29/04/2026
आदरणीय बंधुवर प्रणाम, क्षत्रिय रोड़ समाज सभी क्षेत्रों में अपनी गौरवमयी मौजूदगी दर्ज़ करवा रहा हैं। शायद ही ऐसा कोई क्षेत्र होगा जिसमें रोड़ समाज ने परचम नहीं लहराया हो। विशेषकर खेल के क्षेत्र में तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी - बड़ी उपलब्धि हासिल कर अपने आप को खास और विशेष साबित कर रहा है। इसके इतिहास और अस्तित्व से संबंधित सन 1208 से लेकर आज 2026 तक के सारे प्रमाण मौजूद होने के बावजूद भी कुछ स्वार्थी, बेसुरे और सिर फिरे लोग, रोड़ समाज को हम सभी के आदरनीय हिंदू सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज की आड़ लेकर नाहक "म**ठा" जैसी संज्ञा देकर गुमनामी के अंधेरों में धकेलने का काम करते रहते हैं।
पिछले 25 साल से नई पीढ़ी को बरगलाकर, पम्पीस्तान पर बैठकर अपने मराठी काका से लिखवाए 22 पृष्ठिय मनगढंत इतिहास को समाज का इतिहास बताकर एक विशेष ब्रांड रोड़ जैसी मार्शल कौम का अस्तित्व खतरे में डाल दिया गया है। धर्म बदलते दुनिया सुनी और देखी थीं परंतु यहां तो असंभव होने वाला कार्य, डी एन ए और जाति को ही बदलने के अनूठे और अचंभित करने वाले प्रयास किए जा रहे हैं जबकि यह सभी शिक्षित लोगों को पता है कि यह कन्वर्जन असंभव है।
जय राजा रोड़।
ओम ततसत।।
अधिक जानकारी के लिए पढियेगा रोड़ समाज के बारे में चौ. ईश्वर सिंह मैहला द्वारा लिखा गया एक संकलन...
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