20/05/2024
*घटना क्रमांक 1*
एक छात्रा का ABVP कार्यकर्ता को कॉल आया, उनसे शहर के एक मात्र डिग्री कॉलेज के शिक्षक का नाम लेकर बताना शुरू किया, भईया मुझे
क्लास करने में परेशानी होती है वो शिक्षक अचानक मेरे कंधे पर हाथ रख देते है। कभी मेरे हथेली को पकड़ कर भविष्य बताने लगते जो इस प्रकार से होता है ,तुम्हारे हाथो की लकीरों में लिखा है तुम्हारा संबंध तुम्हारे शिक्षक के साथ बनेगा।
*घटना क्रमांक 2*
एक और छात्रा परिषद के कार्यकर्ता से मिलकर उसी शिक्षक के बारे में बताना शुरू करती है, भईया अब कॉलेज में क्लास करने नही जायेगे, अगर जायेगे तो उनका क्लास नही करेगे। उनका गंदा नजर रहता है मेरे ऊपर, वो मुझे कहते है तुम्हारे शरीर के किस किस अंग में तिल है मैं बता सकता हूं।
*घटना क्रमांक 3*
एक बच्ची उन्ही शिक्षक का नाम लेकर बताती है मुझे व्हाट्सएप पर गंदी गंदी बाते लिख कर भेजते है गंदी तस्वीर भेजते है
*घटना क्रमांक 4*
किसी कार्यकर्ता के जानने वाले एक अंकल की बेटी उसी कॉलेज की छात्रा थी उसने मुझे एक क्वेश्चन पेपर दिखाया जिसके पीछे पेन से " i love you" लिखा हुआ था और वो क्वेश्चन उसी शिक्षक ने लड़की को दिया था और ये शब्द को दिखाते हुए शिक्षक ने कहा मुझे इसका जवाब चाहिए।
*घटना क्रमांक 5*
एक लड़की को धमकाया जाता है, अब तुम्हारा 30 नंबर मेरे हाथो मे है, तुम्हे अगर 30 नम्बर चाहिए तो मेरी बातो को मानना होगा ,मैं जैसा कहूं करना होगा। दिसंबर में मेरी पत्नी मायके चली जायेगी तुम तब मेरे घर पर आना।
*ऐसी दर्जनों घटनाए पिछले 2-3 सालो से मुझे सुनने को मिल रही थी,पर आप सभी को हैरानी होगी यह जान कर की सभी घटनाओं में वह क्या बात थी जो कॉमन है, वो है सभी छात्रा का कोई लिखित शिकायत करने से कतराना ,सब का यही कहना होता था मेरे घर वालो की बदनामी होगी,मेरा पढ़ाई रोक दिया जायेगा, मुझे 2-4 महीने ही बचे है कॉलेज में अब मैं कोई दिक्कत में नही पड़ना चाहती।*
*परंतु काफी लड़कियों की चुप्पी के बाद एक लड़की ने हिम्मत किया आवाज उठाया, जब उसे 6 महीने पहले प्रताड़ित किया गया तो उस बच्ची ने कॉलेज आना बंद कर दिया , कॉलेज ना आने के दरम्यान शिक्षक कई बार उसे व्हाट्सएप पर भी मैसेज किया । अंततः जब इंटरनल एग्जाम शुरू हुआ तो वो लड़की कॉलेज आई,उस शिक्षक ने जिनका गार्डिंग दूसरे रूम में था उस लड़की के रूम में जा कर व्हाट्सएप से मैसेज डिलीट करने के उद्देश्य से उसके बैग से फोन निकाल कर अपने साथ ले गया, जिसका छात्रा ने विरोध किया। आप खुद को एक छात्र के जगह रख कर देखे अगर कोई शिक्षक आपको परीक्षा में चोरी करते पकड़ लेगे तो आप उनसे रिक्वेट करेगे माफ करने के लिए या उसपे थाना और प्रिंसिपल ऑफिस जाकर कार्यवाही करवाएंगे जबकि वो बच्ची मात्र 15-16 साल की है। और आजतक जितनी छात्रा कतरा रही थी कार्यवाही करवाने से उसका वजह आज हम सभी को मालूम पड़ता है, समाज के कुछ लोग, कुछ प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया, सोशल मीडिया पर बुद्धि जीवी लोग उस लड़की का ही विरोध कर उसके आवाज को दबाना चाह रहे है, ताकी आगे किसी बहन बेटी के साथ ऐसा घटना हो तो वो आवाज भी ना उठा सके। आप लोग ही तय करे ये शर्म का विषय है या गर्व का।