31/12/2025
आज के रक्तदाता हमारे सवाई माधोपुर के गिरधर जी जिन्होंने अपने जीवनकाल का चौथा रक्तदान किया
यह कहानी केवल रक्तदान की नहीं, बल्कि समय के साथ आई समझ, जिम्मेदारी और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल है।
गिरधर जी के रक्तदान की अनोखी कहानी
गिरधर जी की रक्तदान यात्रा एक साधारण शुरुआत से होकर आज एक प्रेरक उदाहरण बन चुकी है। आज से लगभग 5–6 वर्ष पहले, उन्होंने अपने ही परिवार की आवश्यकता पड़ने पर पहली बार रक्तदान किया। उस समय उन्होंने तीन–चार वर्ष के अंतराल में दो बार रक्तदान किया था। इसके बाद लंबे समय तक—लगभग 5 से 6 वर्षों तक—उन्होंने रक्तदान नहीं किया। उस दौर में वे रक्तदान को लेकर विशेष रूप से सजग भी नहीं थे।
लेकिन समय के साथ परिस्थितियाँ बदलीं और समझ भी गहरी हुई। जब गिरधर जी ने अपना पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराया, तो रिपोर्ट में उनका हीमोग्लोबिन स्तर 17.4 ग्राम पाया गया। यह मात्रा सामान्य से अधिक थी और आगे चलकर बीमारी का कारण बन सकती थी। हीमोग्लोबिन का शरीर में संतुलित रहना अत्यंत आवश्यक है—जैसे इसकी कमी नुकसानदेह होती है, वैसे ही इसकी अधिकता भी हानिकारक हो सकती है।
इस रिपोर्ट के बाद गिरधर जी ने विभिन्न डॉक्टरों से परामर्श लिया। डॉक्टरों ने उन्हें ऐसी स्थिति के बारे में बताया, जिसमें शरीर से रक्त निकालकर नष्ट कर दिया जाता है, जो किसी के काम नहीं आता। सौभाग्यवश, गिरधर जी के साथ अभी तक ऐसी गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं हुई थी। तभी उनके मन में एक सकारात्मक और मानवीय विचार आया—क्यों न रक्तदान करके अपने हीमोग्लोबिन को संतुलित रखा जाए और किसी ज़रूरतमंद की जान भी बचाई जाए।
इसी सोच के साथ वे हमारी टीम से जुड़े और टीम जीवन रक्षक करौली के सहयोग से लगभग 5 महीने पहले उन्होंने पुनः रक्तदान किया। और आज, उन्होंने अपने जीवनकाल का चौथा रक्तदान सफलतापूर्वक संपन्न किया।
आज रक्तदान गिरधर जी के लिए केवल एक सेवा नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन चुका है—क्योंकि उन्हें अपने हीमोग्लोबिन स्तर को सही बनाए रखना है। साथ ही, वे यह भी भली-भांति समझ चुके हैं कि उनका रक्त किसी अनजान व्यक्ति के लिए जीवनदान बन सकता है।
गिरधर जी की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि
समझ, स्वास्थ्य और सेवा—तीनों जब एक साथ चलें, तो समाज को नई दिशा मिलती है।
उनका यह कदम न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देता है, बल्कि यह भी बताता है कि रक्तदान मजबूरी नहीं, बल्कि मानवता का सबसे सुंदर रूप है।