24/05/2026
✊ संविदा सेवाकाल को नियमित सेवा में जुड़वाने की लड़ाई में राजस्थान नर्सेज यूनियन (RNU) शुरू से सबसे मजबूती से खड़ा रहा है।
जब इस मुद्दे को ज्यादा महत्व नहीं दिया जा रहा था, तब भी RNU ने अपने हर मांगपत्र में संविदा सेवाओं को नियमित सेवा में जोड़ने की मांग को प्रमुखता से रखा।
क्योंकि RNU केवल बातें नहीं करता, बल्कि संघर्ष का इतिहास रखता है। 💪
✅ हजारों संविदा नर्सेज को बोनस अंक के माध्यम से नर्स भर्ती 2013 में नियमित करवाने में RNU की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसी संघर्ष के बाद आगे की भर्तियों 2018 और 2023 में भी बोनस अंक के माध्यम से नियमित भर्ती का रास्ता मजबूत हुआ।
इसके बाद RNU ने अगला बड़ा मुद्दा उठाया —
👉 संविदा सेवाकाल को नियमित सेवाओं में जुड़वाने का।
इसी उद्देश्य से राजस्थान नर्सेज यूनियन (RNU) ने वर्ष 2018 में
⚖️ सताराम बनाम राज्य सरकार
(S.B. Civil Writ Petition No. 2466/2018)
हाई कोर्ट में याचिका दायर करवाई।
इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश जांगिड़ द्वारा पैरवी की गई।
इसके लगभग 9-10 माह बाद अन्य साथियों ने भी इसी मुद्दे पर याचिकाएं दायर कीं।
अब सताराम केस में फैसला कर्मचारियों के पक्ष में आया है और माननीय न्यायालय ने संविदा सेवाकाल जोड़ने हेतु निर्देश दिए हैं। 🙏
RNU इस पूरे मामले पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है।
साथ ही हाई कोर्ट में Caveat भी लगा दी गई है ताकि कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।
🤝 हम सरकार के समक्ष भी हर स्तर पर प्रयास करेंगे।
चाहे कितनी मेहनत करनी पड़े — RNU पीछे नहीं हटेगा।
✅ राजस्थान नर्सेज यूनियन समस्त संविदा से नियमित हुए नर्सेज की सेवाएं नियमित सेवाओं में जुड़वाने हेतु पुरजोर संघर्ष करेगा।
हाल ही में अनेक साथियों की याचिकाएं भी RNU के माध्यम से हाई कोर्ट में दायर करवाई गई हैं।
बाकी साथियों की याचिकाएं भी जल्द लगाई जाएंगी।
📌 इसके लिए संभागवार सूची उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि सभी साथी आवश्यक दस्तावेज देकर अपनी याचिका लगवा सकें।
✊ सब साथ लड़ेंगे और अपना हक लेकर रहेंगे।
यह संविदा का दर्द झेल चुके साथियों के लिए एक बड़ा अवसर है।
अब पीछे हटने का समय नहीं, बल्कि एकजुट होकर संघर्ष करने का समय है।
📢 बस बने रहिए हमारे साथ…
हर पल की महत्वपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाई जाती रहेगी।
— प्रदेश अध्यक्ष
देवाराम चौधरी
✍️ पोस्ट प्रस्तुति: Arjun ram hansaliya