29/07/2026
*गोसेवा परिवार के 21 दिवसीय गोशाला स्वावलम्बन एवं गो-आधारित ग्राम विकास प्रशिक्षण शिविर (चतुर्थ) का गरिमामय समापन*
गोसेवा परिवार द्वारा आयोजित चतुर्थ 21 दिवसीय गोशाला स्वावलम्बन एवं गो-आधारित ग्राम विकास प्रशिक्षण शिविर का आज गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस शिविर में देश के सात राज्यों से आए चौदह प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
चाकुलिया स्थित प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित इस शिविर के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को गोशाला को आत्मनिर्भर एवं आदर्श बनाने के लिए आवश्यक प्रत्येक विषय का सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्हें गोबर एवं गोमूत्र से धूप, कंडे तथा अन्य उपयोगी उत्पादों का निर्माण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की विधियाँ, पंचगव्य का उपयोग, गोशाला का वैज्ञानिक प्रबंधन, गौसेवा, पशुओं की देखभाल तथा गो-आधारित आजीविका के विविध आयामों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है जो अपने-अपने क्षेत्रों में गोशालाओं को आत्मनिर्भर, सुव्यवस्थित एवं आदर्श स्वरूप प्रदान कर सकें। साथ ही, गौ-आधारित उत्पादों, प्राकृतिक खेती और ग्राम विकास के माध्यम से समाज में स्वावलम्बन की भावना को सुदृढ़ कर सकें।
समापन समारोह में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर *प्रमाण* -पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही उनकी योग्यता, रुचि एवं सुविधा के अनुसार देश के विभिन्न क्षेत्रों की गोशालाओं में कार्य करने का अवसर भी उपलब्ध कराया गया, जहाँ वे अपने अर्जित ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर गोशालाओं के विकास, स्वावलम्बन और गौसेवा के कार्य को नई दिशा देंगे।
इक्कीस दिनों का यह प्रशिक्षण शिविर केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि गौसंवर्धन, प्राकृतिक जीवन-पद्धति, ग्रामोदय और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी अभियान सिद्ध हुआ।