Jai rajputana Shang jodhpur

Jai rajputana Shang jodhpur यह एक समाज सेवा संघटन है

11/03/2026
Vasundhara
16/02/2026

Vasundhara

27/01/2026

उम्मीद है हमारे जनरल कैटेगरी के सांसद महोदय या राजनीतिक व्यक्ति अब मैदान में उतरेंगे या फिर अपनी पार्टी का पूंछड़ पकड़ेंगे....

Narendra Modi Rajnath Singh Amit Shah

  तो बस एक बहाना है, असली मकसद कुछ और है, बंगाल के बाद अब यूपी को टारगेट किया गया है, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सबसे ब...
27/01/2026

तो बस एक बहाना है, असली मकसद कुछ और है, बंगाल के बाद अब यूपी को टारगेट किया गया है, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सबसे बड़ी टेंशन अगर कोई है, तो वह हैं #योगी_आदित्यनाथ, योजना साफ़ है।👇

👉 स्वर्ण वोटरों को तोड़ो।
👉 समाज को जातियों में बाँटो।
👉 और योगी आदित्यनाथ को यूपी में कमजोर करो।

आज अजीब दृश्य देखने को मिल रहा है, आदिगुरु शंकराचार्य, योगी जी के खिलाफ बोलते दिखते हैं, और केशव प्रसाद मौर्य उन्हें भगवान तक कह रहे हैं।

भाजपा IT सेल अचानक राजनाथ सिंह के पोस्ट चलाने लगती है, जबकि सच्चाई यह है कि आज पार्टी में उनकी एक भी नहीं चलती यह सबको पता है।

अब UGC पर आइए, भाई हम लोग स्कूल में दोस्ती से पहले जाति नहीं पूछते थे, लेकिन आज भाजपा ने शिक्षा व्यवस्था में ही जातिवाद का ज़हर घोल दिया है, क्या आज तक कभी कोई ऐसा दंगा हुआ है।

सवर्ण बनाम दलित ?
सवर्ण बनाम OBC ?

नहीं हुआ, क्योंकि हिन्दू समाज को लड़ाना हमारी फितरत नहीं है, लेकिन आज जान बूझकर समाज में दरार डाली जा रही है, ताकि सत्ता की कुर्सी बचाई जा सके।

मुद्दा नहीं है, यह यूपी की राजनीति की बड़ी साज़िश का हिस्सा है, सोचिए, समझिए, और सच के साथ खड़े रहिए।

आपकी क्या राय है?

Thanks for being a top engager and making it on to my weekly engagement list! 🎉 Up Sarpanch Ramswaroop Singh, Shivraj Si...
19/01/2026

Thanks for being a top engager and making it on to my weekly engagement list! 🎉 Up Sarpanch Ramswaroop Singh, Shivraj Singh Panwar, Akhilesh Singh, सुनील सिहं नरुकआ

19/12/2025

जैसा भाटीयों के मूल पुरुष जैसाजी कलकरणोत स्वयं महान वीर पुरूष थे मारवाड में उनका व उनके वंशज अमूल्य रहा है। जैसा जी अपनी योवनावस्था में ही अपनी माताजी के साथ अपने ननिहाल बेंगठी हरबू जी सांखला के पास आ गये थे संभवत सांवतसी जी की माता जी व इनकी माता जी के आपस में बनती नही थी। जिस दिन ये बेंगठी आये उसी दिन इनके बहन लक्ष्मी का जन्म हुआ था जो कालातर में मारवाड नरेश जोघा जी के पुत्र सुजाजी को ब्याही गई थी जोधाजी के बाद सातल जी राजा बने और उनके बाद सुजाजी का राज तिलक हुआ था। नरा जी इनके पुत्र हुए नरा जी के नरावत हुए बाधा जी राव सुजाजी के जीवन काल में ही चल बसे जिससे उनके बाद गांगा जी का राज तिलक हुआ। हरभू जी सांखला के माध्यम से जोधा जी व जैसा जी के बीच लिखित समझौता हुआ था कि मंडोर के अतिरिक्त जो भी क्षेत्र सिसोदियों से पुनः हस्तगत करेंगें उसका चौथा हिस्सा जैसा जी का होगा ।सुजाजी के साथ अपनी बहन लक्ष्मी के विवाह में वह चौथाई हिस्से वाला पत्र दहेज में वापस मांग लिए जाने पर मारवाड़ छोड़ कर मेवाड पधारे जहां महाराणा कुंभा ने उन्हें 140 गांव सहित ताणा गांव की जागीर इनायत की। ख्यातों में अलग अलग विवरण उनके महाप्रयाण के संबंध में आता है पर उनका किसी चुंडावत सिरदार के साथ झगड़े में काम आने का विवरण अधिकांश जगह मिलता है। ताणा कालांतर में झाला सिरदारों की जागीर में रहा।ताणा में जैसाजी की छतरी है जिसमें उनके साथ दो सतीयां होने का विवरण है। अन्य पुत्रों को मारवाड में राव सुजा जी द्वारा जागीरे दी गई पर भैरूंदास जी ताणा में रहे और उनके वंशज कालांतर में मारवाड़ आ गये जहां उन्हें जागीरें इनायत की गई। जैसाजी के चार पुत्र थे जिनसे ही जैसा भाटीयों की विभिन्न शाखाएं निकली है ने विभन्न स्थानों पर अपनी वीरता का परचम लहराया है संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है-
जैसाजी के पुत्र आनंद जी व उनके वंशज

1- आनंद जी स्वयं महान वीर योद्धा थे उन्होंने अपने पिता के साथ कई अभियानों में भाग लिया अपने भाई भैरुंदास जी का बदला सूर माल्हण सोलंकी को मार कर लिया।

2- आणद जी के पुत्र निंबाजी सुमेल गिरी युद्ध में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

3- निबाजी जी के पुत्र माना जी कुंडल के युद्ध में वीरता पूर्वक लडे। निबाजी के भाई पर्वत से पर्वत जैसा भाटी हुए जो भवाद व पूनासर में है। भाटी पृथ्वीराज जी के पृथ्वीराजोत जैसा भाटी जो सोजत के पास रुंदिया में है

4- मानाजी के पुत्र गोविंद दास जी का मारवाड के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है इन्होने मारवाड के प्रधान के पद पर रहते हुए विभिन्न कुरब कायदे तय किये कई संधिया करवाई कई युद्ध अभियानों में नेतृत्व किया। इनके योगदानों पर पृथक से ग्रंथ लिखा जा सकता है। गोविंद दास जी के गोविंद दासोत जैसा भाटी है जो अणवाणा तापू बड़ला बासनी भलासरीया सांवतकुआ जोईतरा व नागौर के तितरी में है

१- मानाजी के दूसरे पुत्र सुल्तान सिंह जी ने दक्षिण के मोचों पर कई अभियानों में भाग लिया भांवंडा में रहते हुए जब गोपालदास भगवानदासोत जो कि महाराजा सूर सिंह जी के भतीज थे के आक्रमण के वक्त अपने पचास अनुयाइयों के साथ वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये। सुल्तान सिंह जी के वंशज सुल्तानोत भाटी है

6- सुलतान सिंह जी के पुत्र रुधनाथ जी मारवाड़ के देश दिवान के पद पर रहते हुए दिल्ली से बालक अजीत सिंह जी को निकालते वक्त सर्वप्रथम मुगलों फौजों को रोक रखा ताकि दुर्गादास जी अजीत सिंह को लेकर सुरक्षित दूरी बना सके। अपने 71 योद्धाओं के साथ लड़ते हुए काम आये।

7- सुलतान सिंह जी के पुत्र अचलदास जी फलोदी में बलोचों द्वारा गायों ले जाने पर उनसे लड़ते हुए काम आये।

8- अचलदास जी के पुत्र महेश दास जी उज्जैन के पास धरमत की लड़ाई में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

9- माना जी के भाई पता जी जिनके लवेरा की जागिर थी के पुत्र भोपत्त जी गुढ़ा में महाराणा की सेना से लड़ते हुए काम आये पता जी के पतावत जैसा भाटी हुए जो उम्मेदनगर व रायंसर में है

10-भोपत जी के पुत्र इसरदास के पुत्र लखमीदास जी धरमत की लड़ाई में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

11-मानाजी के भाई रिणमल जी राव चंद्रसेन जी के समय हुसैन कुली खा के आक्रमण के समय रामपोल पर वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

12-रिणामल जी के पुत्र बाध जी अचलदास जी के साथ बलोचों की लड़ाई में गायों की रक्षार्थ काम आये।

13-बाध जी के पुत्र लखमीदास जी व उनके पुत्र दलपत जी दिल्ली में रूधनाथ सिंह जी के साथ अजीत सिंह जी की रक्षार्थ काम आये। लखमी दास जी के लखमी दासोत जैसा भाटी है जो कजनाउ खुर्द लवेरा व मुनाई इडर में है मुनाई व कजनाउ जागिर के गांव है

14-माना जी के भाई गांगा जी भी हुसैन कुली खा के आक्रमण के समय रामपोल पर वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये। गागा जी के गंगदासोत जैसा माटी हुए जो भीमसागर में व खारी बाड़मेर में है।

जैसाजी के पुत्र जोधा जी व उनके वंशज

1-जोधा जी के पुत्र रामा जी बालरवा सहित 15 गांवों के जागिरदार रहते हुए भागेसर के थाने पर शेरसाह सूरी की फौजों से लड़ते हुए काम आये। रामा जी के सभी भाईयों की संतान रामावत जैसा भाटी कहलाये। रामा जी के किसना
जी व किशना जी के काना जी व काना जी के हरदास जी व देवीदास जी दो पुत्र हुए हरदास जी से हरदासोत व देवी दास जी से देवी दासोत।

2-जोधा जी के पुत्र पंचायण जी सुमेल गिरी के युद्ध में वीरतापूर्व क लड़ते हुए काम आये।

3- जोधा जी के पुत्र आसोजी हुसैन कुली खां के आक्रमण के समय मेहरान गढ़ किले में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

4-जोधा जी के पुत्र दुरजण जी जब मालदेवजी ने नागौर पर आक्रमण किया उस वक्त वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

5-जोधा जी के पुत्र माला जी के पुत्र आम्बा जी व नाथा जी जंझुरी की लडाई जो वीरमदे जी व राव गागा जी के बीच लड़ाई हुई उसमें गांगा जी की तरफ से वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

6-हरदास जी के पुत्र विठलदास जी के पुत्र जगन्नाथ जी दिल्ली में अजीत सिंह जी की रक्षार्थ वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

जैसा जी के पुत्र भैरुदास जी के वंशज

1-भैरूंदास जी मारवाड व मेवाड़ की सीमा पर सूर माल्हण सोलंकी से लड़ते हुए काम आये।
2-सांकर सूरावत भैरूंदास जी के पौते अजमेर के किलेदार थे शेरशाह सूरी ने जब जोधपुर के किले पर आक्रमण किया तो गढ़ में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये जोधपुर किले में इनकी छतरी बताई जाती है।

3- सांकर सुरावत के पुत्र हमीर फलोदी में मोटा राजा की भाटीयों के साथ लडाई में मोटा राजा की तरफ से लड़ते हुए काम आये।

4- अचल दास भैरूदासोत के ताणा की 140 गांव की जागिर थी सूर माल्हण के पुत्र रामदास के साथ हुई लड़ाई में चौपडा में काम आये।

5- संसार चंद्र अचलदासोत भाद्राजुण के पास अभा सांखला से लड़ाई में काम आये।

6- हरदास जी जो सूरा जी के पौत्र थे राय मालदेवजी के पुत्र भोजराज के साथ यवनों से लड़ाई में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

5- हरदास जी के प्रपौत्र राम कुंभावत ने अजीत सिंह की रक्षार्थ काम किये व मुगलों के प्रतिनिधि इन्द्र सिंह जी से लडार्ड में काम आये।

6- मेरा अचलावत सुमेल गिरी युद्ध में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

7- वरजांग भैरुदासोत बहुत वीर पुरुष थे सुमेल गिरी युद्ध में ये मालदेव जी के प्रतिनिधि के तौर पर शेरशाह सूरी से वार्ता करने गये वहां इन्हें केंद कर लिया गया।

8- वरजांग के प्रपौत्र राज सिंह लखावत धरमत की लडाई में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

जैसाजी के पुत्र बणवीर जी के वंशज

1-तेजसी बणवीरोत ने भांगेसर के थाने को वापस कब्जे में लेने के वक्त अपने नेतृत्व में माल लूटा व वीरता दिखाई इनके कई घाव लगे।

2 कान्हा तेजसिंहोत मालदेवजी के पुत्र भोजदेव के साथ रहे तथा यवनों से लडाई में काम आये।

3-मेहा तेजसिंहोत राव चंद्रसेन की सेवा में रहते हुए मुगलों से संघर्ष में वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

4- वीसा बणवीरोत भांगेसर की लडाई में वीरता पूर्वक लडते हुए काम आये।

5-रायसिंह वीसावत के दो पुत्र भाण व नरहरदास नागौर पर मालदेवजी के आक्रमण के दौरान वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

6 चतुर्भुज रायसिंहोत कुंवर गज सिंह व गोविंद दास जी ने जब कुंभलमेर पर चढाइ कर कब्जे में लिया तब वीरता पूर्वक लड़ते हुए काम आये।

7 पीथा वीसावत के पौत्र दलपत केसोदासोत गौपालदास भिंवोत के साथ वीरगति को प्राप्त हुए।

जैसा भाटीयों के नखों का विवरण

जैसा जी के चार पुत्र थे 1 आणद जी के लवेरा में 2-जोधा जी के बालरवा में 3-भैरूदास जी के माणकलाव में 4-बणवीर जी के खेरवा पाली में

आणद जी के पुत्र

1-निंबा जी निंबा जी के 1-माना जी

माना जी के तीन पुत्र हुए

1-गोविंद दास जी इनके गोविंद दासोत हुए जो जोइंतरा,

अणवाणा, तापू सावतकुआ, बडला, भलासरीया तीतरी नागेर व चांपासर में है अन्यत्र भी कही हो सकते हैं।

2 सुल्तान सिंह जी इनके सुल्तानोत हुए जो

लवेरा, मतोडा, सामराउ, भेड, बिजवाडीया, खिदाकोर, बिरलोका, जुड के पास गुडीया, सांगीयाजी नगर भिंयाडीया, गिराब, खाबडा खुर्द, डगला खेडा चितोडगढ़ व भचरडी उदयपुर में है अन्यत्र भी हो सकते हैं

3-सादुल जी

2 पता जी निंबावत के पतावत हैं जो रायंसर व उम्मेदनगर वाले है(पता जी को सोलह गांव सहित लवेरा की जागीर रही थी)

3- गांगा जी निंबावत के गंगदासोत है जो खारी बाडमेर, भीमसागर व
लवेरा में कुछ रावले है।

4-रिडमल जी निंबावत के दो पुत्र

1-माधोदास जी

2- बाघ जी बाघ जी के लखमी दासजी हुए जिनके लखमीदासोत कहलाये जो कजनाउ खुर्द, लवेरा व ईडर के मुनाई गांव में हैं

5-किशना जी

6-मूला जी

7 भोजराज जी

2-दूदा जी

3-परबत जी आणदोत इनके परबत कहलाए जो भवाद व पूनासर में होने की जानकारी है

4 पृथ्वीराज जी अणदोत इनके पृथ्वीराजोत कहलाये जिनके रूंदीया बिलाडा में होने की जानकारी है। इस तरह आणद जी के परिवार के सबसे ज्यादा नख है मारवाड में इनका दबदबा सबसे ज्यादा था सबसे ज्यादा ठिकाने थे राज में सबसे बड़े पदो पर भी ये थे जैसे मारवाड के प्रधान का पद ज्यादातर आसोप व पोकरण के राठौड़ों के पास परपरागत रूप से रहता था वह गोविंद दास जी व उनके पुत्र पृथ्वीराज जी के पास रहा। देश दिवान का पद रूघनाथ सिंह जी के पास रहा।

जोधा जी के सात पुत्र

1-रामा जी 2-नारायण जी 3 दुर्जन जी 4-भोजो जी 5 पचायण जी 6 मालो जी इनके कपूरीया व जाजवा में 7-आसो जी इनके पडासला में। सातों भाईयों का परिवार रामावत कहलाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पडासला, कपूरीया व जाजवा वालों के अतिरिक्त सभी रामा जी के हैं।

रामा जी के चार पुत्र

1-किशना जी 2-बिरम दे जी 3 राणा जी 4-उदा जी

इन किशनाजी के पुत्र

1-कान्हा जी 2-सुरजमल जी 3-गोविद दास जी 4-गांगा जी 5- तोगा जी

इन कान्हा जी के पुत्र हर दास जी के हरीदासोत व देवी दास जी के देवीदासोत हरीदासोतो के मुख्य गांव बालरवा बुचेटी, मालूंगा, खुडीयाला, बैरू, नोखडा, टालनपुर, चामू, बडाबास चेराई, नांदीया कला इत्यादि हैं कुछ और भी हो सकते हैं वैसे बारह कोटडीयां बोलते हैं।

देवीदासोतो का बुझावड गाव होने की जानकारी है अन्यत्र भी हो सकते हैं।

इस तरह जोधा जी जैसावत के वंशजों के तीन नख प्रचलित हैं रामावत, हरीदासोत व देवीदासोत

भैरूदास जी के भैरूदासोत कहलाये ।
इस तरह जोधा जी जैसावत के वंशजों के तीन नख प्रचलित हैं रामावत, हरीदासोत व देवीदासोत

भैरूदास जी के भैरूदासोत कहलाये ।

भैरूदास जी के पुत्र चार हुए 1 सुरा जी 2- अचलदास जी 3 देदा जी 4 बरजाग जी

इनमें अचलदास जी के संसार चंद्र जी, संसार चंद्र जी के सांवल दास जी व सांवलदास जी के प्रयागदास जी इन प्रयागदास जी के प्रयागदासोत कहलाए इनके 12 गांव समदडी के आस पास है।

भैरूदासोत गांव माणकलाव, किंजरी, मेव, थरासनी, खेतासर खाबडा कला, सांवतकुआ, भणियाणा, खेतासर, निंबाउ, भाटीयों का खेडा चित्तौड, मेली, खाकरलाई इत्यादि गांवों में होने की जानकारी है मेवाड व एमपी में व इडर में और गांव हो सकते है। प्रयागदासोत गांव सेदरीया, आकडावास कोमता, लालाणा, सांवरला, खेजडयाली, देवरयाली, बुरड, कुपावास, भानावास, मोखंडी (प्रयागदासोतों का पाटवी ठीकाना), जालोर में भूंडवा, डकात्तरा, दामण व जेतु इत्यादि।

बणवीर जी जैसावत के बणवीरोत कहलाते हैं पर कई जगह बेणीदासोत कहते है ये गांव उमादेसर, लवेरा खुर्द व बिकानेर के दंड कला में होने की जानकारी है।

इस प्रकार जैसा भाटीयों के नखो का संक्षिप्त वर्णन है।

17/11/2025
22/10/2025

*शुभं करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्*
*शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीप ज्योति नमोस्तुते ||*

विक्रम सावंत २०८२ का नया साल आपके ओर आपके परिवार के जीवन में सुख, मंगल,समृद्धि और स्वास्थ्य प्रदान करे यही मां भगवती से प्राथना एवम् शुभेच्छा 💐

19/10/2025

संत श्री सियाराम बाबा 🙏🚩

🙏 🙏

The history of ❤️🌷💌

The History of Photography
Photography, the art and science of capturing images, has evolved dramatically since its inception. Here's a timeline of its key milestones:

1. Early Beginnings
Camera Obscura (5th Century BCE): The concept of projecting an image through a small hole was described by Chinese philosopher Mozi and later by Aristotle. It was used for artistic and scientific purposes but could not record images.

2. First Permanent Photograph (1826)
Joseph Nicéphore Niépce: In 1826, Niépce created the first permanent photograph, View from the Window at Le Gras, using a process called heliography. It required an 8-hour exposure on a pewter plate.

3. The Daguerreotype (1839)
Louis Daguerre: Daguerre introduced the daguerreotype process, which reduced exposure time to minutes and produced detailed, single-image photographs on silver-plated copper.

4. Calotype and Paper Negatives (1841)
William Henry Fox Talbot: Talbot invented the calotype process, which used paper negatives, allowing multiple copies of an image to be made. This was a precursor to modern photography.

5. Wet Plate Collodion Process (1851)
Frederick Scott Archer: The wet plate process improved image quality and reduced exposure times. However, it required photographers to develop images immediately, often in portable darkrooms.

6. Dry Plate Photography (1870s)
Richard Leach Maddox: The invention of dry plates eliminated the need for on-site chemical development, making photography more convenient and portable.

7. The Birth of Modern Photography (1888)
George Eastman and Kodak: Eastman revolutionized photography with the Kodak camera, which used roll film. The slogan "You press the button, we do the rest" made photography accessible to the masses.


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