04/04/2026
📰 ऊपरी शिमला में बदलते मौसम से बागवान चिंतित
Flowering के समय मौसम बना चुनौती, सावधानी बरतने की सलाह
📍 कोटखाई/ऊपरी शिमला से रिपोर्ट
ऊपरी शिमला क्षेत्र में इन दिनों मौसम के अचानक बदलते मिज़ाज ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। दिन में हल्की गर्मी और शाम के समय ठंडी हवाओं के साथ मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
इस समय सेब की फसल में flowering स्टेज चल रही है, जो पूरे सीजन की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अवस्था मानी जाती है। ऐसे में यदि बारिश, ओलावृष्टि या तेज हवाएं चलती हैं, तो फूलों के झड़ने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है।
स्थानीय बागवानों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम का यह अनियमित पैटर्न लगातार बढ़ा है, जिससे खेती में जोखिम भी बढ़ गया है।
👉 बागवानों के लिए जरूरी सलाह:
✔️ मौसम की नियमित जानकारी लेते रहें
✔️ समय पर स्प्रे और पोषण प्रबंधन करें
✔️ बागों में आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं
📢 Giri Green Social Alliance की पहल
संस्था द्वारा बागवानों को जागरूक करने, आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और समय-समय पर सही जानकारी उपलब्ध करवाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि बदलते मौसम में भी खेती को सुरक्षित रखा जा सके।
प्रधान द्वारा विशेष अपील
विजय काजोल्टा, प्रधान – Giri Green Social Alliance
“वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए सभी बागवान भाइयों से निवेदन है कि वे सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें।
Flowering का यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए मौसम की जानकारी लेते रहें और अपने बागों में आवश्यक स्प्रे व सुरक्षा उपाय समय पर करें।
जहां संभव हो, एंटी-हेल नेट या अन्य बचाव के साधन अपनाएं।
हम सभी मिलकर ही अपनी फसल और अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं।”
🌱 संदेश:
“सजग बागवान – सुरक्षित भविष्य”