Narayan Mantra Sadhana Vigyan

Narayan Mantra Sadhana Vigyan The "Mantra Ta**ra Yantra Vigyan" magazine was renamed as "Narayan Mantra Sadhana Vigyan" in Oct 2010

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23/05/2026

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शनि को ज्योतिष में "विच्छेदात्मक ग्रह" माना गया है। जहां एक ओर शनि मृत्यु प्रधान ग्रह माना गया है, वहीं शनि दूसरी ओर शुभ...
15/05/2026

शनि को ज्योतिष में "विच्छेदात्मक ग्रह" माना गया है। जहां एक ओर शनि मृत्यु प्रधान ग्रह माना गया है, वहीं शनि दूसरी ओर शुभ होने पर भौतिक जीवन में श्रेष्ठता भी देता है।

शनि अकस्मात् कुप्रभाव देने वाला ग्रह माना जाता है, अतः भय तो सहज स्वाभाविक है। यह अकाल मृत्यु, रोग, भिन्न-भिन्न कष्ट, व्यवसाय-हानि, अपमान, धोखा, द्वेष, ईर्ष्या का कारण माना जाता है, पर वास्तविकता यह नहीं है, सूर्य पुत्र शनि हानिकारक न होकर लाभदायक भी सिद्ध होता है,

*1.* शनि तुरंत एवं निश्चित फल देता है।
*2.* शनि 'सन्तुलन' तथा न्याय प्रिय है।
*3.* शनि शुभ होकर मनुष्य को व्यवस्थित, व्यवहारिक, घोर परिश्रमी, गम्भीर एवं स्पष्ट वक्ता बना देता है।
*4.* संकुचित व्यक्ति भरपूर आत्मविश्वास, प्रबल इच्छा शक्ति युक्त, महत्वाकांक्षी, मितव्ययता पूर्ण आचरण करने वाला, हर कार्य में सावधान रहने वाला तथा व्यवसाय में चतुर तथा कार्यपटु होता है।
*5.* मनुष्य का भेद लेने में शनि-प्रधान व्यक्ति दक्ष होता है।
*6.* शनिप्रधान व्यक्ति सामाजिक व आर्थिक क्रांति के लिए प्रयत्नपूर्ण त्याग मय जीवन व्यतीत करने वाले, पूर्ण सामाजिक व मिलनसार, परोपकार के कार्यों में समय व्यतीत करने वाले, लोक-कल्याण में सतत् संलग्न, विद्वान, उदार तथा पवित्रतापूर्ण जीवन व्यतीत करते हैं।
*7.* अध्यात्मवाद की ओर विशेष झुकाव रहता है।
*8.* योगाभ्यासी, गूढ़ रहस्य का पता लगाने में दक्ष, कर्म कांड व धार्मिक शास्त्रों का अभ्यास, ग्रंथ प्रकाश, तत्वज्ञ, लेखन कार्य का यश व सम्मान पाते हैं।

समस्त ग्रहों में शनिदेव ही ऐसे ग्रह हैं जो अत्यन्त क्रोधी होते हुए भी अत्यन्त दयालु कहे गए हैं। इनके विषय में कहा गया है, कि जब ये किसी पर क्रोधित होते हैं तो उसका सर्वनाश कर डालते हैं, इसी प्रकार जब ये किसी से प्रसन्न होते हैं, तो रंक को भी राजा बना देते हैं।

*जिस साधक को शनि की साढे साती अथवा ढैय्या से विशेष कष्ट अनुभव हो रहा हो, उनके लिए तो यह एक श्रेष्ठ दीक्षा है।*

इस *दीक्षा को प्राप्त करने के लिए* प्रत्येक साधक *अपना नवीनतम फोटो एवं दीक्षा राशि जमा कराके* उसका विवरण Whatsapp नंबर 8447747911 पर हमें भेज दें तब भी आपको दीक्षा प्रदान कर दी जायेगी।

मई 2026 PDFLink : https://siddhashram.online/NMSVPatrika/NMSVPatrika_May_2026.pdfमई 2026 पत्रिका 👆 डाउनलोड करने के लिए क...
20/04/2026

मई 2026 PDF
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सम्राटाभिषेक दीक्षा एक व्यक्ति के भीतर भौतिक समृद्धि और उच्च-स्तरीय आध्यात्मिक वैराग्य दोनों का एक साथ निर्माण करती है।स...
18/04/2026

सम्राटाभिषेक दीक्षा एक व्यक्ति के भीतर भौतिक समृद्धि और उच्च-स्तरीय आध्यात्मिक वैराग्य दोनों का एक साथ निर्माण करती है।

सम्राटाभिषेक दीक्षा को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक साधक अपना नवीनतम फोटो एवं दीक्षा राशि जमा कराके उसका विवरण Whatsapp नंबर 8447747911 पर हमें भेज दें तब भी आपको दीक्षा प्रदान कर दी जायेगी ।

*सम्राटाभिषेक दीक्षा* को न केवल दीक्षाओं के जगत में, बल्कि इस भौतिक जगत में भी जीवन की *"सर्वोच्च उपलब्धि"* और सर्वोच्चत...
18/04/2026

*सम्राटाभिषेक दीक्षा* को न केवल दीक्षाओं के जगत में, बल्कि इस भौतिक जगत में भी जीवन की *"सर्वोच्च उपलब्धि"* और सर्वोच्चता की स्थिति माना गया है। यह वह दुर्लभ घटना है जहाँ गुरु अपने शिष्य को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में "सम्राटवत्" अभिषिक्त कर देते हैं।

इस दीक्षा के भौतिक और आध्यात्मिक लाभों को अत्यंत गहराई से समझाया गया है:

*भौतिक (Material) लाभ*

*शिखर की प्राप्ति:* यह दीक्षा व्यक्ति के भौतिक जीवन को पूरी तरह से सम्पन्न बनाती है और उसे समाज के सर्वोच्च शिखर पर पहुँचाने का कार्य करती है।
*अतुलनीय वैभव:* इसके माध्यम से व्यक्ति जीवन की पूर्णता को प्राप्त करता है और भौतिक जगत में अतुलनीय वैभव तथा ऐश्वर्य का स्वामी बन सकता है।
*प्रत्येक क्षेत्र में सर्वोच्चता:* यह दीक्षा जीवन के किसी भी एक हिस्से तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में साधक को सर्वोच्चता का स्पर्श कराती है।
*नवनिर्माण:* यह व्यक्ति को भौतिक उन्नति को पूरी तरह आत्मसात करने के योग्य बनाती है, जिससे विसंगतियों से मुक्त एक सुदृढ़ समाज का निर्माण होता है।

*आध्यात्मिक (Spiritual) लाभ*

*आत्मा का स्पर्श व मुक्ति:* दीक्षा के रूप में गुरु सीधे साधक की "आत्मा" का स्पर्श करते हैं। चूँकि गीता में आत्मा को सभी बंधनों से मुक्त माना गया है, अतः इस दीक्षा से साधक आध्यात्मिक रूप से बंधनों से मुक्त हो जाता है।
*आत्मिक तुष्टि और आध्यात्मिक परिचय:* भौतिक सम्पन्नता देने के साथ-साथ यह दीक्षा साधक को आध्यात्मिकता के गहरे आयामों से परिचित कराती है और असीम "आत्मिक तुष्टि" प्रदान करती है।
*पारस के समान परिवर्तन:* गुरु इस दीक्षा में पारस पत्थर के समान कार्य करते हैं, जो शिष्य रूपी लौह-खंड को अपना तपोमय स्पर्श देकर "अमूल्य स्वर्ण" में परिवर्तित कर देते हैं।
*मृत्यु से अमृत्यु की यात्रा:* यह दीक्षा साधक को मृत्यु के शाश्वत सत्य से परे ले जाती है। यह मृत्यु से अमृत्यु की ओर जाने का मार्ग है, जहाँ जीवन विषाद से नहीं, बल्कि "नित्य प्रति उत्सव और आह्लाद" के साथ जिया जाता है। साधक मृत्यु के पश्चात् सर्वथा शून्य होकर नहीं जाता, बल्कि एक चिरस्थायी उपलब्धि (स्थायी आध्यात्मिक शक्ति) के साथ प्रयाण करता है।

संक्षेप में- *सम्राटाभिषेक दीक्षा* एक व्यक्ति के भीतर भौतिक समृद्धि और उच्च-स्तरीय आध्यात्मिक वैराग्य दोनों का एक साथ निर्माण करती है।

हनुमान जयंती  02/04/2026कलियुग में शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव श्री हनुमान...हनुमान जी के बारे में दो बातें विशेष सिद्ध ...
02/04/2026

हनुमान जयंती 02/04/2026
कलियुग में शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव श्री हनुमान...
हनुमान जी के बारे में दो बातें विशेष सिद्ध हैं। सर्वप्रथम तो हनुमान रूद्र अर्थात् शिव के अवतार हैं और दूसरा, ये पवन पुत्र हैं। हनुमान साधना- दीक्षा से रुद्र सिद्धि प्राप्त होती है।

श्री हनुमान वीरता, पराक्रम, दक्षता के प्रतीक हैं और शक्ति, बल, ओज, स्फूर्ति, धैर्य, यश, निर्भयता, निरोगता, विवेक, वाक् पटुता इत्यादि महामुणों के प्रदाता हैं। इस कारण जो साधक, जो व्यक्ति, चाहे उसे शास्त्रों का ज्ञान हो या न हो, अपनी बुद्धि के अनुसार पूर्ण सेवा भाव से यदि हनुमान दीक्षा प्राप्त कर साधना भक्ति सम्पना करता है, तो उसे ये सभी गुण निश्चय ही प्राप्त होते हैं।

शक्ति बाहर से प्राप्त नहीं की जा सकती, शक्ति स्त्रोत तो आपके स्वयं के भीतर छुपा है, उसे जाग्रत करने की आवश्यकता है हनुमान सिद्धि दीक्षा के माध्यम से, जिससे मन के साथ-साथ शरीर भी ऐसा तेजस्वी, बलवान और निरोगी हो जाए कि आत्मविश्वास का अमृत प्याला, शक्ति का सौन्दर्य, ज्ञान की गंगा, धैर्यका सागर, सरस्वती की सिद्धि आपमें छलकने लगे-यही तो भक्ति साधना का परम स्वरुप है।

इस दीक्षा को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक साधक अपना नवीनतम फोटो एवं दीक्षा राशि जमा कराके उसका विवरण Whatsapp नंबर 8447747911 पर हमें भेज दें तब भी आपको दीक्षा प्रदान कर दी जायेगी।

दीक्षा प्राप्त करने लिए प्रत्येक साधक अपना *नवीनतम फोटो* एवं *राशि* जमा करवा कर विवरण Whatsapp नंबर 8447747911 पर भेज दे...
26/03/2026

दीक्षा प्राप्त करने लिए प्रत्येक साधक अपना *नवीनतम फोटो* एवं *राशि* जमा करवा कर विवरण Whatsapp नंबर 8447747911 पर भेज दें।

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें (10:00AM TO 7:00PM)
*नारायण मंत्र साधना विज्ञान*,
080 6963 6963

Address

Jodhpur
342001

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