Shivtej Foundation

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02/12/2025
बीएमसी, परिरक्षण विभाग (के-पश्चिम प्रभाग) द्वारा उपरोक्त निर्माण सामग्री हटाए जाने से वृक्षों को हुई हानि को पुनर्स्थापि...
18/11/2025

बीएमसी, परिरक्षण विभाग (के-पश्चिम प्रभाग) द्वारा उपरोक्त निर्माण सामग्री हटाए जाने से वृक्षों को हुई हानि को पुनर्स्थापित नहीं किया जा सकता है। उद्यान विभाग को इन वृक्षों पर अपनी दृष्टि रखनी होगी और यदि यह वृक्ष मर जाते हैं तो क्या दोषियों पर Maharashtra (Urban Areas) Protection and Preservation of Trees Act, 1975, Maharashtra Felling of (Regulation) Act, 1964 तथा Section 15 of Environment Protection act 1986 के अंतर्गत प्राथमिकी ( FIR) पंजीकृत की जाएगी ? जैसा कि आम आदमी के द्वारा अनभिज्ञता में किए गए ऐसे अपराधों के लिए किया जाता है।

17/11/2025

*स्वच्छ भारत अभियान की कलई खोलता बीएमसी के-पश्चिम प्रभाग!!* बीएमसी के-पश्चिम प्रभाग अंतर्गत *बैक रोड, लोखंडवाला, मेट्रो लाइन -०६ साइडिंग ट्रैक* के समीप कई महीनो से रखे गए गर्डर आधा किलोमीटर लंबी सड़क के लिए नासूर बन गए हैं। भारी भरकम गर्डरों के मध्य आज इतनी गंदगी जमा हो चुकी है कि आम आदमी का वहां से निकलना दूभर हो गया है। महीनों से बजबजाती गंदगी, गर्डरों के मध्य लोगों के द्वारा शौच तथा लघु शंका करना आम बात है। इसके अलावा लोगों ने उस इस स्थान को अघोषित कचरा घर बना दिया है। दुर्भाग्य से बीएमसी की घन कचरा तथा प्रबंधन टीम को यह आज तक दिखाई नहीं दिया है। *स्वच्छ भारत अभियान* के अंतर्गत बड़े-बड़े दावे करने वाली बीएमसी तथा लापरवाही पूर्वक इन गर्डरों को कई महीनो से रखने वाला *मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण* (MMRDA) इस स्तर की गंदगी के लिए पूरी तरह जवाबदार है। लगातार पैदा होती नई-नई बीमारियों के बीच इस तरह के कार्य प्रशासन की घोर लापरवाही को ही प्रदर्शित करते हैं। *मेट्रो लाइन ०६* का निर्माण करने वाली ठेकेदार कंपनी *जे. कुमार इंफ्रा प्रोजेक्ट्स* MMRDA कमिश्नर तथा इंजीनियरों की कितनी लाडली है, यह कोई छुपा हुआ तथ्य नहीं है। इन्हीं की शह पर यह कंपनी पूरे शहर में गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम करती है। उपरोक्त क्षेत्र में जहां एक ओर सुबह की सैर करने के लिए धनाढ्य, उच्च पदस्थ, बुजुर्ग तथा महिलाएं ताजा हवा की आशा में निकलते हैं, वहीं दूसरी ओर मासूम बच्चे अपनी शालाओं को भी जाते हैं। दुर्भाग्य से इसके बदले उन्हें गंदगी का अंबार, कीड़े-मकोड़े और बीमारी फैलाने वाले मच्छर मक्खियां मिलती हैं। नागरिकों की सेहत तथा शहरी स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपए साफ सफाई तथा दवा छिड़काव इत्यादि पर खर्च किए जाते हैं, परंतु सत्य इसके बिलकुल विपरीत है। बीएमसी तथा MMRDA पहले समस्या को गंभीर स्तर तक स्वयं लेकर जाते हैं और फिर उसके निदान के नाम पर जनता के पैसे को बर्बाद करते हैं। घर-घर जाकर वोटो की भीख मांगने वाले तथाकथित नेता, झूठे समाजसेवकों और समीप ही निवास करने वाले तथाकथित उच्च स्तरीय ब्यूरोक्रेट्स; किसी को भी इतनी गंभीर समस्या दिखाई क्यों नहीं देती, यह समझ से परे है। *बीएमसी (कचरा तथा अपशिष्ट प्रबंधन प्रभाग)* एवं *के-पश्चिम वार्ड* को इस गंभीर समस्या के विकराल रूप धारण करने से पहले तत्काल प्रभाव से सफाई करनी चाहिए और उक्त गर्डरों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। इस वजह से हाल ही में रोपित किए गए पेड़ पौधों को भी भारी नुकसान हुआ है। आधी से अधिक सड़क पर खतरनाक तरीके से रखे गए इन गर्डरों की वजह से वाहनों विशेषकर स्कूल बसों तथा छोटे बच्चों को लेकर चलने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग गया है। अतः इस गंभीर समस्या के लिए केवल उपरोक्त गर्डर तथा इनको रखने वाली MMRDA पूरी तरह से जवाबदार हैं और *शहरी विकास मंत्रालय तथा बीएमसी कमिश्नर* द्वारा *चीफ इंजीनियर मेट्रो लाइन ०६* तथा *बीएमसी के-पश्चिम प्रभाग* के *घन कचरा तथा अपशिष्ट प्रबंधन प्रभारी* पर सख़्त विभागीय करवाई की जानी चाहिए। *भवदीय- सुमित अशोक धुरी, अध्यक्ष- शिवतेज फाउंडेशन।*

अंधेरी पश्चिम स्थित लोखंडवाला, बीएमसी रोड (बैक रोड) पर *बीएमसी, के-पश्चिम विभाग अंतर्गत परिरक्षण विभाग* द्वारा आपत्तिजनक...
17/11/2025

अंधेरी पश्चिम स्थित लोखंडवाला, बीएमसी रोड (बैक रोड) पर *बीएमसी, के-पश्चिम विभाग अंतर्गत परिरक्षण विभाग* द्वारा आपत्तिजनक प्रकार से जीवित वृक्षों के जड़ तथा तनों के ऊपर निर्माण सामग्री डाली गई है। इस प्रकार के अव्यवहारिक तथा आपत्तिजनक कार्य उस बीएमसी के द्वारा कई बार किया जाते हैं जो कि शहरी क्षेत्र के वृक्षों तथा हरियाली को बचाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च करते हैं। *उद्यान विभाग (के- पश्चिम प्रभाग)* को वैसे भी अपने वार्ड के वृक्षों से ज्यादा सरोकार नहीं रहता है। उस पर इस तरह की हरकतें बीएमसी की कार्यप्रणाली तथा हरे-भरे वृक्षों की रखवाली हेतु उनकी असली नियत को उजागर करते हैं। अतः बीएमसी के संबंधित विभाग से निवेदन है कि तत्काल इस प्रकार की गैर पेशेवर तथा अशोभनीय हरकतों को बंद करते हुए उपरोक्त निर्माण सामग्री को बिना विलंब हटाया जाए तथा दोषी कर्मचारियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।। *भवदीय- सुमित अशोक धुरी, अध्यक्ष- शिवतेज फाउंडेशन!!**

30/10/2025

*वर्सोवा पुलिस के संरक्षण में चोरों की चांदी*
सतत पेट्रोलिंग तथा सख्त कानून एवं व्यवस्था के खोखले दावे करने वाली वर्सोवा पुलिस क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों पर नियंत्रण करने में असफल रही है। पिछले कुछ दिनों में लाखों की चोरियों का शिकार हुए पीड़ित लगातार वर्सोवा थाने पहुंच रहे हैं लेकिन प्राथमिकी (एफ. आई. आर) दर्ज करने के स्थान पर उन्हें मोबाइल, लैपटॉप, नकदी इत्यादि कीमती सामानों की मात्र गुम होने की शिकायतें दर्ज करके थमा दी जा रही हैं। बानगी देखिए कि वर्सोवा पुलिस महंगे सामानों के दाम इतना कम करके दिखा रही है जिसका कोई ठोस आधार समझ नहीं आता। *सरदार वल्लभभाई पटेल नगर, म्हाडा* क्षेत्र से कई लोगों के चोरी गए लाखों के मोबाइल फ़ोन की कीमत मात्र कुछ हजार रुपए किस आधार पर लिखी गई है इसका कोई औचित्य सामान्य मानव मस्तिष्क की समझ के बाहर है। वर्सोवा पुलिस का उदासीन रवैया तथा अपराधियों को संरक्षण देना कोई नई बात नहीं है। वर्तमान पदस्थापना पर सुशोभित नवीन सीनियर अधिकारी की योग्यता उनकी नियुक्ति के पहले दिवस से ही एक प्रश्नवाचक चिन्ह बनी हुई है। पुराने पदस्थ निचले स्तर के अधिकारी तथा पुलिस अमला कितने सुनियोजित तरीके से अपराधियों को संरक्षण देते हैं, यह अभी तक इन सीनियर अधिकारी को समझ नहीं आया है या फिर वह स्वयं इसमें सम्मिलित हैं? यह एक यक्ष प्रश्न है। प्रतिदिन *शिवतेज फाउंडेशन* को लगातार कई शिकायतें मिल रही है, जिसमें पीड़ितों को लाखों का नुकसान दिनदहाड़े चोरों द्वारा पहुंचाया जा रहा है और पुलिस गहरी नींद सो रही है। दिनदहाड़े चोरी करने वाले तत्वों से पीड़ितों को लगातार जान का खतरा भी बना रहता है क्योंकि इस बात की प्रबल संभावना है कि ऐसे तत्व अक्सर अपने साथ घातक हथियार रखते हैं और यदि चोरी करते पकड़े गए तो हमला करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। तब शायद वर्सोवा पुलिस चोरी के स्थान पर हत्या अथवा हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करेगी। अपने कर्तव्यों के प्रति वर्सोवा पुलिस की उदासीनता का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है की केवल शिकायत दर्ज करने के लिए पीड़ितों को ०८ से १० घंटे तक पुलिस स्टेशन में बिठा कर रखा जा रहा है। पुलिस की कार्यप्रणाली इससे साफ-साफ परिलक्षित होती है। मुंबई पुलिस कमिश्नर ऐसे अक्षम अधिकारियों तथा पुलिस स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करें और अपने कर्तव्यों के प्रति घनघोर उदासीनता तथा कोताही के लिए कड़ा दंड दें। *भवदीय- सुमित अशोक धुरी, अध्यक्ष- शिवतेज फाउंडेशन*

18/06/2025

*बीएमसी के-पश्चिम वार्ड* की अकर्मण्यता के चलते बारिश के पहले पखवाड़े में ही मध्यम तथा बड़े नालों की साफ-सफाई की कलई खुल गई। *सरदार वल्लभभाई पटेल नगर, अंधेरी पश्चिम* क्षेत्र से निकलने वाले बड़े नाले तथा उसमें खुलने वाले छोटे नालों की सफाई में घोर लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से पिछले दो दिनों की मूसलाधार बारिश में पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया तथा क्षेत्रवासियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा। आज दिनांक 17 जून 2025 को *शिवतेज फाउंडेशन* अध्यक्ष के नेतृत्व में फाउंडेशन सदस्यों ने *मास इंडिया न्यूज़* चैनल के साथ मौके पर पहुंचकर उपरोक्त स्थिति की जानकारी दी, जिसे चैनल ने तत्परता से प्रसारित किया और जिससे बीएमसी नींद से जागा। इस परिप्रेक्ष्य में उन स्थानों पर विशेष सफाई अभियान प्रारंभ किया गया है जहां से छोटे नाले बड़े नाले में खुलते हैं। इससे पहले बीएमसी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया था। भारी बारिश में लोगों को होने वाले घोर कष्ट के चलते उपरोक्त कार्यवाही *शिवतेज फाउंडेशन तथा मास इंडिया न्यूज़ चैनल* की संयुक्त पहल पर प्रारंभ की गई है। *भवदीय- सुमित अशोक धुरी। अध्यक्ष- शिवतेज फाउंडेशन।।*

शिवतेज फाउंडेशन द्वारा *अंधेरी-वर्सोवा क्षेत्र में सीवेज उपचार और निपटान परियोजना (MSDP)* के चलते  कांदल वनों को बीएमसी ...
30/03/2025

शिवतेज फाउंडेशन द्वारा *अंधेरी-वर्सोवा क्षेत्र में सीवेज उपचार और निपटान परियोजना (MSDP)* के चलते कांदल वनों को बीएमसी तथा परियोजना ठेकेदार के द्वारा व्यापक क्षति पहुंचाए जाने के विरुद्ध माननीय मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई थी जिसकी आगामी सुनवाई हेतु महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया है। उपरोक्त परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान बरती गई घोर लापरवाही तथा उदासीनता के चलते हरे-भरे कांदल वनों को गंभीर क्षति पहुंचाई गई है और शासन प्रशासन का लगातार ध्यान आकर्षित करवाए जाने के बावजूद कोई परिणाम नहीं निकलने के फलस्वरुप उपरोक्त याचिका माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई जिसके अंतर्गत उपरोक्त रिट पिटीशन को जनहित याचिका में परिवर्तित करने का महत्वपूर्ण आदेश मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा पारित किया गया है और तत्पश्चात संबंधित विभागों को भी अपने जवाब प्रस्तुत करने हेतु आदेशित किया जा सकता है। *भवदीय- सुमित अशोक धुरी, अध्यक्ष-शिवतेज फाउंडेशन।।*

*शिवतेज फाउंडेशन द्वारा एक धराशाई वृक्ष का पुनर्रोपण किया गया।*         अंधेरी पश्चिम स्थित  सरदार वल्लभभाई पटेल नगर में...
15/02/2025

*शिवतेज फाउंडेशन द्वारा एक धराशाई वृक्ष का पुनर्रोपण किया गया।* अंधेरी पश्चिम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नगर में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान दिनांक १२ जनवरी २०२५ को एक बड़ा वृक्ष धराशाई हो गया। बीएमसी साइट इंजीनियर श्री अनिल मिस्त्री के निर्देशन तथा सड़क निर्माण ठेकेदार की सहायता से शिवतेज फाउंडेशन अध्यक्ष *सुमित अशोक धुरी* के नेतृत्व में फाउंडेशन की विशेषज्ञ टीम की निगरानी में उपरोक्त देसी वृक्ष का पुनर्रोपण सात बंगला स्थित क्रिस्टल प्लाजा परिसर में किया गया। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से यह कार्य एक विशाल वृक्ष की रक्षा हेतु आवश्यक था, जिसे अगले दिन दिनांक १२ जनवरी २०२५ को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। सड़क निर्माण ठेकेदार कंपनी द्वारा लगातार इस वृक्ष की देखभाल की जा रही है और समय-समय पर फाउंडेशन की टीम भी इस वृक्ष का निरीक्षण करती है। शिवतेज फाउंडेशन अध्यक्ष, सचिव तथा संपूर्ण फाउंडेशन टीम *बीएमसी साइट अभियंता श्री अनिल मिस्त्री साहब* तथा ठेकेदार के सहयोग हेतु धन्यवाद प्रेषित करते हैं।। 🙏🌳🌲

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