श्री गोपाल गौशाला Jhunjhunu

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झुंझुनू: श्रीगोपाल गौशाला में 125 वर्षों से जारी है सेवा का महायज्ञ, अत्याधुनिक एम्बुलेंस बन रही है बीमार गोवंश का सहारा...
12/06/2026

झुंझुनू: श्रीगोपाल गौशाला में 125 वर्षों से जारी है सेवा का महायज्ञ, अत्याधुनिक एम्बुलेंस बन रही है बीमार गोवंश का सहारा

झुंझुनू: राजस्थान के झुंझुनू स्थित श्रीगोपाल गौशाला आज सेवा, समर्पण और मानवता की अनूठी मिसाल बनी हुई है। पिछले 125 वर्षों से निरंतर संचालित यह गौशाला न केवल बेसहारा गोवंश के लिए आश्रय स्थल है, बल्कि दानदाताओं के उदार सहयोग से समाज सेवा का एक बड़ा केंद्र भी बन चुकी है।

सेवा की एक लंबी विरासत-
सवा सौ वर्षों की लंबी यात्रा में श्रीगोपाल गौशाला ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन भामाशाहों और सेवाभावी लोगों के अटूट समर्थन ने इसकी नींव को हमेशा मजबूत रखा है। गौशाला प्रबंधन का कहना है कि यहाँ केवल गोवंश की देखरेख नहीं होती, बल्कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से उन्हें जीवनदान देने का प्रयास किया जाता है।

आधुनिक तकनीक से लैस एम्बुलेंस: एक बड़ी राहत-
इसी मानवीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, वर्षों पूर्व श्री आनंदी देवी श्यामसुंदर संगई (जसरापुर वाले) और संगई फाउंडेशन, मुंबई द्वारा गौशाला को एक अत्याधुनिक एम्बुलेंस भेंट की गई थी। इस एम्बुलेंस की सबसे बड़ी विशेषता इसमें लगा हाइड्रोलिक सिस्टम है।

महत्व: हाइड्रोलिक सिस्टम के कारण बीमार या घायल गोवंश को एम्बुलेंस में चढ़ाने और उतारने में आसानी होती है, जिससे असहाय पशुओं को अनावश्यक पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती।

दैनिक उपयोग: इस एम्बुलेंस के माध्यम से प्रतिदिन जरूरतमंद गोवंश को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गौशाला के दैनिक कार्यों में अभूतपूर्व सहयोग मिल रहा है।

भामाशाहों के सहयोग से बढ़ रहे विकास के कदम-
गौशाला प्रबंधन ने बताया कि संगई फाउंडेशन जैसे उदारमना भामाशाहों के सहयोग से ही गौशाला निरंतर आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही है। समाज के प्रबुद्ध और दानशील व्यक्तियों की ऐसी सहभागिता ही गौ-संरक्षण के पुनीत कार्य को और अधिक प्रभावी बनाती है। आने वाले समय में भी गौशाला प्रबंधन समाज के सहयोग से ऐसी ही अन्य आवश्यक सुविधाओं को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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गौ भक्त दानदाता विनोद जी सिंघानिया द्वारा श्री गोपाल गौशाला में 11 जून को अपनी पोती के जन्मदिवस के अवसर पर मीठा दलिया सव...
11/06/2026

गौ भक्त दानदाता विनोद जी सिंघानिया द्वारा श्री गोपाल गौशाला में 11 जून को अपनी पोती के जन्मदिवस के अवसर पर मीठा दलिया सवामण भोग गोवंश को अर्पित किया गया।

गौमाता से प्रार्थना है कि दानदाता गौभक्त परिवार को हमेशा खुशहाल रखें।

गो भक्त दानदाता श्रीमती पूर्णी देवी श्री अशोक जी खेतान की ओर से गाय चराई में हराचारा 5 दिवस तक 8 जून से 12 जून तक श्री ग...
09/06/2026

गो भक्त दानदाता श्रीमती पूर्णी देवी श्री अशोक जी खेतान की ओर से गाय चराई में हराचारा 5 दिवस तक 8 जून से 12 जून तक श्री गोपाल गौशाला झुंझुनू में गोवंश को दिया जा रहा है।

गौ माता से प्रार्थना है कि दानदाता गौभक्त परिवार को हमेशा खुशहाल रखें।

गौ भक्त दानदाता विनोद जी कानोडिया एडवोकेट द्वारा श्री गोपाल गौशाला में 7 जून रविवार को अपने परिवार की खुशहाली के लिए मीठ...
08/06/2026

गौ भक्त दानदाता विनोद जी कानोडिया एडवोकेट द्वारा श्री गोपाल गौशाला में 7 जून रविवार को अपने परिवार की खुशहाली के लिए मीठा दलिया सवामण भोग गोवंश को अर्पित किया गया।

गौमाता से प्रार्थना है कि दानदाता गौभक्त परिवार को हमेशा खुशहाल रखें।

सेवा और नवाचार का संगम: श्री गोपाल गौशाला, झुंझुनूं का 125 वर्षों का स्वर्णिम सफर, पिछले 5 वर्षों से ई-रिक्शा गौशाला में...
08/06/2026

सेवा और नवाचार का संगम: श्री गोपाल गौशाला, झुंझुनूं का 125 वर्षों का स्वर्णिम सफर, पिछले 5 वर्षों से ई-रिक्शा गौशाला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वरदान बना

झुंझुनूं: पिछले 125 वर्षों से अनवरत गो-सेवा के क्षेत्र में अग्रणी रही श्री गोपाल गौशाला, झुंझुनूं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि परंपरा और आधुनिकता का सही तालमेल समाज के लिए वरदान साबित होता है। गौ-सेवा के साथ-साथ नवाचारों के लिए देशभर में पहचान रखने वाली यह गौशाला अब केवल गौ-वंश का आश्रय स्थल नहीं, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हो चुकी है।

सुविधाजनक गौ-दर्शन के लिए अनूठी पहल-
गौशाला का परिसर अत्यंत विशाल है, जहाँ हर कोने में गोवंश की सेवा की जाती है। बड़े-बुजुर्ग गो-भक्तों को गौशाला के हर स्थल तक पहुँचाने और उन्हें सहजता से गौ-दर्शन कराने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई।

स्वर्गीय श्री रामनाथ जी तुलस्यान की पुण्य स्मृति में, उनके सुपुत्र श्री कालूराम तुलस्यान एवं श्री इन्द्रचन्द तुलस्यान परिवार द्वारा 14 अप्रैल 2021 को श्री गोपाल गौशाला को एक ई-रिक्शा भेंट किया गया। यह कदम गौशाला के प्रबंधन में मील का पत्थर साबित हुआ है।

5 वर्षों से सुगम हो रहा गौ-भक्तों का अनुभव-
पिछले 5 वर्षों से यह ई-रिक्शा गौशाला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वरदान बना हुआ है। अब बुजुर्ग और असहाय व्यक्ति भी बिना किसी थकान के पूरे परिसर का भ्रमण कर सकते हैं। इस नवाचार के माध्यम से गौ-भक्त गौशाला के सुदूर कोनों में जाकर भी गोवंश की सेवा कर पा रहे हैं।

भामाशाहों का अतुलनीय सहयोग-
श्री गोपाल गौशाला की यह प्रगति उदारमना भामाशाहों के सहयोग के बिना संभव नहीं थी। समय-समय पर यहाँ आने वाले दानदाताओं ने अपने सहयोग से न केवल सुविधाओं का विस्तार किया है, बल्कि इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस एक पर्यटन स्थल का रूप भी दिया है। आज झुंझुनूं की यह गौशाला देशभर के उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो गौ-सेवा के साथ समाज हित में कार्य करना चाहते हैं।

श्री गोपाल गौशाला झुंझुनू द्वारा संचालित 'नंदीशाला' जल संरक्षण की अनूठी मिसाल!झुंझुनू: शहर में श्री गोपाल गौशाला द्वारा ...
05/06/2026

श्री गोपाल गौशाला झुंझुनू द्वारा संचालित 'नंदीशाला' जल संरक्षण की अनूठी मिसाल!

झुंझुनू: शहर में श्री गोपाल गौशाला द्वारा संचालित 'नंदीशाला' गौ-सेवा के क्षेत्र में एक प्रकाश पुंज बनकर उभरी है। यह केवल एक गौशाला नहीं, बल्कि उन नंदी महाराज के लिए एक सुरक्षित अभयारण्य है, जो कभी सड़कों पर असहाय जीवन जीने को मजबूर थे।

🌟 नंदीशाला: एक सुरक्षित आश्रय

लगभग सात वर्ष पूर्व शुरू हुई इस पहल ने आज शहर की तस्वीर बदल दी है। नंदीशाला का मुख्य लक्ष्य स्पष्ट है—बेसहारा नंदी महाराज को सड़कों से हटाकर उन्हें एक सुरक्षित, गरिमामयी और स्वस्थ जीवन प्रदान करना।

संस्था की प्रमुख सुविधाएं:

सुरक्षित आशियाना: कड़ाके की ठंड, गर्मी और बारिश जैसे विपरीत मौसम से बचाने के लिए विशाल और सुदृढ़ 'टिन-शेड' (Tinshed) का निर्माण किया गया है।

पौष्टिक आहार: यहाँ नंदी महाराज के लिए हर समय उच्च गुणवत्ता वाला हरा चारा और सूखे चारे (कड़बी) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है।

आधुनिक प्रबंधन:नबीमार और घायल पशुओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, लोडर की सुविधा और पानी के टैंकों का कुशल प्रबंधन इसे एक आधुनिक पशु कल्याण केंद्र बनाता है।

💧 जल संरक्षण अभियान: 'कुएं का जीर्णोद्धार' बना आकर्षण का केंद्र

नंदीशाला न केवल पशु सेवा के लिए जानी जा रही है, बल्कि यहाँ जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्य भी चर्चा का विषय हैं। इस पुनीत कार्य में तुलस्यान परिवार का योगदान अनुकरणीय रहा है।

नंदीशाला परिसर में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कुएं का जीर्णोद्धार किया गया है। यह सराहनीय कार्य स्व. रमा देवी, स्व. छाजुराम तुलस्यान एवं पौत्र स्व. आलोक तुलस्यान की पुण्य स्मृति में उनके परिवारजन श्री आत्माराम, सुरेश कुमार, पवन कुमार, सुभाष चन्द्र एवं संपूर्ण तुलस्यान परिवार** द्वारा करवाया गया है। यह कुआं न केवल नंदीशाला की जल आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि भूजल संरक्षण के प्रति एक सशक्त संदेश भी दे रहा है।

🙏 भामाशाहों का समर्पण

नंदीशाला की सफलता में झुंझुनू के भामाशाहों की भूमिका सर्वोपरि है। संस्था का प्रबंधन मानता है कि बिना दानदाताओं के सहयोग के इस विशाल गौ-सेवा प्रकल्प को संचालित करना संभव नहीं था। गौशाला प्रबंधन ने इस विशेष जल संरक्षण कार्य के लिए तुलस्यान परिवार का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

झुंझुनू की यह नंदीशाला आज अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बनकर उभरी है, जो यह साबित करती है कि समाज के सहयोग से मूक पशुओं का जीवन संवारा जा सकता है और जल जैसी अमूल्य धरोहर को बचाया जा सकता है।

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🐄 झुंझुनू की 'नंदीशाला':सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल!झुंझुनू: सड़कों पर भटकते बेसहारा पशुओं की पीड़ा अब एक इतिहास बनने ...
04/06/2026

🐄 झुंझुनू की 'नंदीशाला':सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल!

झुंझुनू: सड़कों पर भटकते बेसहारा पशुओं की पीड़ा अब एक इतिहास बनने की ओर है। झुंझुनू शहर में श्री गोपाल गौशाला द्वारा संचालित 'नंदीशाला' गौ-सेवा के क्षेत्र में एक प्रकाश पुंज बनकर उभरी है। यह केवल एक गौशाला नहीं, बल्कि उन नंदी महाराज (सांडों) के लिए एक सुरक्षित अभयारण्य है, जो कभी दुर्घटनाओं के शिकार होकर सड़कों पर दम तोड़ देते थे।

🌟 नंदीशाला: एक सुरक्षित आश्रय
लगभग सात वर्ष पूर्व शुरू हुई इस पहल ने आज शहर की तस्वीर बदल दी है। नंदीशाला का मुख्य लक्ष्य स्पष्ट है—बेसहारा नंदी महाराज को सड़कों से हटाकर उन्हें एक सुरक्षित और गरिमामयी जीवन प्रदान करना।

प्रमुख सुविधाएं और प्रबंधन:

सुरक्षित आशियाना: नंदी महाराज को विपरीत मौसम से बचाने के लिए विशाल और सुदृढ़ 'टिन-शेड' (Tinshed) का निर्माण किया गया है।

पोषण का विशेष ध्यान: यहाँ नंदी महाराज के लिए हर समय पौष्टिक हरा चारा और सूखे चारे (कड़बी) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है।

आधुनिक प्रबंधन: बीमार और घायल पशुओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, लोडर की सुविधा और पानी के टैंकों का कुशल प्रबंधन इसे एक आधुनिक पशु कल्याण केंद्र बनाता है।

🙏 भामाशाहों का सहयोग: जालान परिवार की अनुकरणीय पहल
नंदीशाला की सफलता में झुंझुनू के दानदाताओं (भामाशाहों) की भूमिका सर्वोपरि रही है। इसी कड़ी में जालान परिवार का योगदान प्रेरणादायक है। स्वर्गीय श्रीमती बीना चैनानी की स्मृति में उनके भाई श्री आलोक कुमार जालान (कोलकात्ता) द्वारा नंदीशाला के प्रवेश द्वार पर कराए गए निर्माण कार्यों ने इस संस्था की आधारभूत संरचना को मजबूती दी है। गौशाला प्रबंधन ने इस पुनीत कार्य के लिए जालान परिवार के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है।

🚦 सामाजिक प्रभाव: सड़क दुर्घटनाओं में कमी
नंदीशाला के संचालन का सकारात्मक प्रभाव पूरे शहर में महसूस किया जा रहा है:

यातायात में सुगमता: सड़कों पर पशुओं की संख्या कम होने से जाम की समस्या कम हुई है।

दुर्घटनाओं पर अंकुश: सड़कों पर घूमने वाले सांडों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी दर्ज की गई है।

सामुदायिक एकजुटता: यह स्थान आम नागरिकों, प्रशासन और गौ-भक्तों के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक बन चुका है।

गौशाला प्रबंधन का संदेश:
"यह पुनीत कार्य दानदाताओं के निरंतर सहयोग से ही फलीभूत हो रहा है। हम उन सभी भामाशाहों का हृदय से अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने गौ-सेवा को अपना धर्म माना है।"


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झुंझुनू में सेवा की अनूठी मिसाल: 'नंदीशाला' के मंदिर में गूंजते हैं गौ-भक्तों के भजन, बेसहारा नंदी महाराज के लिए बना 'स्...
02/06/2026

झुंझुनू में सेवा की अनूठी मिसाल: 'नंदीशाला' के मंदिर में गूंजते हैं गौ-भक्तों के भजन, बेसहारा नंदी महाराज के लिए बना 'स्वर्ग'

झुंझुनू: झुंझुनू शहर के बगड रोड स्थित 'श्री गोपाल गोशाला' द्वारा संचालित नंदीशाला आज बेसहारा नंदी महाराज (सांडों) के लिए एक सुरक्षित और गरिमामय आश्रय स्थल बनकर उभरी है। सात वर्ष पूर्व शुरू हुई यह पहल आज न केवल गोवंश के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है, बल्कि शहर की सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम कर यातायात को भी सुगम बना रही है।

मंदिर: नंदीशाला का आध्यात्मिक केंद्र-
इस नंदीशाला की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थित भव्य मंदिर है, जो गो-भक्तों के लिए आकर्षण और आस्था का मुख्य केंद्र है। इस मंदिर का निर्माण स्व. श्री हरिराम टीबड़ा (सर्राफ) की पुण्य स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती किरण देवी, पुत्र श्री राघव टीबड़ा एवं पुत्रवधु गीतिका टीबड़ा द्वारा 10 अप्रैल 2022 (चैत्र शुक्ला नवमी, संवत 2079) को करवाया गया था।

नियमित पूजा-अर्चना: मंदिर में सुबह-शाम नियमित रूप से पुजारी द्वारा आरती की जाती है।

गौ-भक्तों का जमावड़ा: मंदिर परिसर में गो-भक्तों का निरंतर आना-जाना लगा रहता है। यहाँ बैठकर भजन-कीर्तन करना और गो-सेवा का अनुभव लेना भक्तों के लिए आध्यात्मिक शांति का माध्यम बन गया है।

सामाजिक जुड़ाव: नंदीशाला में होने वाले विशेष आयोजनों में भी मंदिर की उपस्थिति श्रद्धालुओं को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है।

भामाशाहों की प्रेरणादायक निष्ठा-
यह पुनीत कार्य दानवीरों और भामाशाहों के सहयोग के बिना संभव नहीं था। गोशाला प्रबंधन ने उन सभी भामाशाहों का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने अपनी निष्ठा और सेवाभाव से इस नंदीशाला को एक सुव्यवस्थित आश्रय स्थल का रूप दिया है। यह पहल झुंझुनू के नागरिकों और प्रशासन के बीच एक सकारात्मक तालमेल की मिसाल पेश करती है।

नंदीशाला: आधुनिक सुविधाओं का केंद्र
सड़कों पर लावारिस घूमने वाले नंदी महाराज को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से यहाँ पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:

आवास: भीषण गर्मी, सर्दी और बारिश से सुरक्षा के लिए विशाल 'टिन शेड' की व्यवस्था।

आहार: पौष्टिक हरे और सूखे चारे (कड़बी) की निरंतर आपूर्ति।

चिकित्सा: बीमार और घायल गोवंश के लिए त्वरित उपचार हेतु प्राथमिक चिकित्सा सुविधा।

आधुनिक प्रबंधन: रखरखाव के लिए लोडर मशीन और बड़े पानी के टैंकों का कुशल प्रबंधन।

श्री गोपाल गोशाला की यह नंदीशाला आज जीव-दया और जनसेवा का एक आदर्श उदाहरण बनी हुई है, जहाँ आस्था और आधुनिक सेवा मिलकर बेसहारा गोवंश के जीवन को संवार रही हैं।

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झुंझुनू: श्री गोपाल गौशाला में 'मनोकामना पूर्ण हुंडी' की स्थापना, गोभक्तों के लिए होगा विशेष आकर्षणझुंझुनू। राजस्थान में...
01/06/2026

झुंझुनू: श्री गोपाल गौशाला में 'मनोकामना पूर्ण हुंडी' की स्थापना, गोभक्तों के लिए होगा विशेष आकर्षण

झुंझुनू। राजस्थान में गोसेवा के क्षेत्र में अपने नवाचारों और उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए विख्यात श्री गोपाल गौशाला, झुंझुनू ने एक बार फिर नई पहल की है। गौशाला के पदाधिकारियों द्वारा गोभक्तों की श्रद्धा और सेवा को जोड़ने के लिए परिसर में 'मनोकामना पूर्ण हुंडी' स्थापित की गई है।

हिसार गौशाला के मॉडल पर नवाचार:
कुछ माह पूर्व श्री गोपाल गौशाला के एक प्रतिनिधिमंडल गोशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया, मंत्री प्रदीप पाटोदिया, पूर्व मंत्री नेमी अग्रवाल एवं डॉ डीएन तुलस्यान ने हरियाणा स्थित हिसार गौशाला का दौरा किया था। वहां की व्यवस्थाओं और 'मनोकामना हुंडी' के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को देखते हुए, झुंझुनू गौशाला ने इसे अपने यहाँ भी लागू करने का निर्णय लिया। इसी कड़ी में विशेष रूप से तैयार मंगवाई गई हुंडी को अब झुंझुनू गौशाला में स्थापित कर दिया गया है।

क्या है 'मनोकामना पूर्ण हुंडी' का उद्देश्य?
गौशाला पदाधिकारियों के अनुसार, इस हुंडी की स्थापना के पीछे आध्यात्मिक और सेवाभावी उद्देश्य छिपे हैं:

श्रद्धा का संगम: गोभक्त अपनी किसी भी विशेष मन्नत या मनोकामना की पूर्ति के संकल्प के साथ इस हुंडी में दान अर्पित कर सकेंगे।

गोसेवा में विस्तार: हुंडी के माध्यम से एकत्रित होने वाली राशि का पूर्ण उपयोग गौवंश के संरक्षण, चारे, चिकित्सा और गौशाला के विकास कार्यों में किया जाएगा।

आत्मिक संतुष्टि: माना जाता है कि कामधेनु (गौमाता) की सेवा से सभी कष्ट दूर होते हैं। यह हुंडी भक्तों को अपनी प्रार्थना और दान को सीधे गोसेवा से जोड़ने का माध्यम प्रदान करती है।

"श्री गोपाल गौशाला हमेशा से ही गौवंश के संवर्धन के लिए नए प्रयोग करती रही है। हिसार से प्रेरित होकर लाई गई यह हुंडी गोभक्तों की आस्था का केंद्र बनेगी और इससे होने वाली आय से गौवंश की सेवा को और मजबूती मिलेगी।"
— गौशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया एवं मंत्री प्रदीप पाटोदिया

नवाचारों में अग्रणी है यह गौशाला
गौरतलब है कि श्री गोपाल गौशाला को राजस्थान की सर्वश्रेष्ठ गौशालाओं में गिना जाता है। यहाँ न केवल गौवंश के रहने की उत्तम व्यवस्था है, बल्कि समय-समय पर आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पद्धतियों का मेल देखने को मिलता है। इस नई पहल से स्थानीय लोगों और गोभक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

झुंझुनू में सेवा की मिसाल: श्री गोपाल गोशाला की 'नंदीशाला' बन रही बेसहारा नंदी महाराज का सहाराझुंझुनू: झुंझुनू शहर में श...
31/05/2026

झुंझुनू में सेवा की मिसाल: श्री गोपाल गोशाला की 'नंदीशाला' बन रही बेसहारा नंदी महाराज का सहारा

झुंझुनू: झुंझुनू शहर में श्री गोपाल गोशाला द्वारा संचालित 'नंदीशाला' बेसहारा नंदी महाराज (सांडों) के लिए एक सुरक्षित स्वर्ग बनकर उभरी है

जल सेवा: भामाशाहों की अनूठी पहल-
इस पुनीत कार्य में भामाशाहों का सहयोग अत्यंत प्रेरणादायक है। नंदीशाला के प्रवेश द्वार के समीप स्थित पानी की टंकी, जिसके माध्यम से नंदी महाराज के लिए जल की निर्बाध आपूर्ति की जाती है, जिसे श्री बनवारी लाल जी केड़िया (बिजुसर प्रवासी, हैदराबाद) द्वारा लगवाया गया था। दिनांक 3 नवंबर 2011 से लगातार सुचारू रूप से जल की यह सेवा जारी है, जो गो-भक्तों की निष्ठा और सेवाभाव को दर्शाती है।

श्री गोपाल गोशाला प्रबंधन ने ऐसे सभी भामाशाहों का आभार व्यक्त किया है, जिनके सहयोग से यह नंदीशाला आज बेसहारा पशुओं के लिए एक आश्रय स्थल के रूप में अपनी सेवा दे रही है। यह नंदीशाला न केवल गोवंश के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है, बल्कि झुंझुनू के नागरिकों और प्रशासन के बीच एक सकारात्मक तालमेल की मिसाल भी पेश कर रही है।

लगभग सात वर्ष पूर्व शुरू हुई यह अनूठी पहल आज सड़क पर लावारिस घूमने वाले नंदी महाराज के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। इस नंदीशाला का मुख्य उद्देश्य न केवल गौवंश को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है, बल्कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम कर यातायात को सुगम बनाना भी है।

नंदीशाला: सुविधाओं का केंद्र
इस अभयारण्य में नंदी महाराज की सेवा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:

आवास: भीषण गर्मी, सर्दी और बारिश से सुरक्षा के लिए नंदी महाराज हेतु विशाल 'टिन शेड' (Tinshed) की व्यवस्था की गई है।

आहार: यहाँ पौष्टिक हरे और सूखे चारे (कड़बी) की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है।

चिकित्सा: बीमार और घायल नंदी महाराज के उपचार के लिए प्राथमिक चिकित्सा सुविधा मौजूद है।

आधुनिक तकनीक: रखरखाव को सरल बनाने के लिए लोडर और बड़े पानी के टैंकों का कुशल प्रबंधन किया गया है।

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