01/11/2025
आज भारत वेटलैंड संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियाँ दर्ज कर रहा है।
अभी हाल में ही बिहार के अंदर २ नये रामसर साइट को जोड़ा गया था, गोकुल जलाशय (बक्सर), उदयपुर झील ( पश्चिम चंपारण)
आज कटिहार ज़िले वासीयों के लिये बहुत ही हर्ष एवं गर्व की बात है कि गंगा के आंचल में अवस्थित गोगाबिल झील (86.63 हेक्टेयर)जिसे बिहार का पहला सामुदायिक आरक्ष घोषित किया गया है को देश के नवीनतम रामसर स्थल ( ९४ वाँ ) के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। यह एक संरक्षण एवं सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र है, जिसका संरक्षण और प्रबंधन स्थानीय समुदाय द्वारा किया जा रहा है।
अब बिहार में कुल 6 रामसर स्थल हो गए हैं, और वह देश में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। यह झील स्थानीय समुदाय द्वारा आजीविका के लिए समझदारीपूर्वक उपयोग में लाई जा रही है।
इस नयी मान्यता के साथ देश में कुल रामसर स्थलों की संख्या 94 हो गई है। पिछले 11 वर्षों में 67 नए स्थलों को जोड़ा गया है, जो कुल 13,60,805 हेक्टेयर क्षेत्र को आच्छादित करते हैं।
एशिया में भारत पहले स्थान पर और विश्व में तीसरे स्थान पर है, जो यह दर्शाता है कि हमारे देश में इन अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स को जैव विविधता, जलवायु सहनशीलता, इको-टूरिज्म और स्थानीय समुदायों की सतत आजीविका के लिए कितनी प्राथमिकता दी जा रही है।
हमें पूरी उम्मीद है कि गोगाबिल झील का रामसर स्थल घोषित होने से इसका स्वर्णिम काल शुरू होगा।
यह झील न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पर्यावरणीय, जैव-विविधता एवं पर्यटन विकास का केंद्र बन सकेगा।