10/06/2026
एशिया कप गोल्ड मेडलिस्ट कप्तान केतन का झांसी आगमन पर एहिहासिक स्वागत
झांसी।एशिया कप विजेता कप्तान केतन कुशवाहा का जापान से भारत लौटने पर उनके गृह नगर झांसी में भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।
दिल्ली से ट्रेन द्वारा झांसी पहुंचने पर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर केतन के स्वागत में सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। वहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों,विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी,खेल अधिकारी एवं स्थानीय राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने उनकी अगवानी की।
स्टेशन से बाहर निकलते ही केतन को तिरंगे झंडे के साथ एक खुली गाड़ी में बिठाया गया। स्टेशन से शुरू होकर शहर के चित्र चौराहों पर स्थापित हॉकी जादूगर मेजर ध्यानचंद की मूर्ति पर केतन ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया फिर काफिला
इलाइट ,जीवनशाह चौराहे होते हुए लक्ष्मी व्यायाम मंदिर पर रुका। वहीं गणेश सत्संग भवन में उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
नगर विधायक रवि शर्मा,पूर्व ओलंपियन अर्जुन अवॉर्डी अशोक ध्यानचंद,झांसी हॉकी के अध्यक्ष अभिषेक भार्गव सचिव सुबोध खांडेकर,बुंदेलखंड सेवा मंडल पदाधिकारी नरोत्तम अग्रवाल,
प्रभात सक्सेना,संजय पटवारी,
साथी खिलाड़ियों,विभिन्न खेल एवं सामाजिक संगठनों ने उन्हें सम्मानित किया।बुंदेलखंड सेवा मंडल के द्वारा पदक विजेताओ को ग्यारह ग्यारह हजार रुपये के साथ सम्मान पत्र, श्रीफल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी कर्मवीर सिंह,सुनील कुमार,खेल विश्लेषक बृजेंद्र यादव,अशोक गुप्ता, संतोष गुप्ता, देवी सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नौबत सिंह अशोक सन पाली, इब्राहिम खान,अशोक ओझा, सलीम उद्दीन, सतीश चन्द्र, सुरेश भागौरिया, मुन्नालाल कुशवाहा, नरेन्द्र गोस्वामी,पी.के. श्रीवास्तव, ओ.एस. भटनागर, आर. पी. सिंह चन्दुमाहन राय, लखनलाल, रहीस मंसूरी, डॉ. वी.वी. आर्या, संजीव गुष्ठे, सुनील शर्मा, सत्यप्रकाश गुप्ता, सीताराम कुशवाहा, केशवानन्द कुशवाहा दिलीप कुशवाहा, रिषभ कुशवाहा, मोहित कुशवाहा, रोहित कुशवाहा, महन्द्र कुशवाहा, दिपेन्द्र कुशवाहा आदि ने भी दिनों पदक विजेताओं को सम्मानित किया।
इसके बाद उनके घर तक एक भव्य विजय जुलूस (रोड शो) निकाला गया, जहां लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की।
केतन ने महज 8 साल की उम्र में लक्ष्मी व्यायाम शाला में हॉकी खेलना शुरू किया था, उस लक्ष्मी व्यायाम मंदिर मैदान पर उनके शुरुआती कोच कैलाश कुशवाहा थे।
नन्हे खिलाड़ियों ने अपने इस 'स्टार कप्तान' का विशेष सम्मान किया।
अंत में जब वह अपने घर पहुंचे, तो पूरे मोहल्ले को त्योहार की तरह सजाया गया था। उनकी मां और परिवार की महिलाओं ने आरती उतारकर और मिठाई खिलाकर इस 14 वर्षीय चैंपियन बेटे का गृह-प्रवेश कराया।