11/01/2024
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मेरी माँ साहेब के दुःखद निधन पर शत शत नमन करते हुए दो शब्द अर्ज है l माँ साहेब घर का आधार स्तम्भ (थूणी) , घर की रौनक, घर की लक्ष्मी, आशीर्वाद का अथाह समंदर, परिवार को जोड़ कर रखने वाली मजबूत सांकल (चैन) , वात्सल्य की गहरी नदी, माँ के लिए जितनी भी उपमाएं दो कम ही है l मैंने और मेरे परिवार ने वो खोया है जो इस जीवन में पुनः कभी प्राप्त नहीं होगा l मेरा आप सभी से (विशेष तौर से युवा शक्ति से) यही निवेदन है कि जीवन बहुत छोटा है l जिस व्यक्ति के पास माँ - पिता का सानिध्य है वह व्यक्ति इस दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति है l जिस व्यक्ति के साथ इस जोड़ी या दोनों में से एक भी भगवान है उसके आगे सोने का ढेर भी तुच्छ है l जब इनमें से एक भी आपके पास नहीं होंगे तब इनकी क़ीमत आपको पता चलेगी l हमारे लिए इस नश्वर प्रकृति में माँ - पिता ही जीवित ईश्वर है l जो इनके आशीर्वाद से वँचित रहा वह दुनिया का सबसे अभागा व्यक्ति है l जो व्यक्ति इनकी सेवा करने से वँचित रहा वह इनके जाने के बाद बहुत पछतायेगा l क्षमा करें, मैंने बहुत अधिक लिख दिया पर मैंने इस छोटे से जीवन में जो महसूस किया उसका उल्लेख ही कर रहा हूँ l*
*आप सभी साथियों, मित्रों, युवा साथियों और शुभचिंतकों ने मेरे इस दुःखद और असीम शोक समय में सांत्वना के शब्दों के साथ मुझे संबल दिया, मेरी माँ साहेब के लिए श्रद्धा प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी उसके लिए मैं तथा मेरा पूरा परिवार आपके आभारी रहेंगे l*💐💐🙏🙏
*आपका अपना*
*सूजाराम इणखिया*
*चांधन , जैसलमेर*
*प्रदेश संरक्षक, राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर)*