सनातन वैदिक धर्मार्थी

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सनातन वैदिक धर्मार्थी सनातन वैदिक धर्मार्थी -धर्म वही जो सृष्टि का कल्याण करे ! धर्म वही जो सृष्टि का कल्याण करे !

आपको इस्लाम के इस मकड़जाल से कोई बचा सकता है तो वो है इस्लामदुनिया की कोई भी बड़ी से बड़ी डिग्री हासिल कर लीजिए लेकिन आप...
14/09/2025

आपको इस्लाम के इस मकड़जाल से कोई बचा सकता है तो वो है इस्लाम

दुनिया की कोई भी बड़ी से बड़ी डिग्री हासिल कर लीजिए लेकिन आप एक नार्मल से मुसलमान से भी डीबेट नहीं कर पायेंगे आलिम मुफ्तियों को तो भूल ही जाइए

आपको इस्लाम अपने बचाव के लिए पढना है जब आप इसे पढेंगे तब आपको समझ में आयेगा कि ये न तो धर्म है न दीन है ये बस एक कल्ट है जो किसी भी तरह से गैर मुस्लिमो को गैर मुस्लिम नहीं रहने देना चाहता

अभी तक सिर्फ लडके ही जेहाद करते थे अब लडकिया भी जेहाद कर रही है

इन लोगों ने जैसे चंदा जुटाते है वैसे ही कुछ लडकियों को जुटाया उनके परिवार को राजी किया कि वो अपनी बेटियां वक्फ कर दे अल्लाह के राह में

लोगों ने किया उनको ब्युटी पार्लर में खूबसूरत बनाया गया उनको पूरी तरह से अमीर हिन्दू लडकों को फसाने की तालीम दी गई लिबरल बनकर

ये लडकिया खुद को लिबरल दिखाकर अमीर हिन्दू लडकों से मिलती उन्हें फसाती फिर उनसे धर्म बदल कर शादी करती फिर धीरे धीरे असली रंग में आती और लडके को फोर्स करती कि या तो इस्लाम कबूल कर लो या फिर दहेज उत्पीड़न में जेल जाने के लिए तैयार हो जाओ

पहले लडका इस्लाम कबूल करता फिर ये लोग धीरे धीरे उसके पूरे परिवार को मुस्लिम बना देते थे

अब तक 400 लोगों को मुस्लिम बनाने की बात इन लोगों ने कबूल किया है बाकी ये असल आकडा हजारों में बैठेगा

कैसे हिंदुस्तान के कानून का इस्तेमाल करके मुसलमान बनाया जा रहा है कोई सोच भी नहीं सकता

ये कोई नई बात नहीं है,19 वीं शताब्दी के शुरुआत में देवबंदी मसलक ने एक किताब लिखाई थी उसका नाम था "दाइये इस्लाम" इसके मुसन्निफ थे ख्वाजा हसन चिश्ती

ये एक तरह से अल तकिया की आचार संहिता या कोड ऑफ कंडक्ट थी,

उस किताब में बतलाया था कि हिजड़ों , रंडीयों , तवायफों को कैसे लोगो को अपने हुस्न के जाल में फंसाकर इस्लाम की दावत देनी है ।यूपी बिहार के बहुत से जमींदार घराने के लोग उस समय तवायफों के जाल में फंसकर इस्लाम में कन्वर्ट हो गए थे

जैसे जद्दन बाई जो एक्ट्रेस नरगिस की मां थी उसने 3 बड़े घरानों के लोगो को इस्लाम में कन्वर्ट कराया था

इस्लाम से बचना है तो इस्लाम को पढो़ अपने परिवार वालों को बताओ और समझाओ

और साथ में सत्यार्थ प्रकाश का चौदवा समुल्लास भी पढो बहुत कुछ समझ में आ जाएगा

16 लोगों को गिरफ्तार किया गया हैडोभाल ऐसे ही नहीं घूम रहे थे गलियों व मौहल्लों में, जब हम और आप सो रहे थे.......राष्ट्री...
14/09/2025

16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है

डोभाल ऐसे ही नहीं घूम रहे थे गलियों व मौहल्लों में, जब हम और आप सो रहे थे.......
राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने दिल्ली और यूपी पुलिस की मदद से बीती रात दिल्ली के सीलमपुर और यूपी के अमरोहा में छापेमारी की और 16 लोगों को गिरफ्तार किया...
इनमें एक इंजीनियरिंग का छात्र, अमरोहा मस्जिद का मौलवी एक युनिवर्सिटी का छात्र, कई वेल्डर और आटो चालक शामिल हैं,...
छापेमारी में सीलमपुर दिल्ली में एक राकेट लांचर, अन्य जगहों पर 25 किलो विस्फोटक सामग्री,150 फोन, 300 सिम कार्ड, 200 अलार्म घड़ियां और लोहे के पतले पाइप, टनों कीलें मिलीं.... इसके अलावा 8 लाख कैश भी मिला..
बड़े बड़े वेल्डिंग मशीन से पाइप बम बन रहे थे, सुसाइड वेस्ट और टाइमर वाले बम मिले है, और आटो वाले सामान पहुंचाने में लगे थे..
गिरोह के सरगना मुफ्ती ने बताया कि इनका हैंडलर दुबई में है....
अगर आप इसे सिर्फ दंगा मान रहे हैं तो आप बड़े भोले हैं, ये युद्ध है....!!इनकी जात न पूछो,ये खुदी बता देते है यही देश के आधे मोर्चे वाले है इनसे हम सभी को लड़ना होगा, तैयार रहो👆
वैसे आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता 😊

02/09/2025
18/08/2025

*भीष्म साहनी के उपन्यास से एक अंश*

लाखो ऐसी बहने जो सोने चाँदी के बरतनों में खाना खाती थी जिनके कोमल पैर कभी जमीं पर नहीं पड़े थे उन्हें 7 दिनों तक नंगा करके पाकिस्तान में घुमाया गया जहाँ भीड़ एक बार शुरू होती तो एक एक लड़की से १२ से १५ लोग रेप करते और 7 वे दिन सिर्फ़ ३ लड़किया ज़िंदा बची उन्ही काट के पकाकर उस भीड़ ने खाया तुम्हारे पूर्वजों को आजादी का ये नजराना मिला था और तुम इसे आजादी कहते हो । किसी घर में कोई मार जाता है तो उस दिन का त्योहार नहीं मनाया जाता जिस दिन लाखो लोग मर गए और लाखो के घर छीन गए उस दिन आप मनाओ आजादी का जश्न ।

अमृतसर में हिन्दुओ और सिखों की लाशों से भरी ट्रैन आती थी लिखा रहता था, "ये आज़ादी का नजराना"
पहली ट्रेन पाकिस्तान से (15.8.1947)😢
अमृतसर का लाल इंटो वाला रेलवे स्टेशन अच्छा खासा शरणार्थियों कैम्प बना हुआ था । पंजाब के पाकिस्तानी हिस्से से भागकर आये हुए हज़ारों हिन्दुओ-सिखों को यहाँ से दूसरे ठिकानों पर भेजा जाता था ! वे धर्मशालाओं में टिकट की खिड़की के पास, प्लेट फार्मों पर भीड़ लगाये अपने खोये हुए मित्रों और रिश्तेदारों को हर आने वाली गाड़ी मै खोजते थे...
15 अगस्त 1947 को तीसरे पहर के बाद स्टेशन मास्टर छैनी सिंह अपनी नीली टोपी और हाथ में सधी हुई लाल झंडी का सारा रौब दिखाते हुए पागलों की तरह रोती-बिलखती भीड़ को चीरकर आगे बढे...थोड़ी ही देर में 10 डाउन, पंजाब मेल के पहुँचने पर जो द्रश्य सामने आने वाला था,उसके लिये वे पूरी तरह तैयार थे....मर्द और औरतें थर्ड क्लास के धूल से भरे पीले रंग के डिब्बों की और झपट पडेंगे और बौखलाए हुए उस भीड़ में किसी ऐसे बच्चे को खोजेंगे, जिसे भागने की जल्दी में पीछे छोड़ आये थे !
चिल्ला चिल्ला कर लोगों के नाम पुकारेंगे और व्यथा और उन्माद से विहल होकर भीड़ में एक दूसरे को ढकेलकर-रौंदकर आगे बढ़ जाने का प्रयास करेंगे ! आँखो में आँसू भरे हुए एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे तक भाग भाग कर अपने किसी खोये हुए रिश्तेदार का नाम पुकारेंगे! अपने गाँव के किसी आदमी को खोजेंगे कि शायद कोई समाचार लाया हो ! आवश्यक सामग्री के ढेर पर बैठा कोई माँ बाप से बिछडा हुआ कोई बच्चा रो रह होगा, इस भगदड़ के दौरान पैदा होने वाले किसी बच्चे को उसकी माँ इस भीड़-भाड़ के बीच अपना ढूध पिलाने की कोशिश कर रही होगी....
स्टेशन मास्टर ने प्लेट फार्म एक सिरे पर खड़े होकर लाल झंडी दिखा ट्रेन रुकवाई ....जैसे ही वह फौलादी दैत्याकार गाड़ी रुकी, छैनी सिंह ने एक विचित्र द्रश्य देखा..चार हथियार बंद सिपाही, उदास चेहरे वाले इंजन ड्राइवर के पास अपनी बंदूकें सम्भाले खड़े थे !! जब भाप की सीटी और ब्रेको के रगड़ने की कर्कश आवाज बंद हुई तो स्टेशन मास्टर को लगा की कोई बहुत बड़ी गड़बड़ है...प्लेट फार्म पर खचाखच भरी भीड़ को मानो साँप सुंघ गया हो..उनकी आँखो के सामने जो द्रश्य था उसे देखकर वह सन्नाटे में आ गये थे !
स्टेशन मास्टर छेनी सिंह आठ डिब्बों की लाहौर से आई उस गाड़ी को आँखे फाड़े घूर रहे थे! हर डिब्बे की सारी खिड़कियां खुली हुई थी, लेकिन उनमें से किसी के पास कोई चेहरा झाँकता हुआ दिखाई नहीँ दे रहा था, एक भी दरवाजा नहीँ खुला.. एक भी आदमी नीचे नहीँ उतरा,उस गाड़ी में इंसान नहीँ भूत आये थे..स्टेशन मास्टर ने आगे बढ़कर एक झटके के साथ पहले डिब्बे के द्वार खोला और अंदर गये..एक सेकिंड में उनकी समझ में आ गया कि उस रात न.10 डाउन पंजाब मेल से एक भी शरणार्थी क्यों नही उतरा था..
वह भूतों की नहीँ बल्कि लाशों की गाड़ी थी..उनके सामने डिब्बे के फर्श पर इंसानी कटे-फटे जिस्मों का ढेर लगा हुआ था..किसी का गला कटा हुआ था.किसी की खोपडी चकनाचूर थी ! किसी की आते बाहर निकल आई थी...डिब्बों के आने जाने वाले रास्ते मे कटे हुए हाथ-टांगे और धड़ इधर उधर बिखरे पड़े थे..इंसानों के उस भयानक ढेर के बीच से छैनी सिंह को अचानक किसी की घुटी.घुटी आवाज सुनाई दी !
यह सोचकर की उनमें से शायद कोई जिन्दा बच गया हो उन्होने जोर से आवाज़ लगाई.. "अमृतसर आ गया है यहाँ सब हिंदू और सिख है. पुलिस मौजूद है, डरो नहीँ"..उनके ये शब्द सुनकर कुछ मुरदे हिलने डुलने लगे..इसके बाद छैनी सिंह ने जो द्रश्य देखा वह उनके दिमाग पर एक भयानक स्वप्न की तरह हमेशा के लिये अंकित हो गया ...एक स्त्री ने अपने पास पड़ा हुआ अपने पति का 'कटा सर' उठाया और उसे अपने सीने से दबोच कर चीखें मारकर रोने लगी...
उन्होंने बच्चों को अपनी मरी हुई माओ के सीने से चिपट्कर रोते बिलखते देखा..कोई मर्द लाशों के ढेर में से किसी बच्चे की लाश निकालकर उसे फटी फटी आँखों से देख रहा था..जब प्लेट फार्म पर जमा भीड़ को आभास हुआ कि हुआ क्या है तो उन्माद की लहर दौड़ गयी...
स्टेशन मास्टर का सारा शरीर सुन्न पड़ गया था वह लाशों की कतारो के बीच गुजर रहा था...हर डिब्बे में यही द्रश्य था अंतिम डिब्बे तक पहुँचते पहुँचते उसे मतली होने लगी और जब वह ट्रेन से उतरा तो उसका सर चकरा रहा था उनकी नाक में मौत की बदबू बसी हुई थी और वह सोच रहे थे की रब ने यह सब कुछ होने कैसे दिया ?
जिहादी कौम इतनी निर्दयी हो सकती है कोई सोच भी नहीँ सकता था....उन्होने पीछे मुड़कर एक बार फ़िर ट्रेन पर नज़र डाली...हत्यारों ने अपना परिचय देने के लिये अंतिम डिब्बे पर मोटे मोटे सफेद अक्षरों से लिखा था....."यह गाँधी और नेहरू को हमारी ओर से आज़ादी का नज़राना है " !

हिन्दुओ और सिखों की लाखों लाशों पर बनी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठकर नेहरू ने इस देश पर शासन किया...

28/10/2024

भारत दुनिया का एकमात्र देश है जो अपने शत्रुओं/चापलूसों द्वारा लिखा हुआ फर्जी इतिहास अपने बच्चों को पढ़ाता है।
सत्य कड़वा हैं
🚩🚩🚩🚩

19/10/2024

बेटे सलमान तू कार में घूम या थार में
जिस दिन दिख गया ना बाज़ार में, उस दिन छप जाएगा अख़बार में 🤣😅😂
🔥लॉरेंस भैया 🔥

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