15/09/2025
संजय पाठक – सेवा और सरलता का प्रतीक।
कटनी में जिले 6 अक्टूबर 1971 को जन्मे संजय पाठक केवल एक नाम नहीं, बल्कि जनसेवा और करुणा की मिसाल हैं। बचपन से ही पढ़ाई के साथ सेवा और परिश्रम को जीवन का उद्देश्य बनाने वाले संजय पाठक ने बी.कॉम की शिक्षा कटनी और जबलपुर से प्राप्त की।
राजनीतिक सफर – जनता के भरोसे की जीत
संजय पाठक ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की और जनता के अपार स्नेह और समर्थन के बल पर 2003, 2008 और 2013 में लगातार तीन बार विधायक चुने गए। उनकी लोकप्रियता और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें प्रदेश की राजनीति में एक अलग पहचान दी।
2014 में वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और प्रदेश सरकार में खनिज संसाधन, लोक निर्माण, संस्कृति और पर्यटन जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। चाहे विपक्ष हो या सत्ता, हर जगह उनका मकसद एक ही रहा – जनता का विकास और प्रदेश का उत्थान।
उद्योगपति से जननायक तक
हालाँकि वे मध्यप्रदेश के बड़े खनन उद्योगपति हैं और उनका परिवार लौह अयस्क व निर्माण क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय है, लेकिन संजय पाठक ने कभी उद्योगपति की पहचान को खुद पर हावी नहीं होने दिया। वे हमेशा कहते हैं –
“धन और शक्ति का असली मूल्य तभी है, जब वह समाज की भलाई में लगे।”
इसी सोच के चलते उन्होंने अपनी संपत्ति और प्रभाव का उपयोग गरीबों, मजदूरों और ज़रूरतमंदों की मदद में किया।
दयालु और जनप्रिय छवि
संजय पाठक को लोग एक मित्र, मार्गदर्शक और सहारा मानते हैं। चाहे किसी गरीब के घर चूल्हा जलवाना हो, किसी छात्र की पढ़ाई का खर्च उठाना हो या किसी बीमार को इलाज दिलाना – वे हमेशा सबसे आगे रहते हैं।
उनका स्वभाव सरल है, बोलचाल विनम्र है और काम करने की शैली पारदर्शी है। यही कारण है कि हर वर्ग के लोग – युवा, महिलाएँ, बुज़ुर्ग और मजदूर – उन्हें अपना मानते हैं।
विरोधियों ने भले ही कई बार कोशिश की, पर जनता का विश्वास और प्यार संजय पाठक को हर बार और मजबूत बनाता रहा।
कटनी और मध्यप्रदेश का मजबूत स्तंभ
विकास कार्यों, शिक्षा और स्वास्थ्य में योगदान, खेल और सामाजिक कार्यों में सहयोग और हर दुख-दर्द में जनता के साथ खड़े रहना – यही वह आधार है जिसने संजय पाठक को कटनी ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की राजनीति का मजबूत स्तंभ बना दिया।
सच्चा जननायक
सफल उद्योगपति, अनुभवी राजनेता और दयालु जनसेवक – यही है संजय पाठक की पहचान।
वे मानते हैं –
“राजनीति पद का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा का रास्ता है।”
इसी विचारधारा ने उन्हें एक सच्चा जननायक और प्रदेश की राजनीति का प्रेरक चेहरा बना दिया है।
Sanjay Satyendra Pathak