विश्व परिवर्तन मिशन

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विश्व परिवर्तन मिशन Mission for Global Change, MGC is proposed to be a forum of organizations of all countries of the world formed on written constitution.

By joining this forum the member organizations may collectively be able to pay their functionaries for social work. मतभेद ही व्यक्ति के जीवन में, स्थानीय समाज और संपूर्ण विश्व में अशांति का मूल कारण है। इसीलिए कहा गया है- मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ने। मतभेद के कारण एक मत के लोग समूह बना लेते हैं। अलग-अलग समूह आपस में लड़ाई झगड़ा और युद्ध करने लगते हैं। मतभेदों और विचारधाराओं के बीच फिलामेंट की तरह प्रबंधन ही विश्व में शांति और सर की समृद्धि सुनिश्चित कर सकता है।
मानव जीवन में मौत किसी को पसंद नहीं है किंतु चूंकि उसे नष्ट नहीं जा सकता। इसलिए उसके साथ समन्वय और संतुलन बनाकर जीवन जीना समझदारी माना जाता है। जिस प्रकार व्यक्ति को अपनी विचारधारा अपनी अंतरात्मा की रूहानी आवाज और समाज के लिए हितकर आवाज महसूस होती है, उसी प्रकार वे विचारधाराएं भी अंतरात्मा की रूहानी आवाज और समाज के लिए हितकर उन लोगों को महसूस होती है जो विचारधाराएं अपने को पसंद नहीं होतीं, या हमें शत्रु विचारधारा जैसी महसूस होती हैं। प्रकृति दो अलग-अलग लिंगों के इंसान पैदा करती है जो शारीरिक बनावट में परस्पर विपरीत दिखाई पड़ते हैं। किंतु फिर भी एक दूसरे के पूरक होते हैं। उसी प्रकार प्रकृति दो परस्पर विरोधी विचारधाराओं के लोगों को भी पैदा करती है, जो परस्पर शत्रु भले ही दिखाई पड़े, किंतु एक दूसरे के पूरक होते हैं। चाहे शारीरिक बनावट में भेद हो, चाहे मानसिक बनावट में भेद हो, दोनों ही भेद व्यक्ति के अंदर मौजूद कुछ विशेष हारमोंस और जींस के कारण होते हैं। अपने अंदर मौजूद जींस और हारमोंस को सही कहना और दूसरे के अंदर मौजूद जींस और हारमोंस को गलत कहना उचित नहीं है। अपने शरीर में मौजूद जींस और हारमोंस पर जिस प्रकार अपना वश नहीं है, उसी प्रकार दूसरे व्यक्ति के शरीर में मौजूद जींस और हारमोंस पर उस व्यक्ति का अपना वश नहीं है। इसलिए अपने को संत समझना और अपने विरोधी विचारधारा के प्रचारक को अपराधी समझना उचित नहीं है। जब अपनी विचारधारा और अपनी विरोधी विचारधारा दोनों के पीछे प्रकृति के नियमों का हाथ है तब दो परस्पर विरोधी विचारधाराओं के बीच समन्वय और संतुलन बना कर जीना ही उचित है।
दलितों, महिलाओं और समलैंगिकों के अधिकारों की वकालत करने वालों को पहले पथभ्रष्ट, अनैतिक, समाज को तोड़ने वाले, अज्ञानी, समाजद्रोही, असामाजिक तत्व, साजिशकर्ता, दलितों, महिलाओं और समलैंगिक समुदायों के मन को उकसाने वाले, समाज व्यवस्था को तोड़ने वाले, पश्चिमी देशों के एजेंट, भारतीय सभ्यता और संस्कृत के शत्रु… आदि नकारात्मक शब्दों से संबोधित किया जाता था। किंतु समय के क्रम में दलितों, महिलाओं और समलैंगिकों को उनके आंशिक अधिकार मिल गए। इन घटनाओं ने यह साबित किया कि आज भी जब समाज के बहुत लोग एक ही विचारधारा पर आधारित कोई एक ही मांग करते हैं और उनको अज्ञानी, समाज द्रोही, अनैतिक और साजिशकर्ता … कहकर रोका जाता है, तो यह रोकने वालों का ही अज्ञान है। जब किसी एक व्यक्ति की विचारधारा बहुत से लोगों की विचारधारा बन जाए तो यह समझना चाहिए कि वह प्रकृति द्वारा पैदा की गई विचारधारा है। यह किसी की साजिश नहीं है। धरती के, समाज के और सरकार के संसाधनों में इन सभी तरह की विचारधाराओं को हिस्सेदारी मिलना चाहिए।

राजनीतिक स्वतंत्रता दिवस 2026 की बधाइयां। 97% एपीएल बीपीएल समाज को भी आर्थिक स्वतंत्रता मिले, इस लड़ाई के लिए निमंत्रण  ...
15/08/2026

राजनीतिक स्वतंत्रता दिवस 2026 की बधाइयां।

97% एपीएल बीपीएल समाज को भी आर्थिक स्वतंत्रता मिले, इस लड़ाई के लिए निमंत्रण #

सामूहिक नेतृत्व पर कार्यरततीसरा मोर्चा;सिविल सोसाइटियों, ट्रेड युनियनों, राजनीतिक व गठबंधनों और दलों, सामाजिक आंदोलनों औ...
05/08/2026

सामूहिक नेतृत्व पर कार्यरत

तीसरा मोर्चा

;सिविल सोसाइटियों, ट्रेड युनियनों, राजनीतिक व गठबंधनों और दलों, सामाजिक आंदोलनों और व्यापारिक संगठनों का संयुक्त मंच)

अंतरमि संविधान
(दिनांक - 2 अगस्त, 2026 को यथाविद्यमान)

तीसरा मार्चा गठबंधन के संविधान प्रारूप समिति की प्रस्तुति


अनुच्छेद - 01
’’गठबंधन के लिखित संविधान के निर्माण के उद्देश्य’’ -

गठबंधन का संविधान इस उद्देश्य से निर्मित किया जा रहा है, कि गठबंधन के कार्य संचालन हेतु एक ’’स्थायी, लोकतांत्रिक, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा संस्थागत ढांचा’’ स्थापित किया जा सके। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
1. ’’गठबंधन के संगठन, कार्यप्रणाली, शक्तियों, उत्तरदायित्वों तथा निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को विनियमित करने हेतु एक लिखित संविधान स्थापित करना।’’
1.1. गठबंधन को उसके घटक राजनीतिक दलों एवं संगठनों के मध्य उत्पन्न होने वाले विवादों अथवा मतभेदों के कारण विघटन से सुरक्षित रखना।
1.2. यह सुनिश्चित करना कि गठबंधन किसी व्यक्ति-केन्द्रित (थ्ंबम ब्मदजतपब) गठबंधन के रूप में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा विधि-आधारित प्रणाली के अनुसार संचालित हो।
1.3. यह सुनिश्चित करना कि गठबंधन जनता के प्रति अपने वचनों, दायित्वों एवं प्रतिबद्धताओं का निष्ठापूर्वक पालन करे तथा अपने घोषित उद्देश्यों से विचलित न हो।
1.4. राष्ट्रीय, राज्य, संभागीय, जिला एवं विकास खण्ड स्तर पर घटक राजनीतिक दलों एवं संगठनों के मध्य संस्थागत सहयोग एवं समन्वय को प्रोत्साहित करना, ताकि गठबंधन केवल शीर्ष नेतृत्व का गठबंधन न होकर संगठनों एवं उनके कार्यकर्ताओं का भी गठबंधन बन सके।
1.5. आवश्यकता पड़ने पर नए नेतृत्व के सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध निर्वाचन अथवा नियुक्ति के लिए संवैधानिक व्यवस्था स्थापित करना।
1.6. ऐसा स्थायी संवैधानिक ढांचा स्थापित करना, जो गठबंधन द्वारा गठित किसी भी सरकार की स्थिरता, निरंतरता एवं प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित कर सके।

2. घटक राजनीतिक दलों एवं संगठनों के मध्य उत्पन्न होने वाले विवादों के शांतिपूर्ण निस्तारण एवं समाधान हेतु संवैधानिक तंत्र स्थापित करना।

3. परामर्श, विचार-विमर्श एवं निर्णय-निर्माण की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का निर्धारण करके सामूहिक निर्णय-निर्माण प्रणाली स्थापित करना।

4. गठबंधन में नए राजनीतिक दलों, संगठनों तथा घटक सदस्यों के प्रवेश एवं सदस्यता की प्रक्रिया तथा शर्तों का निर्धारण करना।

5. अन्य गठबंधनों अथवा मोर्चों (ब्वंसपजपवदे) के इस गठबंधन में विलय अथवा सम्मिलन की प्रक्रिया का निर्धारण करना।

6. गठबंधन की निर्णय-निर्माण संस्थाओं में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं, आर्थिक वर्गों, सांस्कृतिक समूहों, धार्मिक समुदायों, लिंगों, जातियों तथा भौगोलिक क्षेत्रों का न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।

7. गठबंधन के भीतर शक्तियों के पृथक्करण एवं वितरण के सिद्धांत की स्थापना करना, जिसके अंतर्गत विभिन्न संवैधानिक अंगों के मध्य अधिकारों का वितरण किया जाए, शक्ति के अत्यधिक केंद्रीकरण को रोका जाए तथा प्रभावी एवं समयबद्ध निर्णय-निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

8. गठबंधन की निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में घटक संगठनों के राष्ट्रीय, राज्य, जिला एवं विकास खण्ड स्तर के पदाधिकारियों का संस्थागत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।

9. गठबंधन के कार्यकारी प्रमुख (म्गमबनजपअम भ्मंक) के निर्वाचन, नियुक्ति, शक्तियों, कार्यकाल तथा पद से हटाए जाने की संवैधानिक प्रक्रिया का निर्धारण करना।

10. गठबंधन के प्रत्येक घटक राजनीतिक दल, संगठन तथा सदस्य के अधिकारों, कर्तव्यों, दायित्वों एवं उत्तरदायित्वों को परिभाषित करना।

11. गठबंधन की दृष्टि (टपेपवद), दर्शन (च्ीपसवेवचील), मार्गदर्शक सिद्धांतों, संवैधानिक उद्देश्यों तथा कार्यसूची को अभिव्यक्त करने वाली एक प्रस्तावना (च्तमंउइसम) को अंगीकृत करना।

12. गठबंधन तथा उसके सदस्यों को स्वार्थ-सिद्धि करने वाले हितसमूहों, जिनमें क्रोनी पूँजीवादी (ब्तवदल ब्ंचपजंसपेज) शक्तियाँ भी सम्मिलित हैं, द्वारा गठबंधन को विभाजित करने, कमजोर करने, नियंत्रित करने अथवा उसका दुरुपयोग करने के षड्यंत्रों एवं प्रयासों से सुरक्षित रखने हेतु संवैधानिक सुरक्षा उपाय स्थापित करना।

13. लोकसभा, विधानसभा एवं स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए घटक राजनीतिक दलों के मध्य सीटों के आवंटन हेतु पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ एवं न्यायसंगत सिद्धांतों का निर्धारण करना।

14. बैठकों की कार्यवाही एवं निर्णयों के अभिलेखीकरण, प्रतिवेदन, प्रकाशन तथा संप्रेषण के संबंध में ऐसे नियम निर्धारित करना जिससे पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संस्थागत निरंतरता सुनिश्चित हो।

15. बैठकों, सम्मेलनों, सार्वजनिक सभाओं एवं रैलियों के आयोजन एवं संचालन के संबंध में नियम निर्धारित करना, जिनमें निम्नलिखित विषय सम्मिलित हों-
(क) मंच संचालन एवं प्रोटोकॉलय
(ख) सार्वजनिक सभाओं को संबोधित करने की प्रक्रिया
(ग) जन-जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम
(घ) सार्वजनिक सभाओं, सम्मेलनों, प्रदर्शनों एवं रैलियों का संगठन एवं संचालन
(ङ) संविधान सभा की कार्यवाही एवं कार्य-संचालन के नियम (त्नसमे व िच्तवबमकनतम ंदक ब्वदकनबज व िठनेपदमेे)।

16. संविधान सभा तथा जन संसद (च्मवचसमष्े च्ंतसपंउमदज) के सत्रों के आह्वान एवं संचालन की प्रक्रिया निर्धारित करना तथा आधिकारिक दस्तावेजों, प्रकाशनों एवं प्रचार-सामग्री के निर्माण, प्रकाशन एवं प्रसार को विनियमित करना।

17. संविधान, आचार संहिता, नियमों अथवा गठबंधन के निर्णयों के उल्लंघन की स्थिति में दंड, अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्यवाही तथा सुधारात्मक उपायों का प्रावधान करते हुए एक अनुशासनात्मक व्यवस्था स्थापित करना।

18. गठबंधन की निधियों एवं परिसंपत्तियों के संग्रह, प्रबंधन, लेखांकन, लेखापरीक्षा (।नकपज), उपयोग तथा वित्तीय पर्यवेक्षण के संबंध में नियम निर्धारित करना।

19. ऐसे संस्थागत सुरक्षा उपाय स्थापित करना जिससे अत्यधिक धनाढ्य व्यक्तियों, निगमों अथवा अन्य स्वार्थ-समूहों द्वारा गठबंधन पर नियंत्रण स्थापित करना अथवा उसे उसके संवैधानिक उद्देश्यों से भटकाना संभव न हो।

20. संविधान तथा उसके अधीन अधीनस्थ नियमों, विनियमों, प्रक्रियाओं एवं नियमावली (ठल संूे) के मध्य स्पष्ट भेद स्थापित करना तथा उनके संशोधन की पृथक-पृथक प्रक्रियाओं का निर्धारण करना।

21. ऐसा संस्थागत संचार तंत्र स्थापित करना जिससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं एवं गठबंधन की केंद्रीय समिति के मध्य नियमित, व्यवस्थित एवं प्रभावी सूचना-आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके।

22. ऐसी प्रक्रिया निर्धारित करना जिसके अंतर्गत किसी घटक राजनीतिक दल अथवा संगठन का कोई पदाधिकारी, इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, गठबंधन की संगठनात्मक संरचना में भी एक साथ पद धारण कर सके।

अनुच्छेद - 02
गठबंधन के नामकरण संबंधी नियम

पुनर्जागरण यात्रा के दौरान ऐट जालोन के महावीर रिजॉर्ट में
29/07/2026

पुनर्जागरण यात्रा के दौरान ऐट जालोन के महावीर रिजॉर्ट में

श्री विश्वात्मा का अगला पुनर्जागरण व्याख्यान भोपाल के शिवाजी नगर स्थित दुष्यंत कुमार स्मारक सभागार में शनिवार, 27 जून को...
24/06/2026

श्री विश्वात्मा का अगला पुनर्जागरण व्याख्यान भोपाल के शिवाजी नगर स्थित दुष्यंत कुमार स्मारक सभागार में शनिवार, 27 जून को होगा।
Next Renaissance Lecture of Shri Vishwatma in Bhopal on 27th June In Dushyant Kumar smarak auditorium Shivaji Nagar #3बनाम93 India

अमेरिका, इज़राइल और ईरान को विश्वात्मा ने स्थायी शांति का प्रस्ताव भेजाकाजल गांव (चिरांग), 18 अप्रैल।विश्व परिवर्तन मिशन...
19/04/2026

अमेरिका, इज़राइल और ईरान को विश्वात्मा ने स्थायी शांति का प्रस्ताव भेजा

काजल गांव (चिरांग), 18 अप्रैल।
विश्व परिवर्तन मिशन के संस्थापक अध्यक्ष श्री विश्वात्मा भारत गांधी ने अमेरिका, इज़राइल और ईरान को स्थायी शांति का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव उन्होंने विश्व के अन्य 191 देशों को भी भेजते हुए सभी देशों से अनुरोध किया है कि भविष्य में युद्ध को व्यवस्थित तरीके से रोकने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं। यह प्रस्ताव श्री विश्वात्मा ने भारत और उसके पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी भेजा है। यह जानकारी आज विश्व परिवर्तन मिशन के असम प्रदेश अध्यक्ष श्री अरविंद शर्मा ने मीडिया के साथ साझा की।

श्री अरविंद शर्मा ने बताया कि श्री विश्वात्मा आज चिरांग जिले के काजल गांव स्थित सुजीत नर्सरी सभागार में वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल और विश्व परिवर्तन मिशन के संयुक्त सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री विश्वात्मा ने बताया कि उन्होंने 10 अप्रैल 2024 को विश्व के 194 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को एक प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में विस्तार से जानकारी दी गई थी कि पूरे विश्व को युद्ध-मुक्त और शोषण-मुक्त कैसे किया जा सकता है। इसके बाद 15 अप्रैल को दूसरी बार एक स्मरण-पत्र भेजते हुए श्री विश्वात्मा ने एक बार फिर दुनिया के सभी देशों से कानून के शासन (Rule of Law) के सिद्धांत को स्वीकार करने की अपील की है।

श्री विश्वात्मा ने सभी देशों को संप्रभुता, नागरिकता, सत्ता के पृथक्करण और लोकतंत्र की पारंपरिक परिभाषाओं में समयानुकूल संशोधन के प्रस्ताव भी भेजे हैं। उन्होंने भागीदारी और शांति पर वैश्विक समझौते पर विश्व के सभी देशों से हस्ताक्षर करने की अपील की, जिससे विश्व को संभावित तृतीय विश्व युद्ध से बचाया जा सके, पर्यावरणीय खतरों को रोका जा सके तथा परमाणु हथियारों, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को समाप्त किया जा सके।

श्री विश्वात्मा ने यह ज्ञापन भारत के राष्ट्रपति को भी भेजा है।

काजल गांव में आयोजित इस परिवर्तनकारी सम्मेलन में कोकराझार, चिरांग, बंगाली गांव और घरपेटा जनपदों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभागार खचाखच भरा हुआ था।

पढ़िए पूरा समाचार आज के दैनिक पूर्वोदय गुवाहाटी संस्करण के पेज नंबर 12 में -
Website: https://gapp.mgc.world
https://epaper.dainikpurvoday.com/index.aspx?p=7acd3cb8-b458-4b12-b7f6-ae811eb65974&e=4f16fe56-1ea8-425a-970c-986c95b30e74

#विश्वात्माप्रशिक्षण
#युद्धरोको #युद्ध_रोको




निर्मली अनुमंडल अधिवक्ता संघ में आज श्री विश्वात्मा का पुनर्जागरण व्याख्यान हुआ।
16/04/2026

निर्मली अनुमंडल अधिवक्ता संघ में आज श्री विश्वात्मा का पुनर्जागरण व्याख्यान हुआ।

13 से 16 अप्रैल के बीच फुलप्रास के पास बिहार में आयोजित हो रहा है चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर           #विश्वात्माप्रशिक...
10/04/2026

13 से 16 अप्रैल के बीच फुलप्रास के पास बिहार में आयोजित हो रहा है चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

#विश्वात्माप्रशिक्षण

अगला प्रशिक्षण शिविर 13 से 16 तक
10/04/2026

अगला प्रशिक्षण शिविर 13 से 16 तक

अगला कैडर प्रशिक्षण और परिचर्चा शिविर मधुबनी सुपौल बॉर्डर स्थित मझौरा मधुबनी में 13-16 अप्रैल के बीच होगा।  पढ़िये विस्त...
16/03/2026

अगला कैडर प्रशिक्षण और परिचर्चा शिविर मधुबनी सुपौल बॉर्डर स्थित मझौरा मधुबनी में 13-16 अप्रैल के बीच होगा। पढ़िये विस्तार से-

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