09/12/2025
जन्म शताब्दी संकल्प समारोह अखिल विश्व गायत्री परिवार दिया राजस्थान
7 दिसम्बर को वेदना निवारण केंद्र, मानसरोवर जयपुर में दिया राजस्थान की प्रांतीय समिति की वार्षिक बैठक आयोजित की गई जिसमें राजस्थान के सभी जिलों से दिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र के व्यवस्थापक आर डी गुप्ता बाबू जी एवम दिया कि वरिष्ठ प्रतिनिधि श्री रमेश छंगाणी द्वारा दीपप्रज्वलन के साथ किया गया।
वंदेमातरम गीत के 150 वर्ष पूरे होने के गौरव का स्मरण करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत बहनों द्वारा वंदेमातरम गीत के साथ कि गई।
स्वागत भाषण में दिया एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य श्री सन्दीप त्रिपाठी ने युवाओं को संगठन निर्माण के 3 सूत्र
Clarity, Commitment, Caring का महत्व समझाया।
दिया के कार्यो जिम्मेदारियों के प्रति स्पष्ठता, प्रतिबद्धता और संगठन के सभी सदस्यों के साथ आत्मीयता।
इसके बिना संगठन का काम नही हो सकता।उन्होंने स्पष्ठ किया कि दिया का हर सदस्य मूल रूप से गायत्री परिवार का कार्यकर्ता है, संगठन एक ही है गायत्री परिवार और दिया मिशन के रचनात्मक आंदोलन को गति देने का, नए युवाओ को जोड़ने का,नए प्रयोग करने का माध्यम है।
श्री रमेश छंगाणी जी ने दिया आंदोलन के 13 वर्ष की यात्रा में सफलता के पड़ाव के बारे में बताया कि हम सब केवल पारिवारिकता के सूत्र से बंध कर चलते रहे और टीम का हर सदस्य एक दूसरे का पूरक बनकर काम करता रहा। हमने पहले अपने परिवारों को आपस मे जोड़ा फिर बाहर वालो को जोड़ने निकले परिणाम स्वरूप 5 से 25 की यात्रा आसान हो गई और हम सभी के परिवार आज तकः एक दूसरे के साथ जुड़े है, शायद इसीलिए गुरुदेव ने मिश्रा का नाम गायत्री परिवार रखा था, इसलिए हमें पहले आपस मे एक दूसरे के परिवार के साथ जुड़ना जरूरी है।
अलग अलग जिलों से आये प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र में चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी दी और अगले वर्ष के लिए कई संकल्प लिए।
दिया युवा प्रभारी प्रणय तिवारी ने बताया कि पूरे प्रदेश में युवा जोड़ो अभियान के अंतर्गत नित्य नए प्रयोग किए जा रहे हैं, उदयपुर में विगत वर्ष आरोहण 2024 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ जिसमें यूनिसेफ के साथ 22 संस्था शामिल हुई इसके बाद बाद अन्य जिलों में भी विद्यालय महाविद्यालय में आरोहण के माध्यम से युवाओ की समस्याओं का समाधान गुरुदेव के विचारों द्वारा किया जा रहा है।
इसके साथ ही महाविद्यालय में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन, युवाओं के बीच जैविक कृषि को लेकर कार्यशाला, वृक्षारोपण, महाविद्यालय में दिया क्लब का गठन, आवासीय समर कैम्प उत्कर्ष, युवाओ के बीच व्यक्तित्व विकास शिविरों का आयोजन प्रदेश के कई जिलों में किया जा गया। प्रणय ने युवाओ के बीच नशे के साथ ही सोशल मीडिया के खतरों के बारे में चिंता जताई और इस पर युवाओ को जागरूक करने के लिए वरिष्ट भाइयों से कार्ययोजना बनाने का निवेदन किया।
प्रो डॉ राजकुमार सतनाकर ने दिया राजस्थान के विशिष्ट कार्यक्रमों के बारे में बताया कि आज हर परिवार की सबसे बड़ी चिंता उंसके बड़े होते अपने ही बच्चे है। जेनरेशन गैप जैसी समस्याओं के समाधान के लिए दया राजस्थान युवा- अभिभावक कार्यशाला का आयोजन कर रहा है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं
इसी तरह युवाओं को सामाजिक कार्यो से जोड़ने के लिए विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किए गए है जिसमे यूनिसेफ के द्वारा विभिन्न प्रोजेक्ट पर युवाओ को स्कालरशिप भी दी जा रही है।
इसके साथ ही इस वर्ष दिया राजस्थान द्वारा देव संस्कृति विश्व विद्यालय में सामाजिक विकास पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जिसमें कई संस्थाओं ने अपने पेपर्स पर चर्चा की इसे इस वर्ष और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में 284वे साप्ताहिक वृक्षारोपण के अंतर्गत ओम प्रकाश अग्रवाल बाबू जी, आर डी गुप्ता बाबू जी, सन्दीप त्रिपाठी, रमेश छंगाणी और मुकेश मीणा जी द्वारा खेचडी का पौधे का पूजन किया गया जिसे चुरू जिले में वृक्षारोपण अभियान को गति देने के लिए जिला दिया समन्वयक नीरज जांगिड़ को भेंट किया गया।
कार्यक्रम के समापन के क्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार राजस्थान के प्रभारी आदरणीय ओम प्रकाश अग्रवाल बाबूजी ने अपने सम्बोधन में दिया राजस्थान द्वारा किये जा रहे कार्यो की मुक्त कंठ से प्रशंसा की साथ ही उन्होंने युवा जोड़ो अभियान को राजस्थान के सभी जिलों तकः पहुचाने का निवेदन किया। युवाओ का मार्गदर्शन करते नए उन्होंने आत्मीयता के विस्तार के साथ ही सभी का सम्मान करने और सलाह लेने का सूत्र दिया, साथ ही युवाओ द्वारा चलाए जा रहे सभी कार्यक्रमों में संगठन का पूर्ण सहयोग मिलते रहने का आश्वासन दिया।
अंत मे जन्म शताब्दी संकल्प के अंतर्गत सभी युवाओं ने वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। जैसलमेर से मनीषा छंगाणी दीदी ने वंदनीय माता जी के परिवार निर्माण के सूत्रों को घर घर पहुंचाने के लिए प्रदेश में मैं हूँ निर्मात्री कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। जयपुर से ममता त्रिपाठी, संजना शर्मा, सुषमा शर्मा दीदी ने बहनों के बीच स्वावलंबन और ग्रामीण क्षेत्रो में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता शिविर चलाने का संकल्प लिया।