11/09/2026
भारतीय भाषा परिषद द्वारा 20 शिक्षकों को शिक्षा सम्मान
भारतीय भाषा परिषद द्वारा 5 सितंबर 2026 को पूर्व–राष्ट्रपति राधाकृष्णन के जन्म दिवस और शिक्षक दिवस पर स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालय के 20 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। श्री आशीष झुनझुनवाला ने अतिथियों एका स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक देश के भविष्य के प्रमुख निर्माता हैं। वे बहुत त्याग करते हैं और ज्ञान बांटते है। इसलिए परिषद उनका सम्मान करते हुए गौरवबोध कर रही है। प्रो. संजय जायसवाल ने शिक्षक सम्मान–2026 की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षक की शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्वीकार्यता का पर्व है यह शिक्षा सम्मान समारोह। इस महत्वपूर्ण अवसर पर शिक्षा के नवाचार और प्रभावी शिक्षण पर प्रधान वक्ता के रूप में बोलते हुए भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी के रैक्टर प्रो. दिलीप शाह ने कहा कि आज के विद्यार्थी एआई से बहुत सी जानकारी शिक्षक के बतलाने के पहले ही जान लेते हैं। परिदृश्य बदल गया है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो युवाओं को रोजगार पाने के लिए सहायक हो। उन्होंने यह भी बताया कि जो शिक्षण संस्थान शिक्षा देने के क्षेत्र में आगे बढ़े हुए हैं, वे बीच–बीच में साधारण वर्ग के विद्यार्थियों के बीच जाकर शिक्षा की विषमता को दूर करें, अन्यथा विषमता असंतोष पैदा करेगी।
शिक्षा सम्मान प्रदान करने के बाद अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए डा. शंभुनाथ ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के राष्ट्रीय और मानवीय मानस का निर्माता है। शायद सूरज में इतना उजाला इसलिए है कि हजारों साल से शिक्षक अपने को मिटा कर भी ज्ञान की लौ बनकर जलता रहा है! मोबाइल पर जब बड़े पैमाने पर अज्ञान फैलाया जा रहा है, शिक्षक की जिम्मेदारी ज्ञान की रक्षा करना है।
शिक्षा सम्मान समारोह में उपस्थित सबसे वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. प्रेमशंकर त्रिपाठी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक शिक्षक की विजय इसमें है कि उसके शिष्य उससे आगे निकल जाएं। शिक्षक दिवस पर हिंदी शिक्षकों का सम्मान समाज की एक बड़ी उपलब्धि है।प्रो.मुक्तेश्वरनाथ तिवारी ने कहा शिक्षा सम्मान हमें नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ता है।डाॅ दारोगा सिंह ने कहा शिक्षक समाज की आंख होता है,वह विद्यार्थियों को दुनिया को देखने और जानने की समझ देता है।
इस अवसर पर डॉ प्रमोद कुमार प्रसाद, डॉ शशि कुमार शर्मा, डॉ रंजना शर्मा, डॉ सुमिता चट्टोराज, डॉ जोतिमय बाग, श्रीमती कम्मू खटिक, डॉ सुनीता मंडल, डॉ मनोज मिश्र, श्रीमती सिम्मी तलवार, श्री संजय यादव, डॉ सुमन शर्मा, श्री मनोज यादव, श्रीमती मनीषा गुप्ता, डॉ राहुल शर्मा एवं डॉ अश्विनी कुमार ने अपने वक्तव्य में भारतीय भाषा परिषद के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री यशवंत सिंह और डॉ अजय साव ने संदेश के जरिए कृतज्ञता प्रकट किया।
भारतीय भाषा परिषद की ओर से सम्मानित अतिथियों को धन्यवाद देते हुए श्रीमती विमला पोद्दार ने कहा कि मेरा शिक्षकों और दर्शकों से अपील है कि वे साहित्यिक मासिक पत्रिका ’वागर्थ’ पढ़ें और परिषद पुस्तकालय का सदस्य बनें। सभागार में बड़ा उत्साहपूर्ण वातावरण था।इस अवसर पर श्री रामनिवास द्विवेदी,डॉ शिवनाथ पांडेय, दिनेश साव, मृत्युंजय श्रीवास्तव, डॉ इतु सिंह, डॉ रेशमी पांडेय मुखर्जी, डॉ रामप्रवेश रजक, डॉ वंशीधर शर्मा,संजय दास, विनोद यादव, डॉ संजय राय, मंटू दास, विकास जायसवाल, मुकेश पंडित, कुसुम भगत सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन ज्योति चौरसिया, सोमैया सरबत, कंचन भगत एवं मौसमी ने किया।