मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना - Mazhab Nahi Sikhata Aapasme Bair Rakhna

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टीपू सुल्तान की सोने की अंगूठी लंदन कैसे पहुंच गई जिस पर लिखा हिन्दुओं के भगवान का नाम राम टीपू सुल्तान की सोने की वह अं...
16/02/2026

टीपू सुल्तान की सोने की अंगूठी लंदन कैसे पहुंच गई जिस पर लिखा हिन्दुओं के भगवान का नाम राम

टीपू सुल्तान की सोने की वह अंगूठी लंदन में नीलाम कर दी गई जिस पर राम लिखा था क्रिस्टीज़ नीलामीघर ने सोने की इस अंगूठी को एक लाख 45 हजार पाउंड में बेचा

मुसलमान राजा टीपू सुल्तान की ये अंगूठी खास इसलिए है कि क्योंकि इस पर राम का नाम लिखा है

टीपू सुल्तान को भारत में ब्रिटिश शासन से लोहा लेने के लिए जाना जाता है माना जाता है कि उनकी मौत के बाद एक ब्रिटिश जनरल ने ये अंगूठी उनके शव से निकाल ली थी

क्रिस्टी की वेबसाइट के अनुसार 41 ग्राम की ये अंगूठी अनुमानित मूल्य से दस गुना ज्यादा कीमत पर सेंट्रल लंदन में नीलाम की गई इसके खरीददार की पहचान उजागर नहीं की गई

आरोप है कि ये अंगूठी उनके मृत शरीर से तब निकाली गई थी जब वे 1799 में श्रीरंगापट्टनम की लड़ाई में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के हाथों मारे गए थे

नीलामी सूची में अंगूठी के बारे में लिखा है हैरानी की बात है कि एक महान मुस्लिम योद्धा राजा हिन्दू भगवान के नाम की अंगूठी पहनता था

अपने पिता हैदर अली के बाद उन्होंने 17 साल तक मैसूर पर शासन किया उन्हें टाइगर ऑफ मैसूर के रूप में जाना जाता था

भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के प्रोफेसर एस शेट्टार ने इस महीने की शुरुआत में चेतावनी दी थी कि अगर ये अंगूठी किसी प्राइवेट बोली लगाने वाले को बेची गई तो ये जनता की निगाह से ओझल हो सकती है

उन्होंने भारतीय सरकार से अपील की थी कि वह इस अंगूठी को हासिल करने के लिए सभी तरह के कानूनी और राजनयिक तरीक़े अपनाए

उन्होंने कहा कि अगर अंगूठी की नीलामी नहीं रोकी जा सकती है तो भारतीय अमीरों को देश की इस धरोहर को खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाए वैसे पता नहीं चल सका है कि अंगूठी का नया मालिक भारतीय है या नहीं

टीपू सुल्तान यूनाइटेड फ्रंट के एक संगठन ने भारतीय अधिकारियों से अपील की थी कि वो इस अंगूठी की बिकने से रोकें इस अंगूठी को क्रिस्टीज़ ने दो साल पहले भी नीलाम करने की बात की थी लेकिन बाद में नीलामी रोक दी गई थी

टीपू सुल्तान के नाम पर भले ही विवाद चल रहा हो लेकिन इतिहास के पन्नों से उनका नाम मिटा पाना असंभव है आज उनकी जयंती है इसी मौके पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं बता दें टीपू का पूरा नाम सुल्तान फतेह अली खान था वह मैसूर के सुल्तान हैदर अली के बड़े बेटे थेटीपू सुल्तान को दुनिया का पहला मिसाइलमैन कहा जाता है वह उस दौर में तकनीक से बेहद प्रभावित थे कहा जाता है टीपू सुल्तान ही भारत के पहले शासक थे जिसने अपने शासनकाल में मिसाइल तकनीक का इस्तेमाल किया था

उन्होंने 1780 में अंग्रेजों के साथ युद्ध में रॉकेट का इस्तेमाल किया था बीबीसी की एक खबर के मुताबिक लंदन के मशहूर साइंस म्यूजियम में टीपू सुल्तान के रॉकेट रखे हुए हैं इन रॉकेटों को 18वीं सदी के अंत में अंग्रेज अपने साथ ले गए थे

कहा जाता है टीपू ने ही रॉकेट बनाने की नींव रखी थी भारत के मिसाइल कार्यक्रम के जनक एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी किताब विंग्स ऑफ फायर में लिखा है कि उन्होंने नासा के एक सेंटर में टीपू की सेना की रॉकेट वाली पेंटिग देखी थीटीपू ने 18 वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के विरुद्ध पहला युद्ध जीता थाबता दें टीपू ने अपने शासन काल के दौरान कई निर्माण कार्य किए थे जिसमें सड़कें बनवाना सिंचाई के लिए व्यवस्था करना सिक्के की धुलाई और नापतोल की नई प्रणाली का प्रयोग किया थाऐसे कई दस्तावेज मिलते हैं जो टीपू सुल्तान को महान बताते हैं कर्नाटक में एक मंदिर है जहां टीपू की रोज पूजा की जाती है यह मंदिर वेस्टर्न घाट में स्थित कोल्लुर का श्री मुकाम्बिका मंदिर हैआपको बता दें

टीपू राम नाम की अगूंठी पहनते थे जिस पर देवनागरी लिपि में हिंदू भगवान राम का नाम गुदा हुआ हैसोने की इस अंगूठी का वजन करीब 412 ग्राम था बता दें सुल्तान की ये सोने की अंगूठी मई 2014 में लंदन में नीलाम हुई थीबताया जाता है ये अंगूठी उनके मृत शरीर से तब निकाली गई थी जब वे 1799 में श्रीरंगापट्टनम की लड़ाई में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के हाथों मारे गए थे लोगों को हैरानी थी एक महान मुस्लिम शासक हिंदू भगवान के नाम की अंगूठी क्यों पहनता थासाल 2014 में उनकी ये अंगूठी क्रिस्टी के नीलामीघर से 145000 यूरो में नीलाम हुई थी बता दें उस दौरान अंगूठी को लेकर विवाद हुआ था ये विवाद मुस्लिम शासक द्वारा पहनी गई अंगूठी पर हिंदू भगवान राम का नाम होने को लेकर था

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