16/09/2024
जीवन में सब कुछ वैसा ही नहीं होता जैसा हमें दिखाई देता है कुछ चीजें समझ से परे होती है. जितना समझने जाओ उतना ही उलझता जाता है. कभी-कभी तो लगता है कि आखिर जीवन को समझना ही क्यूँ है. जीवन जीते जाओ. पर नहीं दिमाग जो ठहरा इसे तो हर कुछ समझना है. फिर वो चीज़ समझ मे आए की नहीं.