05/08/2026
सामूहिक नेतृत्व पर कार्यरत
तीसरा मोर्चा
;सिविल सोसाइटियों, ट्रेड युनियनों, राजनीतिक व गठबंधनों और दलों, सामाजिक आंदोलनों और व्यापारिक संगठनों का संयुक्त मंच)
अंतरमि संविधान
(दिनांक - 2 अगस्त, 2026 को यथाविद्यमान)
तीसरा मार्चा गठबंधन के संविधान प्रारूप समिति की प्रस्तुति
अनुच्छेद - 01
’’गठबंधन के लिखित संविधान के निर्माण के उद्देश्य’’ -
गठबंधन का संविधान इस उद्देश्य से निर्मित किया जा रहा है, कि गठबंधन के कार्य संचालन हेतु एक ’’स्थायी, लोकतांत्रिक, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा संस्थागत ढांचा’’ स्थापित किया जा सके। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
1. ’’गठबंधन के संगठन, कार्यप्रणाली, शक्तियों, उत्तरदायित्वों तथा निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को विनियमित करने हेतु एक लिखित संविधान स्थापित करना।’’
1.1. गठबंधन को उसके घटक राजनीतिक दलों एवं संगठनों के मध्य उत्पन्न होने वाले विवादों अथवा मतभेदों के कारण विघटन से सुरक्षित रखना।
1.2. यह सुनिश्चित करना कि गठबंधन किसी व्यक्ति-केन्द्रित (थ्ंबम ब्मदजतपब) गठबंधन के रूप में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा विधि-आधारित प्रणाली के अनुसार संचालित हो।
1.3. यह सुनिश्चित करना कि गठबंधन जनता के प्रति अपने वचनों, दायित्वों एवं प्रतिबद्धताओं का निष्ठापूर्वक पालन करे तथा अपने घोषित उद्देश्यों से विचलित न हो।
1.4. राष्ट्रीय, राज्य, संभागीय, जिला एवं विकास खण्ड स्तर पर घटक राजनीतिक दलों एवं संगठनों के मध्य संस्थागत सहयोग एवं समन्वय को प्रोत्साहित करना, ताकि गठबंधन केवल शीर्ष नेतृत्व का गठबंधन न होकर संगठनों एवं उनके कार्यकर्ताओं का भी गठबंधन बन सके।
1.5. आवश्यकता पड़ने पर नए नेतृत्व के सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध निर्वाचन अथवा नियुक्ति के लिए संवैधानिक व्यवस्था स्थापित करना।
1.6. ऐसा स्थायी संवैधानिक ढांचा स्थापित करना, जो गठबंधन द्वारा गठित किसी भी सरकार की स्थिरता, निरंतरता एवं प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित कर सके।
2. घटक राजनीतिक दलों एवं संगठनों के मध्य उत्पन्न होने वाले विवादों के शांतिपूर्ण निस्तारण एवं समाधान हेतु संवैधानिक तंत्र स्थापित करना।
3. परामर्श, विचार-विमर्श एवं निर्णय-निर्माण की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का निर्धारण करके सामूहिक निर्णय-निर्माण प्रणाली स्थापित करना।
4. गठबंधन में नए राजनीतिक दलों, संगठनों तथा घटक सदस्यों के प्रवेश एवं सदस्यता की प्रक्रिया तथा शर्तों का निर्धारण करना।
5. अन्य गठबंधनों अथवा मोर्चों (ब्वंसपजपवदे) के इस गठबंधन में विलय अथवा सम्मिलन की प्रक्रिया का निर्धारण करना।
6. गठबंधन की निर्णय-निर्माण संस्थाओं में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं, आर्थिक वर्गों, सांस्कृतिक समूहों, धार्मिक समुदायों, लिंगों, जातियों तथा भौगोलिक क्षेत्रों का न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।
7. गठबंधन के भीतर शक्तियों के पृथक्करण एवं वितरण के सिद्धांत की स्थापना करना, जिसके अंतर्गत विभिन्न संवैधानिक अंगों के मध्य अधिकारों का वितरण किया जाए, शक्ति के अत्यधिक केंद्रीकरण को रोका जाए तथा प्रभावी एवं समयबद्ध निर्णय-निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
8. गठबंधन की निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में घटक संगठनों के राष्ट्रीय, राज्य, जिला एवं विकास खण्ड स्तर के पदाधिकारियों का संस्थागत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।
9. गठबंधन के कार्यकारी प्रमुख (म्गमबनजपअम भ्मंक) के निर्वाचन, नियुक्ति, शक्तियों, कार्यकाल तथा पद से हटाए जाने की संवैधानिक प्रक्रिया का निर्धारण करना।
10. गठबंधन के प्रत्येक घटक राजनीतिक दल, संगठन तथा सदस्य के अधिकारों, कर्तव्यों, दायित्वों एवं उत्तरदायित्वों को परिभाषित करना।
11. गठबंधन की दृष्टि (टपेपवद), दर्शन (च्ीपसवेवचील), मार्गदर्शक सिद्धांतों, संवैधानिक उद्देश्यों तथा कार्यसूची को अभिव्यक्त करने वाली एक प्रस्तावना (च्तमंउइसम) को अंगीकृत करना।
12. गठबंधन तथा उसके सदस्यों को स्वार्थ-सिद्धि करने वाले हितसमूहों, जिनमें क्रोनी पूँजीवादी (ब्तवदल ब्ंचपजंसपेज) शक्तियाँ भी सम्मिलित हैं, द्वारा गठबंधन को विभाजित करने, कमजोर करने, नियंत्रित करने अथवा उसका दुरुपयोग करने के षड्यंत्रों एवं प्रयासों से सुरक्षित रखने हेतु संवैधानिक सुरक्षा उपाय स्थापित करना।
13. लोकसभा, विधानसभा एवं स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए घटक राजनीतिक दलों के मध्य सीटों के आवंटन हेतु पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ एवं न्यायसंगत सिद्धांतों का निर्धारण करना।
14. बैठकों की कार्यवाही एवं निर्णयों के अभिलेखीकरण, प्रतिवेदन, प्रकाशन तथा संप्रेषण के संबंध में ऐसे नियम निर्धारित करना जिससे पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संस्थागत निरंतरता सुनिश्चित हो।
15. बैठकों, सम्मेलनों, सार्वजनिक सभाओं एवं रैलियों के आयोजन एवं संचालन के संबंध में नियम निर्धारित करना, जिनमें निम्नलिखित विषय सम्मिलित हों-
(क) मंच संचालन एवं प्रोटोकॉलय
(ख) सार्वजनिक सभाओं को संबोधित करने की प्रक्रिया
(ग) जन-जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम
(घ) सार्वजनिक सभाओं, सम्मेलनों, प्रदर्शनों एवं रैलियों का संगठन एवं संचालन
(ङ) संविधान सभा की कार्यवाही एवं कार्य-संचालन के नियम (त्नसमे व िच्तवबमकनतम ंदक ब्वदकनबज व िठनेपदमेे)।
16. संविधान सभा तथा जन संसद (च्मवचसमष्े च्ंतसपंउमदज) के सत्रों के आह्वान एवं संचालन की प्रक्रिया निर्धारित करना तथा आधिकारिक दस्तावेजों, प्रकाशनों एवं प्रचार-सामग्री के निर्माण, प्रकाशन एवं प्रसार को विनियमित करना।
17. संविधान, आचार संहिता, नियमों अथवा गठबंधन के निर्णयों के उल्लंघन की स्थिति में दंड, अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्यवाही तथा सुधारात्मक उपायों का प्रावधान करते हुए एक अनुशासनात्मक व्यवस्था स्थापित करना।
18. गठबंधन की निधियों एवं परिसंपत्तियों के संग्रह, प्रबंधन, लेखांकन, लेखापरीक्षा (।नकपज), उपयोग तथा वित्तीय पर्यवेक्षण के संबंध में नियम निर्धारित करना।
19. ऐसे संस्थागत सुरक्षा उपाय स्थापित करना जिससे अत्यधिक धनाढ्य व्यक्तियों, निगमों अथवा अन्य स्वार्थ-समूहों द्वारा गठबंधन पर नियंत्रण स्थापित करना अथवा उसे उसके संवैधानिक उद्देश्यों से भटकाना संभव न हो।
20. संविधान तथा उसके अधीन अधीनस्थ नियमों, विनियमों, प्रक्रियाओं एवं नियमावली (ठल संूे) के मध्य स्पष्ट भेद स्थापित करना तथा उनके संशोधन की पृथक-पृथक प्रक्रियाओं का निर्धारण करना।
21. ऐसा संस्थागत संचार तंत्र स्थापित करना जिससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं एवं गठबंधन की केंद्रीय समिति के मध्य नियमित, व्यवस्थित एवं प्रभावी सूचना-आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके।
22. ऐसी प्रक्रिया निर्धारित करना जिसके अंतर्गत किसी घटक राजनीतिक दल अथवा संगठन का कोई पदाधिकारी, इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, गठबंधन की संगठनात्मक संरचना में भी एक साथ पद धारण कर सके।
अनुच्छेद - 02
गठबंधन के नामकरण संबंधी नियम