
अटका हुआ।
उसकी देह पर समय की दरारें हैं,
और सींगों पर
सूखे उत्सवों की राख।

कभी सांझ के धुँधलके में
वह अचानक दहाड़ उठता है—
और वह दहाड़
गाँव के कच्चे घरों से टकराकर
लौट आती है,
जैसे कोई प्रश्न
जिसका उत्तर
किसी के पास नहीं।

वह मरकहवा नहीं है—
वह एक युग का परित्यक्त शिलालेख है।
उसका आतंक
दरअसल उस स्मृति की अंतिम चिंगारी है
जिसे हम बुझा देना चाहते हैं।

और जब वह दौड़ता है—
तो धरती नहीं काँपती,
काँपती है हमारी वह सुविधा
जिसने शक्ति को पहले पूजा,
फिर इस्तेमाल किया,
और अंततः
उसे भय का नाम दे दिया।

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21/03/2026

आप सभी को ितर की हार्दिक बधाई 🎉 यह पावन त्योहार आप सभी के जीवन में नई उम्मीदों की रोशनी लेकर आए #ईद का यह संदेश हमें प्रेम भाई चारे और इंसानियत के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है आप सभी को #ईद की ढेर सारी शुभकामनाएं....मुबारकबाद...🌙🎉💐😊🙏 #ईद EidMubarak2026

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