Drishti India

Drishti India Drishti, as an organization, to help the visually impaired was founded on 15th October, 1995 in the Bundelkhand region of Uttar Pradesh and Madhya Pradesh.

04/03/2026

दृष्टि में मानी धूमधाम से होली

04/01/2026
04/01/2026
04/01/2026

दृष्टि द्वारा आयोजित लुई ब्रेल महोत्सव 2026 की झलकियां।

विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी दृष्टि संस्थान द्वारा अपनी स्वरोजगार यूनिट के माध्यम से दिवाली मेला लगाया गया। जिसका उदघ...
18/10/2025

विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी दृष्टि संस्थान द्वारा अपनी स्वरोजगार यूनिट के माध्यम से दिवाली मेला लगाया गया। जिसका उदघाटन बांदा डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री पंकज अग्रवाल जी ने किया। इस अवसर पर संस्था के महासचिव शंकर लाल गुप्ता जी द्वारा मेला के उद्देश्य के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि हमारी इस यूनिट के तीन स्टॉल लगे है। पहला संस्था परिसर में, दूसरा में रोड पर काली मंदिर के चबूतरे में एवं तीसरा स्टॉल मुख्य दिवाली बाजार गल्लामंडी परिसर में है। सभी स्टालों का संचालन हमारी दृष्टिबाधित प्रशिक्षु बालिकाओं द्वारा किया जा रहा है। आप सभी से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में हमारे स्टालों में पहुंच कर उनका हौसला बढ़ाए जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए। आपके सहयोग से हमारी दृष्टिबाधित प्रशिक्षु बालिकाएं सुनहरे भविष्य की ओर आशान्वित होगी।

दृष्टि की स्थापना के 30 वर्ष पूरे धूमधाम से मनाई गई एक तस्वीर वर्षगांठ शंकर बाजार के एक छोटे से कमरे में लाइब्रेरी के रू...
15/10/2025

दृष्टि की स्थापना के 30 वर्ष पूरे धूमधाम से मनाई गई एक तस्वीर वर्षगांठ शंकर बाजार के एक छोटे से कमरे में लाइब्रेरी के रूप में शुरू किया गया उनका यह प्रयास आज बट वृक्ष का रूप ले चुका है दृश्य संस्थान ने अपनी शुरुआत लाइब्रेरी के रूप में की लेकिन जल्द ही उन्होंने दृष्टिहीन बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सर्वप्रथम दृष्टि नेत्रहीन बालिका विद्यालय की स्थापना की गई यह विद्यालय सुदूर अंचलों से दृष्टिहीन बालिकाओं की खोज करता उनके परिवार वालों को बालिकाओं की शिक्षा के लिए मोटिवेट करता और बालिकाओं को अपने स्कूल में रखकर उनके रहने खाने और शिक्षा का प्रबंध करता है कुछ वर्षों तक चले इस सिलसिले के बाद शंकर लाल गुप्त को लगा की बालिकाओं को सिर्फ शिक्षित करना ही पर्याप्त नहीं है उनको उनके जीवन में नई रोशनी और नए रंग भरने के लिए जरूरी है कि उनकी प्रतिभा का चौमुखी विकास किया जाए इसके लिए दृश्य संस्थान ने नेत्रहीन बालिकाओं को साल लंबी बनाने के लिए अनेक कार्यक्रम शुरू की है दृष्टि बाधित मालेगांव के लिए होम मैनेजमेंट कोर्स शुरू किया गया 3 महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दृष्टि बाधित बालिका घर की साफ सफाई से लेकर खाना बनाने और खुद को सजाने संवारने तक में निपुण बनाने लगे दृश्य संस्थान ने नेत्रवादी बालिकाओं के घर बसाने के लिए सामूहिक विवाह सम्मेलनों का भी आयोजन शुरू किया अब तक सामूहिक विवाह सम्मेलन में 214 नेत्रहीन बालिकाओं की शादी संपन्न हो चुकी है और वह शिवपूर्वक अपना जीवन बिता रही है चित्रकूट धाम मंडल के मंडल आयुक्त अजीत कुमार आज दृष्टि के 31 में स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर चित्रकूट की मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अमृता कौर के साथ दृष्टि के प्रांगण में पहुंचे थे उन्होंने दृष्टि के प्रकल्पों का भ्रमण कर शंकर लाल गुरुद्वारा व्रुश्चिपादित बालिकाओं के विकास के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की गुरुकुल प्रशंसा की उन्होंने अपने गोधन में दृश्य बाधित बालिकाओं में एक नया जोश भरते हुए कहा कि लगन और अनुशासन से सब कुछ हासिल किया जा सकता है कार्य तो दिमाग करता है आंखें तो सूचना पहुंचाने का एक माध्यम बस है दृष्ट की 31 में स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शिशिर पांडे ने दृश्य द्वारा दृष्टिबाधित बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए चलाया जाए कार्टूनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है की दृष्टि ऐसी बालिकाओं के ना सृजन का कार्य कर रही है जिनके परिवार वाले किसी जमाने में अपनी इन बालिकाओं को एक बोझ समझते थे दृश्य के 30 साल पूरे होने पर इस प्रारंभ से ही सकरी भागीदारी निभाने वाली नगर की प्रतिष्ठित समाजसेवी महिला श्रीमती जैसे जोग को भी सम्मानित किया गया

15/10/2025

दृष्टि की स्थापना के 30 वर्ष पूरे धूमधाम से मनाई गई एक तस्वीर वर्षगांठ शंकर बाजार के एक छोटे से कमरे में लाइब्रेरी के रूप में शुरू किया गया उनका यह प्रयास आज बट वृक्ष का रूप ले चुका है दृश्य संस्थान ने अपनी शुरुआत लाइब्रेरी के रूप में की लेकिन जल्द ही उन्होंने दृष्टिहीन बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सर्वप्रथम दृष्टि नेत्रहीन बालिका विद्यालय की स्थापना की गई यह विद्यालय सुदूर अंचलों से दृष्टिहीन बालिकाओं की खोज करता उनके परिवार वालों को बालिकाओं की शिक्षा के लिए मोटिवेट करता और बालिकाओं को अपने स्कूल में रखकर उनके रहने खाने और शिक्षा का प्रबंध करता है कुछ वर्षों तक चले इस सिलसिले के बाद शंकर लाल गुप्त को लगा की बालिकाओं को सिर्फ शिक्षित करना ही पर्याप्त नहीं है उनको उनके जीवन में नई रोशनी और नए रंग भरने के लिए जरूरी है कि उनकी प्रतिभा का चौमुखी विकास किया जाए इसके लिए दृश्य संस्थान ने नेत्रहीन बालिकाओं को साल लंबी बनाने के लिए अनेक कार्यक्रम शुरू की है दृष्टि बाधित मालेगांव के लिए होम मैनेजमेंट कोर्स शुरू किया गया 3 महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दृष्टि बाधित बालिका घर की साफ सफाई से लेकर खाना बनाने और खुद को सजाने संवारने तक में निपुण बनाने लगे दृश्य संस्थान ने नेत्रवादी बालिकाओं के घर बसाने के लिए सामूहिक विवाह सम्मेलनों का भी आयोजन शुरू किया अब तक सामूहिक विवाह सम्मेलन में 214 नेत्रहीन बालिकाओं की शादी संपन्न हो चुकी है और वह शिवपूर्वक अपना जीवन बिता रही है चित्रकूट धाम मंडल के मंडल आयुक्त अजीत कुमार आज दृष्टि के 31 में स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर चित्रकूट की मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अमृता कौर के साथ दृष्टि के प्रांगण में पहुंचे थे उन्होंने दृष्टि के प्रकल्पों का भ्रमण कर शंकर लाल गुरुद्वारा व्रुश्चिपादित बालिकाओं के विकास के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की गुरुकुल प्रशंसा की उन्होंने अपने गोधन में दृश्य बाधित बालिकाओं में एक नया जोश भरते हुए कहा कि लगन और अनुशासन से सब कुछ हासिल किया जा सकता है कार्य तो दिमाग करता है आंखें तो सूचना पहुंचाने का एक माध्यम बस है दृष्ट की 31 में स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शिशिर पांडे ने दृश्य द्वारा दृष्टिबाधित बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए चलाया जाए कार्टूनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है की दृष्टि ऐसी बालिकाओं के ना सृजन का कार्य कर रही है जिनके परिवार वाले किसी जमाने में अपनी इन बालिकाओं को एक बोझ समझते थे दृश्य के 30 साल पूरे होने पर इस प्रारंभ से ही सकरी भागीदारी निभाने वाली नगर की प्रतिष्ठित समाजसेवी महिला श्रीमती जैसे जोग को भी सम्मानित किया गया

09/08/2025

आज बड़े हर्षोल्लास के साथ दृष्टि में मनाया गया रक्षाबंधन का पावन पर्व।

Address

Drishti, Braille Bhawan, Shankar Bazar
Karwi
210205

Opening Hours

Monday 10am - 7pm
Tuesday 10am - 7pm
Wednesday 10am - 7pm
Thursday 10am - 7pm
Friday 10am - 7pm
Saturday 10am - 7pm
Sunday 10am - 7pm

Telephone

+919721157193

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Drishti India posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Drishti India:

Share