Jharkhand Ghasi Yuva Wing

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"एकता, शिक्षा और अधिकार की आवाज़"

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08/04/2026

Hot Vacancy For Voice ( WFH ) 0 - 1 years 1.5-2 Lacs P.A.
Remote Hiring office located in Kolkata Send me jobs like this Posted: 4 days ago Openings:

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25/03/2026

द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान गिराए गए दो जिंदा बम में से एक को बहरागोड़ा में सेना के सहयोग से निष्क्रिय किया गया दूसरे को निष्क्रिय करने का प्रयास जारी

25/03/2026

जागो संगठन ने उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम के द्वारा शहर के ठेका सफाई मजदूरों के हक में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग न‌ई दिल्ली को मांग पत्र सौंपा

21/03/2026

Tata motors में ठेका प्रतिष्ठान BVG के माध्यम से लम्बे समय से कार्यरत सफाई मजदूरों को ठगा गया
कल जो इन मजदूरों का सेटलमेंट किया गया वह सम्पूर्ण रूप से श्रम कानूनों का उलंघन करते हुए तथा गैर कानूनी तरीके अपना कर किया गया है जबरदस्त घाटे का सौदा किया गया
साफ-सफाई एवं सेनिटेशन का कार्य स्थाई प्रकृति का कार्य है और टाटा मोटर्स में 1979 हुए समझौते के अनुसार सेटलमेंट होता तो लम्बे समय से कार्यरत हमारे समाज के सफाई मजदूरों को बहुत बड़ा आर्थिक लाभ मिलता
लेकिन दुर्भाग्यवश आधा-अधूरा ज्ञान रखने वाले गुटों में फंस कर मजदूरों ने अपना कानूनी अधिकारों से बहुत बड़ा घाटा हो गया है नुकसान हो गया।

और यह बात मै दावे और चुनौती के साथ कह रहा हूं.

पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से।पिछले विधानसभा चुनाव में हमारे समाज पर जो भी आरोप लगाए गए थे, उससे हमारे गौरव...
14/03/2026

पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से।

पिछले विधानसभा चुनाव में हमारे समाज पर जो भी आरोप लगाए गए थे, उससे हमारे गौरवशाली इतिहास और सम्मान को गहरी ठेस पहुँची थी।

मुखी समाज के सभी भाईयों, बहनों और समाज के वरिष्ठ लोगों से विनम्र आग्रह है कि उस अपमान को भूलना नहीं है। इस बार अपना कीमती वोट सोच-समझकर ऐसे ईमानदार व्यक्ति को दें, जो किसी नेता के आगे-पीछे न घूमता हो, बल्कि अपने समाज को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहता हो।

अब समय आ गया है कि हम अपने मान-सम्मान, गौरव और समाज के साथ हुए अपमान का जवाब दें और बदलाव की ओर कदम बढ़ाएं।

इसलिए एक बार हमारे समाज के ईमानदार बेटे अर्जुन मुखी जी को अपना समर्थन और वोट देकर उन्हें सेवा का अवसर दें।

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा पर घासी समाज की परंपरा – भुना जोन्हर अर्पणश्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन कोल्हान क्षे...
09/08/2025

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा पर घासी समाज की परंपरा – भुना जोन्हर अर्पण
श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन कोल्हान क्षेत्र का घासी (मुखी) समाज अपने इष्ट देव और पूर्वजों को “भुना हुआ जोन्हर” (भुना चना या अनाज) अर्पित करता है। यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि समाज की ऐतिहासिक पहचान और पूर्वजों के प्रति सम्मान को भी दर्शाती है।
विवरण
समय:
श्रावण मास की शुक्ल पूर्णिमा (रक्षाबंधन के आसपास का दिन)
विधि:
प्रातः स्नान के बाद घर के आंगन या पूजा स्थल की सफाई की जाती है।
जोन्हर (चना या धान का दाना) को भूनकर तैयार किया जाता है।
इसे पत्तल, दोना या पीतल/तांबे की थाली में रखा जाता है।
सबसे पहले इष्ट देव (ग्राम देवता या कुल देवता) को अर्पित किया जाता है।
इसके बाद पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए जल और भुना जोन्हर अर्पित किया जाता है।
अर्पण के बाद परिवारजन इसे आपस में प्रसाद रूप में ग्रहण करते हैं।

महत्व:
मान्यता है कि इस दिन पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
भुना जोन्हर अर्पण करना समृद्धि, सुख-शांति और अच्छी फसल के लिए शुभ माना जाता है।
यह समाज में एकता और पारिवारिक जुड़ाव का अवसर भी है।
लोककथा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
घासी समाज की यह परंपरा उनके कृषक और पशुपालक जीवन से जुड़ी है। पुराने समय में श्रावण महीने में खेतों में रोपाई का काम पूरा हो जाता था और गांवों में वर्षा के बीच थोड़ा विश्राम का समय आता था। समाज के बुजुर्ग बताते हैं कि पूर्वजों ने अपने इष्ट देव को धन्यवाद देने और पूर्वजों को याद करने के लिए यह दिन तय किया।

लोककथा के अनुसार, प्राचीन समय में घासी समाज के एक गांव में अकाल पड़ा। वर्षा कम हुई और खेतों में फसल नहीं उगी। तब गांव के एक बुजुर्ग ने सपना देखा कि अगर श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन इष्ट देव को भुना जोन्हर और जल अर्पित किया जाए, तो वर्षा और फसल दोनों अच्छी होंगी। अगले वर्ष जब समाज ने यह परंपरा निभाई, तो भरपूर वर्षा हुई और खेत सोने की तरह लहलहा उठे। तब से यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है।

यह रस्म केवल पूजा नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने, पूर्वजों के आशीर्वाद को याद रखने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति सिखाने का माध्यम है।

🚨 गर्व का क्षण! 🎉हिंदुस्तान ऑलंपियाड 2024 के विजेता कबीर मुखी को मिली कार! 👏🔥जमशेदपुर के छोटे से बालक कबीर मुखी ने अपनी ...
06/07/2025

🚨 गर्व का क्षण! 🎉
हिंदुस्तान ऑलंपियाड 2024 के विजेता कबीर मुखी को मिली कार! 👏🔥

जमशेदपुर के छोटे से बालक कबीर मुखी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से पूरे देश का दिल जीत लिया है। हिंदुस्तान अखबार द्वारा आयोजित हिंदुस्तान ऑलंपियाड 2024 में कबीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार स्वरूप एक नई कार जीती है।

यह न सिर्फ उनके माता-पिता, बल्कि पूरे घासी (मुखी) समाज और झारखंड के लिए गर्व की बात है।

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