Shine India Foundation Trust

Shine India Foundation Trust Work for promotion of health activities, Blood donation camp, Eye Donation, Medical camps..etc..

NITI aayog & MCA registered NGO of Kota city, working for , AND DONATION,since last 15 yrs,and collected 3100+ cornea from Kota city and it's peripheral.

1. कार्यशाला से प्रेरित होकर, प्रधानाचार्या और शिक्षकों ने लिया नेत्रदान संकल्प2. 'नो बैग डे' पर विद्यार्थियों ने जाना, ...
22/08/2026

1. कार्यशाला से प्रेरित होकर, प्रधानाचार्या और शिक्षकों ने लिया नेत्रदान संकल्प
2. 'नो बैग डे' पर विद्यार्थियों ने जाना, दृष्टिहीन भी कर सकते हैं नेत्रदान

शाइन इंडिया फाउंडेशन के 'अंगदान जीवन संजीवनी अभियान' के अंतर्गत हाड़ौती संभाग में अंगदान,नेत्रदान व देहदान की जागरूकता का कार्य लगातार प्रगति पर है । संस्था प्रति शनिवार को 'नो बैग डे' पर हाड़ौती संभाग के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में अंगदान नेत्रदान के प्रति जागरूकता कार्यशालायें आयोजित कर रही है।

इसी क्रम में आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ागांव में प्रधानाचार्या निधि पाठक के, नेतृत्व में अंगदान नेत्रदान के विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमें प्रमुख वक्ता डॉ कुलवंत गौड़ ने बच्चों को बताया कि, किस तरह से एक ब्रेन डेथ व्यक्ति, नौ से अधिक व्यक्तियों को जीवनदान दे सकता है ।

डॉ गौड़ ने बताया कि, मृत्यु के बाद जहां शरीर को बेकार मानकर जला या दफ़ना दिया जाता है,उससे बेहतर है कि, मृत शरीर के किसी हिस्से से यदि किसी के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आता है,तो यह कार्य किया जाना चाहिए । डॉ गौड़ ने यह भी बताया कि, रेटिना एवं ऑप्टिक नर्व के खराब होने से हुई अंधता के बाद भी ऐसे दृष्टिबाधित अपना कॉर्निया दान कर सकते हैं ।

मृत्यु के बाद आंखों की कोशिकाएं 6 से 8 घंटे तक जीवित रहती हैं, समय रहते,यदि इनका दान किया जाए,तो दो दृष्टिहीन लोगों की जीवन में हमेशा के लिए अंधियारा दूर किया जा सकता है ।

कार्यशाला से प्रेरित होकर प्रधानाचार्या निधि पाठक सहित,प्रियंका चौहान (व्याख्याता होम साइंस),सरोज (व्याख्याता रसायन विभाग) ने अपने नेत्रदान के संकल्प पत्र भरे, जिसके उपरांत संस्था द्वारा सभी संकल्पकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए ।

पूर्व प्राचार्य आदरणीय श्री अशोक गुप्ता जी के माध्यम से कोटा शहर में नेत्रदान जागरुकता का अभियान लगातार चलाया जा रहा है ...
22/08/2026

पूर्व प्राचार्य आदरणीय श्री अशोक गुप्ता जी के माध्यम से कोटा शहर में नेत्रदान जागरुकता का अभियान लगातार चलाया जा रहा है ।

आप जैसे सच्चे मित्र ही हमारे इस अभियान को गति दे रहे हैं, हम संस्था के सभी सदस्य,आपके द्वारा किए गए इस कार्य की सराहना करते हैं ।

21/08/2026
*प्रेस नोट*  *शाइन इंडिया फाउंडेशन, कोटा*  *दिनांक: 21 अगस्त 2026*1. *भावी इंजीनियरिंग छात्रों के साथ नेत्रदान अंगदान वि...
21/08/2026

*प्रेस नोट*
*शाइन इंडिया फाउंडेशन, कोटा*
*दिनांक: 21 अगस्त 2026*

1. *भावी इंजीनियरिंग छात्रों के साथ नेत्रदान अंगदान विषय पर कार्यशाला*

2. *"एक निर्णय, दो जीवन रोशन" - RTU में इंजीनियरिंग के नए छात्रों को दी गई नेत्रदान-अंगदान की जानकारी*

*कोटा।* राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पेट्रोलियम ब्लॉक में आज इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रथम वर्ष के नवप्रवेशी छात्रों के लिए *इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम* का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में *एक्सपर्ट लेक्चर कमेटी* के मार्गदर्शक *श्री शिवलाल मीणा जी* के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम समन्वयक *श्री हर्ष उपाध्याय* के सहयोग से *नेत्रदान-अंगदान जागरूकता विषय* पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में *शाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक और और आरटीयू के एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य *डॉ. कुलवंत गौड़* ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्रों को संबोधित किया।

डॉ गौड़,ने बताया कि एक सफ़ल और कार्य कुशल इंजीनियर कभी भी अपने मशीन के काम नहीं आने वाले पार्ट्स को फेंकता नहीं है,बल्कि प्रयास करता है कि,वह बेकार ,नहीं काम आने वाला पार्ट भी,किसी मशीन में लगकर उसकी उम्र, तकनीकी को और बढ़ा सकता है ।

इसी को आधार बनाते हुए डॉ गौड़ ने भावी इंजीनियरिंग छात्रों को कहा कि,वह अपने जीवन में मृत हुए लोगों के कॉर्निया दान करके एवं ब्रेन डेथ मरीजों के अंगों का दान करके,जरूरतमंद मरीजों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं ।

डॉ. कुलवंत गौड़ ने छात्रों को बताया कि एक इंजीनियर का दायित्व सिर्फ तकनीक बनाना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। उन्होंने नेत्रदान और अंगदान के महत्व को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि एक व्यक्ति के मृत्यु के बाद लिए गए नेत्रदान से 2 लोगों को रोशनी और अंगदान से 8 लोगों को नया जीवन मिल सकता है।

उन्होंने कहा, _"आप भविष्य के इंजीनियर हैं। आप पुल, बिल्डिंग और मशीनें बनाएंगे। लेकिन सबसे बड़ा निर्माण तब होगा,जब आप किसी के जीवन में नेत्रदान अंगदान की माध्यम से जीवन में बदलाव लाएंगे । डॉ. गौड़ ने छात्रों की शंकाओं का समाधान भी किया और नेत्रदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया।

एक्सपर्ट लेक्चर कमेटी के मार्गदर्शक श्री शिवलाल मीणा जी ने शाइन इंडिया फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि,ऐसे कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम के समन्वयक श्री हर्ष उपाध्याय ने सभी अतिथियों और छात्रों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

*जारीकर्ता:*
मीडिया प्रभारी
*शाइन इंडिया फाउंडेशन, कोटा*
Mob 8386900102

https://youtu.be/ztZhSHzPgws
21/08/2026

https://youtu.be/ztZhSHzPgws

भारत में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा (National Eye Donation Fortnigh...

केशवपुरा कोटा निवासी श्रीमान प्रभुलाल राठौर ( आई एल से सेवानिवृत ) ने अपने देहदान संकल्प लिया, उनका मानना है की उनकी देह...
21/08/2026

केशवपुरा कोटा निवासी श्रीमान प्रभुलाल राठौर ( आई एल से सेवानिवृत ) ने अपने देहदान संकल्प लिया, उनका मानना है की उनकी देह पर भावी पीढ़ी के चिकित्सक अध्ययन कर नए-नए उपचार हेतु भविष्य में शोध करेंगे ।

प्राणविहीन होने के पश्चात मानव देह का इससे बेहतर सदुपयोग और कुछ हो नहीं सकता।

"सावन में सेवा की लहर: कोटा में 270 लोगों ने भरे नेत्रदान-अंगदान-देहदान के संकल्प"नेत्रदानी नगरी कोटा में सावन का महीना ...
21/08/2026

"सावन में सेवा की लहर: कोटा में 270 लोगों ने भरे नेत्रदान-अंगदान-देहदान के संकल्प"

नेत्रदानी नगरी कोटा में सावन का महीना इस बार सेवा और समर्पण का प्रतीक बन गया है।

शाइन फाउंडेशन द्वारा आमजन को नेत्रदान और अंगदान के प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियान को सावन माह में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला है। बीते दिनों भगवान कृष्ण को इस अभियान का "सारथी" बनाते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों में प्रेरणादायक पोस्टर्स लगाए गए थे। उन पोस्टर्स से मिली प्रेरणा से अब तक 84 नेत्रदान, 170 अंगदान और 16 देहदान के संकल्प पत्र भरे जा चुके हैं।

भगवान शिव के त्याग से मिली प्रेरणा
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने सृष्टि के समस्त जीव-जंतुओं की रक्षा के लिए विषपान कर मानवता को जीवनदान दिया था। उसी त्याग और परोपकार की भावना से प्रेरित होकर हाड़ौती संभाग के सैकड़ों नागरिकों ने भी "जीवन के बाद भी जीवन देने" का संकल्प लिया है।

शाइन फाउंडेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कोटा को पहले से ही "नेत्रदानी नगरी" के नाम से जाना जाता है। सावन में मंदिरों के माध्यम से चली इस मुहिम ने लोगों के मन में दान के प्रति डर और भ्रांतियों को दूर कर दिया है।

एक संकल्प, अनेक जीवन
नेत्रदान से 2 लोगों को रोशनी, अंगदान से 8 लोगों को नया जीवन और देहदान से चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा मिलती है। एक व्यक्ति के संकल्प से दर्जनों परिवारों के आंसू थम सकते हैं।

शाइन फाउंडेशन सभी संकल्प लेने वाले दानवीरों और उनके परिवारों को हृदय से नमन करता है। संस्था का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर घर में नेत्रदान-अंगदान को लेकर जागरूकता हो।

20/08/2026

एक संकल्प ऐसा भी।

नेत्रदानी पूजनीय श्री कामेश्वर प्रसाद पांडेय की सातवीं पुण्य तिथि पर आत्मिक श्रद्धांजलि। 🙏💐
20/08/2026

नेत्रदानी पूजनीय श्री कामेश्वर प्रसाद पांडेय की सातवीं पुण्य तिथि पर आत्मिक श्रद्धांजलि। 🙏💐

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